युद्धग्रस्त सुमी में फंसे इंडियन स्टूडेंट से भारतीय दूतावास ने कहा- निकलने के लिए तैयार रहें
नई दिल्ली, 06 मार्च: यूक्रेन और रूस के बीच जारी गोलीबारी व सैन्य संघर्ष के कारण करीब 700 भारतीय छात्र यूक्रेन के सुमी शहर में फंसे हुए हैं। इन फंसे हुए लोगों को लेकर भारतीय दूतावास की ओर से एक एडवाइजरी जारी की है। यूक्रेन के उत्तरपूर्वी शहर सूमी के मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में फंसे भारतीय छात्रों को भारतीय दूतावास ने "अल्प सूचना पर तैयार रहने" के लिए कहा है। यूक्रेन के पोल्टावा में भारतीय दूतावास की एक टीम मौजूद है। जो 700 से अधिक छात्रों के लिए सुरक्षित मार्ग का समन्वय करने की कोशिश कर रही है।

गोलाबारी से प्रभावित सूमी से निकासी भारतीय अधिकारियों के लिए एक चुनौती बनी हुई है। वहीं छात्रों ने कहा कि वे अब कड़ाके की ठंड, खाद्य आपूर्ति में कमी से जूझ रहे हैं। इससे पहले युद्धग्रस्त यूक्रेन के उत्तर-पूर्वी राज्य सूमी में फंसे सूमी मेडिकल यूनिवर्सिटी के करीब 600 भारतीय छात्र जोखिम उठाते हुए सीमा की ओर रवाना हो गए थे। कैंपस से रवाना होने से पहले इन छात्रों ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया था।
वहीं दूसरी ओर इंडियन वर्ल्ड फोरम ने यूक्रेन के रेडक्रॉस की सहायता से सूमी में फंसे भारतीय छात्रों तक मानवीय सहायता पहुंचवाई है। बताया जाता है कि युद्धग्रस्त यूक्रेन के सूमी शहर में फंसे भारतीय छात्रों तक रविवार को पानी के साथ ही अन्य जरूरी सामान मुहैया कराए गए। संगठन की ओर से कहा गया है कि सूमी में फंसे भारतीय छात्रों तक पानी और जरूरी सामान पहुंचवाए जा रहे हैं।
वहीं अन्य युद्धग्रस्त इलाके जैसे खारकीव से भारतीय नागरिकों को निकाल लिया गया है। वहीं कीव में भारतीय दूतावास ने यह पता लगाने के लिए एक कैंपेन शुरू किया कि कहीं कोई और भारतीय नागरिक यूक्रेन के किसी युद्धग्रस्त इलाके में तो नहीं फंसा हुआ है। भारतीय दूतावास ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक पोस्ट के जरिए ऐसे किसी भी भारतीय नागरिक का ब्यौरा मांगा है।












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