UN में इजराइल-फिलिस्तीन विवाद पर बड़ी बहस, भारत ने क्या कहा? जानिए कौन सा देश किसके साथ खड़ा है

Israel Palestine conflict UN solution: दशकों से चले आ रहे इजरायल-फिलिस्तीन विवाद ने न केवल पश्चिम एशिया बल्कि पूरे विश्व की शांति व्यवस्था को प्रभावित किया है। हर संघर्ष के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय में यह सवाल फिर से गूंजता है क्या इस जटिल और भावनात्मक रूप से संवेदनशील मुद्दे का कभी स्थायी समाधान निकल पाएगा?

इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक उच्चस्तरीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें 193 सदस्य देशों में से अधिकांश ने भाग लिया। फ्रांस और सऊदी अरब की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन में 'दो-राज्य सिद्धांत' को लेकर वैश्विक सहमति बनाने की कोशिश की गई। हालांकि अमेरिका और इजराइल जैसे प्रमुख देश इस मंच से दूर रहे, लेकिन यह सम्मेलन फिर भी एक निर्णायक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

Israel Palestine conflict UN solution

क्या हुआ सम्मेलन में?

सम्मेलन के दौरान 'न्यूयॉर्क डिक्लरेशन' नामक एक ठोस योजना प्रस्तुत की गई, जिसमें गाज़ा में चल रहे युद्ध को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने और एक स्वतंत्र फिलिस्तीन राज्य की स्थापना का स्पष्ट खाका पेश किया गया। खास बात यह रही कि इस प्रस्ताव में इजरायल की सुरक्षा को भी बराबर महत्व दिया गया।

कौन से देश किसके पक्ष में खड़े हैं

भारत

  • रुख: बिना किसी का पक्ष लिए, शांति और बातचीत को सबसे ज़रूरी बताया
  • दो-राज्य समाधान का समर्थन
  • युद्धविराम, मानवीय सहायता और बंधकों की रिहाई की अपील
  • बातचीत और कूटनीति पर ज़ोर

रूस

  • रुख: फिलिस्तीन समर्थक (संतुलन के साथ)
  • दो-राज्य समाधान का पुराना समर्थक
  • इजराइल को पहले मान्यता देने वाला देश भी रहा
  • गाज़ा में संघर्ष खत्म करने का पक्षधर

अमेरिका

  • रुख: इजराइल समर्थक, सम्मेलन से दूर
  • इस कॉन्फ्रेंस का बहिष्कार किया
  • हमास के हमले की निंदा
  • इजराइल की सुरक्षा को सर्वोपरि मानता है

फ्रांस

  • रुख: दो-राज्य समाधान का सशक्त समर्थन
  • सम्मेलन की अध्यक्षता सऊदी अरब के साथ
  • गाज़ा में युद्ध समाप्त करने की अपील
  • मानवीय संकट पर गहरी चिंता

सऊदी अरब

  • रुख: फिलिस्तीन समर्थक
  • स्वतंत्र फिलिस्तीन की स्थापना का समर्थन
  • हमास के हमले की भी आलोचना
  • गाज़ा में युद्धविराम की मांग

संयुक्त अरब अमीरात (UAE)

  • रुख: फिलिस्तीन समर्थक
  • राहत अभियान में सक्रिय
  • युद्धविराम और स्पष्ट रोडमैप की मांग
  • फिलिस्तीन के भविष्य के लिए ठोस समाधान का समर्थन

ब्रिटेन

  • रुख: दो-राज्य समाधान का समर्थन
  • ऐतिहासिक ज़िम्मेदारी का हवाला
  • UNRWA की फंडिंग फिर शुरू की
  • मानवीय सहायता और हथियार निर्यात पर नियंत्रण

बांग्लादेश

  • रुख: फिलिस्तीन समर्थक
  • आत्मनिर्णय और संप्रभुता की मांग
  • संघर्ष की तुलना अपने स्वतंत्रता संग्राम से की

पाकिस्तान

  • रुख: तीव्र फिलिस्तीन समर्थक
  • गाज़ा को 'अंतरराष्ट्रीय कानून का कब्रिस्तान' बताया
  • इजराइल पर आम नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप

मिस्र, जॉर्डन, कतर, टर्की

  • रुख: फिलिस्तीन के साथ
  • हमास की आलोचना भी, लेकिन गाज़ा में इजराइली कार्रवाई की निंदा
  • दो-राज्य समाधान और युद्धविराम की मांग

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किस देश ने क्या कहा?

  • भारत ने दो-राज्य समाधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और युद्धविराम व कूटनीतिक संवाद की वकालत की।
  • रूस ने इजराइल और फिलिस्तीन-दोनों को समर्थन देने की ऐतिहासिक भूमिका का जिक्र किया।
  • UAE ने युद्ध रोकने और मानवीय राहत की दिशा में ठोस रोडमैप की मांग की।
  • ब्रिटेन ने अपनी ऐतिहासिक जिम्मेदारी का हवाला देते हुए समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही।
  • पाकिस्तान और बांग्लादेश ने फिलिस्तीन के आत्मनिर्णय और मानवीय संकट पर तीखी टिप्पणियां कीं।
  • अरब देशों ने पहली बार एक सुर में हमास के 7 अक्टूबर 2023 के हमले की आलोचना की।

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