इस हफ्ते यूनाइटेड नेशंस का सबसे बड़ा मेला, 100 शक्तिशाली नेता तय करेंगे विश्व का भविष्य, जानिए एजेंडे
यूनाइटेड नेशंस जनरल एसेंबली की बैठक के अलावा सबसे ज्यादा चर्चा क्वाड की बैठक को लेकर होने वाला है, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन की पीएम मोदी से मुलाकात होगी। इस बैठक पर पूरी दुनिया की नजर होगी।
न्यूयॉर्क, सितंबर 20: संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) का 76वां सत्र अपने उच्च स्तरीय सप्ताह की शुरुआत करने के लिए तैयार है, जहां कोविड -19 टीकों तक पहुंच बढ़ाने और जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरों का सामना करने पर चर्चा होगी। पिछले साल कोरोनावायरस महामारी के कारण इस बैठक का आयोजन वर्चुअली किया गया था, लेकिन इस बार दुनिया के सभी बड़े देशों के राष्ट्राध्यक्ष इस बैठक में शामिल होंगे और अलग अलग एजेंडों पर चर्चा करेंगे।

यूएनजीए की बैठक
संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक 27 सितंबर तक चलेगा। हालांकि, अमेरिका में लगातार बढ़ते कोविड मामलों के बीच कामयाबी के साथ इस बैठक को कराना आसान नहीं होगा, लेकिन कई एहतियात बरते गये हैं। कोविड -19 प्रतिबंधों के कारण आने वाले नेताओं के साथ आने वाला दल पहले जितना बड़ा नहीं होगा। संयुक्त राष्ट्र के मुख्य हॉल में प्रतिनिधिमंडल चार सदस्यों तक सीमित रहेगा, जबकि साइड इवेंट ज्यादातर वर्चुअल होंगे।

कोरोना महामारी के तहत सख्त इंतजाम
- यूनाइटेड नेशंस जनरल एसेंबली की बैठक में विश्व के 100 देशों के नेता शिरकत करेंगे।
- इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले राष्ट्राध्यक्षों में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन और ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो शामिल हैं। जबकि, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ईरान के नए राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी इस बार अलग अलग वजहों से बैठक में शामिल नहीं होंगे।
- संयुक्त राष्ट्र चाहता है कि राजनयिकों को वैश्विक संकट के मुद्दों को हल करने के लिए आमने-सामने मिलना चाहिए। हालांकि, इसे सुपर-स्प्रेडर इवेंट बनने से रोकने के लिए कई तरह के अलग अलग इंतजाम किए गये हैं, ताकि अगर कोई कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आता है, तो वो भी महामारी का शिकार ना बने।

यूएनजीए के एजेंडे
- जलवायु परिवर्तन पर ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन विश्व के नेताओं से "ठोस कार्रवाई" करने का आह्वान करेंगे। उनकी यात्रा को पार्टियों के सम्मेलन (COP26) संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर सम्मेलन के 26वें सत्र के लिए एक महत्वपूर्ण अग्रदूत के रूप में देखा जा रहा है, जिसकी मेजबानी यूनाइटेड किंगडम द्वारा नवंबर में ग्लासगो में की जाएगी।
- अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय सत्र में अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में अपने पहले संबोधन में कोविड-19 महामारी को समाप्त करने, जलवायु संकट का मुकाबला करने और मानवाधिकारों, लोकतंत्र और अंतरराष्ट्रीय नियमों पर आधारित व्यवस्था की रक्षा पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
- संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस 20 सितंबर को न्यूयॉर्क शहर में बाइडेन से मुलाकात करेंगे। बाइडेन 21 सितंबर को जनरल डिबेट को संबोधित करेंगे, जो प्रतिष्ठित महासभा हॉल से विश्व नेताओं के लिए उनके राष्ट्रपति बनने के बाद पहला संबोधन होगा।
- तालिबान द्वारा काबुल पर कब्जा करने के बाद अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के बारे में भी जो बाइडेन के बोलने की संभावना है। बाइडेन दुनिया को आश्वस्त करने की कोशिश करेंगे कि अमेरिका अपनी जल्दबाजी के बावजूद बहुपक्षीय मंच पर एक विश्वसनीय नेता है।
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों - अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, चीन और फ्रांस के विदेश मंत्रियों के बुधवार को एक बैठक में अफगानिस्तान की स्थिति पर चर्चा करने की उम्मीद है।
- इस सप्ताह का अंत एशिया में अमेरिका के कुछ करीबी सहयोगियों के नेताओं के साथ होगा। जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ऑस्ट्रेलियाई प्रधान मंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापानी प्रधान मंत्री योशिहिदे सुगा, शुक्रवार को क्वाड ब्लॉक की पहली व्यक्तिगत बैठक के लिए वाशिंगटन जा रहे हैं।












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