यूक्रेन का कैट कैफे, जो रूसी हमलों के बाद भी खुला हुआ है, जानिए क्यों
पश्चिमी यूक्रेन का एक शहर ल्विव, रूस-यूक्रेन युद्ध के दूसरे दिन शुक्रवार को लगभग पूरी तरह बंद था, लेकिन गोलियों और धमाकों की आवाज के बीच वहां के प्रसिद्ध 'कैट कैफे' के दरवाजे अभी भी खुले हुए हैं।
कीव, 26 फरवरी। पश्चिमी यूक्रेन का एक शहर ल्विव, रूस-यूक्रेन युद्ध के दूसरे दिन शुक्रवार को लगभग पूरी तरह बंद था, लेकिन गोलियों और धमाकों की आवाज के बीच वहां के प्रसिद्ध 'कैट कैफे' के दरवाजे अभी भी खुले हुए हैं। कैफे के मालिकों का कहना है कि हम ल्विव को नहीं छोड़ सकते। उन्होंने कहा कैफे में 20 बिल्लियां हैं जिनका पेट भरने के लिए हमें अपने बिजनेस को चालू रखना होगा। सीएनएन की एक एंकर एरिन बर्नेट से बातचीत में कैफे के मालिकों ने कहा कि हमारी बिल्लियां बहादुर हैं।

एरिन ने बयां किए यूक्रेन के हालात
बता दें कि ल्विव में युद्ध के हालातों को कवर करने के दौरान जब एरिन बर्नेट खाने की तलाश में इधर उधर भटक रही थीं, तब उन्हें सिर्फ यह कैट कैफे खुला हुआ दिखाई दिया। उसी दौरान उनकी कैफे के मालिकों से बातचीत हुई। यूक्रेन के वर्तमान हालातों और कैफे के बारे में ट्वीट करते हुए एरिक ने कहा, 'यहां अंधकार है, हालात खराब हैं, लेकिन मुझे कुछ ऐस मिला जो एक मुस्कान को रोक नहीं सका। मुझे केवल एकमात्र भोजनालय खुला मिला-कैट कैफे। मालिकों के पास जो कुछ भी है वह उसी से खाना बना रहे हैं-वे मुस्कुराए: हमारी बिल्लियां बहादुर हैं।'
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ऐसे हालातों में भी मुस्कुरा रहे थे कैफे मालिक
एरिन ने ट्वीट किया, 'एक जगह कितनी छोटी-छोटी कहानियों से बनी होती है और हर कहानी बड़ी होती है। कैट कैफे इसलिए खुला है क्योंकि मालिकों का कहना है-यहां 20 बिल्लियां हैं जिन्हें खाना खिलाना है। ये हमारी जिंदगी हैं। वे इन्हें नहीं छोड़ेंगे।'
It is a dark and heavy day here. But I found something that couldn’t stop a smile. The only food I saw open - Cat Cafe. The owners are making food with what they have - they smiled: “Our cats are brave”. pic.twitter.com/wAGEF9oPfW
— Erin Burnett (@ErinBurnett) February 25, 2022
चारों तरफ अंधकार सड़कें फांक रहीं धूल
एरिन बर्नेट ने अपने शो में कैफे में अपने अनुभव के बारे में बताते हुए कहा- दोपहर होते-होते यहां की सड़कें लगभग सुनसान थीं। कुछ भी खुला नहीं था। पिछले सप्ताह व्यस्त रहने वाले रेस्तरां पूरी तरह से बंद कर दिए गए थे। शहर भर में घूमने के बाद मैं अपनी टीम के साथ दोपहर का भोजन करने के लिए निकली। आधे घंटे चलने के बाद मैंने केवल एक कैफे खुला देखा। रूसी हमलों से बचने के लिए एक परिवार ने कैफै में शरण ली थी। उनके पास विशाल बैकपैक्स और कंबल थे...लेकिन वे पहिए पर घूमती बिल्ली को देखकर मुस्कुरा रहे थे।
हम चले गए तो हमारी बिल्लियों को कौन खाना खिलाएगा
एरिन ने आगे बताया कि कैफे के मालिकों ने बताया कि यदि वे चले गए तो उनकी बिल्लियों को कोई खाना नहीं खिलाएगा। हम यूक्रेन कभी नहीं छोड़ेंगे। एरिन ने बताया कि वे वहां रुके हुए हैं क्योंकि वे अपनी बिल्लियों से बेहद प्यार करते हैं। इस घटना ने मुझे एहसास कराया कि लोग ऐसे ही कई कारणों की वजह से ऐसे हालातों में भी यूक्रेन में बने हुए हैं।












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