‘रविवार’ का दिन हमेशा याद रखेंगे पुतिन, यूक्रेन ने चुन-चुन के रूसी सैनिकों को दी मौत, अब तक 71,200 मरे
रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध के 250 दिन हो चुके हैं। अब तक यूक्रेनी हमले में रूस के करीब एक हजार सैनिक मारे गए है जो कि रूस के लिए अब तक का सबसे जबरदस्त झटका है।
रूस द्वारा चार बड़े यूक्रेनी इलाकों पर कब्जा जमाने के बाद से यूक्रेन अधिक कठोर प्रतिक्रिया देने में जुट गया है। यूक्रेन ने रूस पर अब तक का सबसे बड़ा हमला करते हुए एक ही दिन में हजार से भी अधिक सैनिक मार गिराए हैं। ब्रिटिश वेबसाइट 'द सन' द्वारा जारी एक रिपोर्ट में यूक्रेनी अधिकारियों के हवाले से यह दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में रूस के करीब एक हजार सैनिक मारे गए है जो कि रूस के लिए अब तक का सबसे जबरदस्त झटका है।

रूसी सेना पड़ रही कमजोर
अधिकारियों के मुताबिक यूक्रेन लगातार रूसी सेना को पीछे धकेल रहा है। यूक्रेन का दावा है कि रविवार को उसने रूस के 950 को मार गिराया है। गौरतलब है कि 24 फरवरी को शुरू हुए रूस-यूक्रेन संघर्ष में यह एक दिन में सबसे ज्यादा सैनिकों के मारे जाने की घटना है। इसके साथ ही अभी तक मारे गए रूसी सैनिकों की कुल संख्या 71,200 तक पहुंच गई है। यूक्रेन ने यह भी दावा किया कि उसने रविवार को रूस के 52 बख्तरबंद वाहनों, 13 टैंकों और एक क्रूज मिसाइल को निस्तेनाबूद किया है। यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को 44 रूसी क्रूज मिसाइलों को मार गिराने का भी दावा किया है।

खेरसॉन में मजबूत हो रहा यूक्रेन
'द सन' के अनुसार जेलेंस्की की सेना दक्षिणी शहर खेरसॉन इलाके में बढ़ती ही जा रही है वहीं, रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कथित रूप से अपने 'खराब प्रशिक्षित' सैनिकों को मरने के लिए भेज रहे हैं, क्योंकि वह इस क्षेत्र पर हर हालत में कब्जा करना चाहते हैं। यूक्रेनी बलों द्वारा उनके बख्तरबंद टैंकों पर हमला करने के बाद कुछ रूसी सैनिकों को भागते हुए देखा गया।

पुराने हथियारों से लड़ रहे रूसी सैनिक
इस बीच ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने यह दावा किया है कि पुतिन के नए रंगरूटों को पुरानी राइफलों से लैस किया गया है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक रूसी सैनिकों को एकेएम राइफल्स से लैस दिखाया गया है। यह राइफल एक पुराना हथियार है जिसे पहली बार 1959 में पेश किया गया था। मंत्रालय ने कहा कि ये हथियार इस्तेमाल करने के लिहाज से बिल्कुल ठीक नहीं हैं।

रूस ने किया रणनीति में बदलाव
इस बीच रूस ने यूक्रेन पर हमला करने की अपनी रणनीति में बदलाव किया है। रूस ने गंभीर झटके के बाद नागरिक बुनियादी ढांचे को लक्षित करके कीव और यूक्रेन के अन्य इलाकों में अपने हमले जारी रखा है। रूस के हमले से कीव में 80 फीसदी से अधिक घरों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो चुकी है। 3.5 लाख घरों की बिजली प्रभावित भी हुई है। इस बढ़ती सर्दी में यह किसी सितम से कम नहीं है। पीने के पानी की भी समस्या भी उत्पन्न हो रही है।












Click it and Unblock the Notifications