Ukraine Crsisis: ‘अगले 24 घंटे बेहद नाजुक’, अब परमाणु बम के सहारे पुतिन...पढ़िए 10 बड़े अपडेट्स

यूक्रेन युद्ध में पिछले 24 घंटों में सबसे बड़ी घटनाक्रम ये है, कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने रक्षा प्रमुखों से देश के परमाणु "प्रतिरोध बलों" को हाई अलर्ट पर रखने के लिए कहा है।

कीव/मॉस्को/वॉशिंगटन/नई दिल्ली, फरवरी 28: यूक्रेन युद्ध काफी नाजुक मोड़ ले रहे हैं औऱ अब रूसी राष्ट्रुपति ने अपने परमाणु फोर्स को एक्टिवेट कर दिया है। यानि, यूक्रेन युद्ध में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से अब इनकार नहीं किया जा सकता है। वहीं, यूक्रेन ने सोमवार को दावा किया है कि, पिछले हफ्ते मास्को में हमले शुरू होने के बाद से अब तक 3,500 रूसी सैनिक मारे गए हैं और 200 से अधिक सैनिकों को युद्धबंदी बनाया गया है। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र में क्रेमलिन द्वारा कीव के दावों का खंडन किया गया है। वहीं, युद्ध के बीच आज बेलारूस की सीमा के पास यूक्रेन और रूसी प्रतिनिधियों के बीच मुलाकात होगी, लेकिन इस बातचीत के परिमाण निकलने की उम्मीद काफी कम है। वहीं, यूक्रेन ने कहा है कि, इस युद्ध में उसके 14 बच्चों सहित 352 नागरिक मारे गए हैं और 116 बच्चों सहित 1,684 लोग घायल हुए हैं।

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    यूएनजीए का दुर्लभ सत्र

    यूएनजीए का दुर्लभ सत्र

    वहीं, यूक्रेन युद्ध पर संयुक्त राष्ट्र महासभा का दुर्लभ आपात सत्र सोमवार को बुलाया गया है। सत्र बुलाने के प्रस्ताव के खिलाफ बोलते हुए रूस के राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र से कहा कि, "यूएनएससी अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के रखरखाव के लिए अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी का प्रयोग करने में विफल रहा है।" वहीं, संयुक्त राष्ट्र महासभा का आपात विशेष सत्र आज सुबह 10 बजे (न्यूयॉर्क समयानुसार) होगा। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र के अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद सत्र की अध्यक्षता करेंगे।

    रूस ने ‘परमाणु बलों’ को एक्टिवेट किया

    यूक्रेन युद्ध में पिछले 24 घंटों में सबसे बड़ी घटनाक्रम ये है, कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने रक्षा प्रमुखों से देश के परमाणु "प्रतिरोध बलों" को हाई अलर्ट पर रखने के लिए कहा है। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि, "मैं रक्षा मंत्री और रूसी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के प्रमुख को रूसी सेना के ‘डेटरेंस फोर्स' को स्पेशल मोड पर डालने का निर्देश देता हूं।‘' रूसी राष्ट्रपति पुतिन पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गये काफी कड़े प्रतिबंधों से काफी बौखलाए नजर आ रहे हैं और उन्होंने कहा कि, ‘आप देख रहे हैं कि, पश्चिमी देश ने केवल आर्थिक तौर पर बल्कि, हमारे देश के लिए दुश्मन हैं, मेरा मतलब नाजायज प्रतिबंधों से है'।

    प्रतिबंधों से बौखलाए पुतिन

    प्रतिबंधों से बौखलाए पुतिन

    रूसी राष्ट्रपति पुतिन की टिप्पणी यूक्रेन युद्ध को लेकर पिछले कुछ दिनों में दुनिया भर के देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बाद आई है। देश के सबसे बड़े बैंकों पर प्रतिबंध से लेकर पुतिन की संपत्ति की कुर्की तक की गई है। वहीं, बढ़ते वैश्विक दबाव के बीच क्रेमलिन के खिलाफ कई दंडात्मक उपाय किए गए हैं। रूस के तमाम बड़े बैंको पर अत्यंत सख्त प्रतिबंध लगाए गये हैं, जिससे रूस की अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हो रही है।

    जेलेंस्की-जॉनसन में बातचीत

    जेलेंस्की-जॉनसन में बातचीत

    डाउनिंग स्ट्रीट के प्रवक्ता थे समाचार एजेंसी रॉयटर्स के हवाले से कहा गया है कि, ब्रिटेन के प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन के साथ बातचीत में यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने सोमवार सुबह कहा कि, 'यूक्रेन के लिए अगले 24 घंटे नाजुक हैं'। जॉनसन ने कहा कि, यूके और उसके सहयोगी यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे कि रक्षात्मक सहायता यूक्रेन तक पहुंचे।

    रूस ने पहली बार माना नुकसान

    रूस ने पहली बार माना नुकसान

    वहीं, यूक्रेन युद्ध के चौथे दिन अंत में पहली बार रूस ने अपने सैनिकों के हुए नुकसान की बात मानी है। हालांकि, रूस की तरफ से अभी भी मारे गये सैनिकों की निश्चित संख्या नहीं बताई गई है। रूसी रक्षा मंत्रालय के प्रवत्ता मेजर जनरल इगोर कोनाशेनकोव ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि, ‘हमारे कुछ साथियों की मौत हुई है और कुछ साथी घायल हैं'। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि, रूस के नुकसान यूक्रेन की सेनाओं की तुलना में "कई गुना" कम हुए हैं।

    रूस के लिए एयरस्पेस बंद

    रूस के लिए एयरस्पेस बंद

    वहीं, यूरोपीय संघ ने रूस के खिलाफ पहली बार बेहद सख्त कदम उठाया है और यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा है, कि यूरोपीय देशों के 27 देशों के ब्लॉक ने रूसी विमानों के लिए अपने एयरस्पेस को बंद करने का फैसला लिया है और रूसी स्वामित्व वाले, रूसी रजिस्ट्रेशन वाले विमानों को यूरोपीय देशों के हवाई क्षेत्र से गुजरने की इजाजत नहीं है। समाचार एजेंसी एपी ने रिपोर्ट किया है कि, कनाडा ने भी रूसी एयरलाइंस के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है।

    हजारों लोगों का पलायन

    हजारों लोगों का पलायन

    यूक्रेन के हजारों लोग गुरुवार को भी युद्ध से बचने के लिए यूक्रेन की सीमा से पलायन कर चुके हैं और रूस ने बढ़ते मानवीय संकट में अपने पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू किया था। वहीं, यूनिसेफ ने कहा है कि, यूक्रेन युद्ध में लाखों बच्चे खतरे में हैं।

    कीव में रूसी हमले तेज

    कीव में रूसी हमले तेज

    वहीं, रूसी सेना ने यूक्रेन पर अपने हमले तेज कर दिए हैं और बातचीत के घटनाक्रम के बावजूद, रूस ने आक्रामकता में कमी नहीं की है। कीव की राजधानी में दर्जनों इमारतों को तबाह कर दिया गया है और अब सड़कों पर भी लड़ाई शुरू हो गई है। हालांकि, यूक्रेनी सेना काफी मजबूती के साथ लड़ाई लड़ रही है और तमाम एक्सपर्ट्स अब इस बात पर सहमत हैं, कि युद्ध के पांचवें दिन रूस अब फ्रस्टेट हो चुका है, क्योंकि रूस को अभी तक यूक्रेन में कोई खास कामयाबी नहीं मिल पाई है।

    दुनियाभर से यूक्रेन को मदद

    दुनियाभर से यूक्रेन को मदद

    एक वक्त अकेला नजर आ रहे यूक्रेन को अब पूरी दुनिया से समर्थन मिलना शुरू हो गया है और रूस की निंदा पूरी दुनिया में शुरू हो गई है। वहीं, अंतर्राष्ट्रीय सहयोगियों ने रूस पर भारी दबाव बढ़ा दिया है और आने वाले दिनों में यूक्रेन की मदद के लिए अतिरिक्त सहायता का वादा किया गया है। जर्मनी ने शनिवार शाम को घोषणा की है, कि वह 1,000 टैंक रोधी हथियार और 500 "स्टिंगर" सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल यूक्रेन को "जितनी जल्दी हो सके" भेजेगा। वे हथियार 400 जर्मन-निर्मित एंटी-टैंक हथियारों के अलावा हैं, जिन्हें जर्मनी ने नीदरलैंड से भी भेजने की मंजूरी दी थी, साथ ही एस्टोनिया से 9 डी -30 हॉवित्जर और गोला-बारूद भी यूक्रेन को भेजा जा रहा है।

    रूस की अर्थव्यवस्था पर ‘एटम बम’

    रूस की अर्थव्यवस्था पर ‘एटम बम’

    वहीं, रूस पर अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक स्ट्राइक किया गया है और अमेरिका समेत तमाम यूरोपीय देश रूस को ‘स्विफ्ट' से निकालने के लिए सहमत हो गये हैं। और अगर रूस को स्विफ्ट से बाहर कर दिया जाता है, तो उसे 600 अरब डॉलर के कारोबार से बाहर कर दिया जाएगा, जो उसकी अर्थव्यवस्था पर परमाणु बम गिराने जैसा होगा। लिहाजा, अब रूस के लिए इस संकट से बाहर निकलना नामुमकिन के बराबर होगा और रूस के लिए ये लड़ाई ‘आत्मघाती' साबित हो सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि, रूस चीन के भरोसे जरूर है, लेकिन चीन भी अपने दायरे से बाहर जाकर रूस की मदद नहीं कर सकता है और इस लड़ाई का नतीजा ना सिर्फ पुतिन के लिए ‘खतरनाक', बल्कि रूस के लिए भी ‘विनाशकारी' हो सकता है।

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