जेलेंस्की के अधिकारी ने अजीत डोभाल से की बात, एक सप्ताह पहले ही पुतिन से मिले थे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार
जानकारी के मुताबिक, यूक्रेन के राष्ट्रपति के कार्यालय के प्रमुख एंड्री यरमक ने एनएसए अजित डोभाल से फोन पर बात की है। हालांकि, दोनों के बीच क्या बातचीत हुई, इसकी जानकारी अभी नहीं मिल सकी है।

File Image: PTI
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को एक दिन बाद एक साल पूरे हो जाएंगे। इस जंग का नतीजा कब और क्या निकलेगा यह कोई भी नहीं जानता है। दूर-दूर तक ये जंग किसी ठोस नतीजे पर पहुंचती दिखाई नहीं दे रही है। युद्ध के एक साल पूरा होने से ठीक पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने देश की संसद को संबोधित किया था। वहीं, अब यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय के अधिकारी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से बात की है।
राष्ट्रपति कार्यालय ने दी जानकारी
जानकारी के मुताबिक, यूक्रेन के राष्ट्रपति के कार्यालय के प्रमुख एंड्री यरमक ने एनएसए अजित डोभाल से फोन पर बात की है। हालांकि, दोनों के बीच क्या बातचीत हुई, इसकी जानकारी अभी नहीं मिल सकी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय ने इसकी जानकारी दी है। आपको बता दें कि हाल ही में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अजीत डोभाल से मुलाकात की थी। दोनों के बीच मुलाकात रूस की राजधानी मॉस्कों में हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों के बीच विभिन्न द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई।
कई घंटे तक चली पुतिन-डोवाल की बैठक
भारतीय दूतावास ने एक ट्वीट में बताया था कि अजित डोभाल ने पुतिन से एक घंटे तक आमने-सामने बैठक की। कई रिपोर्ट में ये दावा किया गया कि इस दौरान दोनों ने वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा वातावरण और सदियों पुराने भारत-रूस संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर विस्तार से बात की। मास्को में स्थित राजनयिकों के मुताबिक अजित डोभाल ने पुतिन से दो बार बात की। इससे पहले, पुतिन ने मंगलवार को अपने देश की संसद को संबोधित किया था। पुतिन यूक्रेन संकट का जिम्मेदार पश्चिमी देशों को बताते हुए खुद को पीड़ित की तरह से पेश किया। पुतिन ने पश्चिमी देशों की कई शिकायतें गिनाईं और उसके बाद कहा कि रुस अमेरिका के साथ अहम परमाणु हथियार समझौते को निलंबित कर रहा है।
2010 में हुआ था समझौता
दोनों देशों के बीच यह समझौता 2010 में हुआ था। 'न्यू स्टार्ट' नाम की इस संधि में परमाणु हथियारों की अधिकतम संख्या की सीमा तय करने के साथ दोनों देशों के परमाणु संयंत्रों की जांच की अनुमति देना शामिल था। रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका परमाणु परीक्षण करता है तो रूस भी इसे दोबारा शुरू कर देगा। इससे पहले अमेरिका ने ये दावा किया था कि रुस ने जांच की इजाजत देने से इनकार करते हुए संधि का उल्लंघन किया था।












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