यूक्रेन के पलटवार के बाद पुतिन के देश में आपातकाल का ऐलान, 1000KM क्षेत्र पर कब्जा, सवा लाख लोग घरों से भागे
Russia-Ukraine War: 24 फरवरी 2022 को रूस ने महज एक हफ्ते में यूक्रेन को जीतने का मंसूबा पालकर 'सैन्य अभियान' शुरू किया था, लेकिन इस युद्ध के करीब ढाई साल बीत जाने के बाद आज के हालात ऐसे हैं, कि यूक्रेन ना सिर्फ रूस के अंदर घुस आया है, बल्कि उसने एक हजार किलोमीटर से ज्यादा रूसी क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है।
यूक्रेन की उत्तरी सीमा पर स्थित रूस के बेलगोरोड क्षेत्र के गवर्नर ने यूक्रेन की तरफ से लगातार की जा रही बमबारी को जिम्मेदार ठहराते हुए क्षेत्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी है। टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में व्याचेस्लाव ग्लैडकोव ने कहा है, कि "बेलगोरोड क्षेत्र में स्थिति बेहद कठिन और तनावपूर्ण बनी हुई है।"

रूस के एक हजार किलोमीटर क्षेत्र पर कब्जा
उन्होंने कहा, कि यूक्रेन के सशस्त्र बलों की तरफ से की जाने वाली गोलाबारी ने घरों को नष्ट कर दिया है, और नागरिकों को मार डाला है और उन्हें घायल कर दिया है। "इसलिए, हम आज से बेलगोरोड क्षेत्र में क्षेत्रीय आपातकाल की स्थिति घोषित करने का फैसला ले रहे हैं... इसके बाद सरकार से संघीय आपातकाल की स्थिति घोषित करने की अपील की जाएगी।"
ग्लैडकोव की यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब रूस 6 अगस्त की सुबह सीमा पार से हजारों सैनिकों द्वारा अचानक हमला किए जाने के बाद पड़ोसी कुर्स्क में यूक्रेनी सेना को पीछे धकेलने के लिए संघर्ष कर रहा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा है, कि इस हमले का मकसद रूसी क्षेत्र पर कब्ज़ा करना नहीं है, बल्कि रूस को शांति के लिए मजबूर करना है।
उन्होंने मंगलवार को कहा, "रूस ने दूसरों के लिए युद्ध शुरू किया और अब यह रूस के घर आ रहा है।"
कीव ने कहा है, कि उसने पिछले 24 घंटों में 40 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए कुर्स्क में 74 बस्तियों पर नियंत्रण कर लिया है। वहीं, दावा किया गया है, कि यूक्रेनी सैनिकों ने रूस के एक हजार किलोमीटर क्षेत्र पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। बताया जा रहा है, कि रूसी सैनिक अचानक हमल के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थे और यूक्रेन ने उन सैन्य टुकड़ियों को रूस के अंदर जंग लड़ने के लिए भेजा, जो कठिन युद्ध लड़ने में माहिर हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, रूस के कुर्स्क क्षेत्र में अभी तक एक हजार किलोमीटर से ज्यादा क्षेत्र पर कब्जा किया गया है। सोशल मीडिया पर इन क्षेत्रों में यूक्रेनी सैनिकों को अपने झंडों को लहराते हुए देखा गया है।
रूस, जो एक बार फिर से इस क्षेत्र को वापस कंट्रोल करने की कोशिश कर रहा है, उसने फिलहाल दावा किया है, कि उसने यूक्रेनी अग्रिम फोर्स को रोक दिया गया है और सीमा से लगभग 26 से 28 किमी दूर गांवों पर हमलों को रोक दिया गया है।
यूक्रेनी हमले के कारण कुर्स्क के एक लाख से ज्यादा लोगों को अपनी जान बचाने के लिए घरों को छोड़कर भागने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
ग्लेडकोव ने कहा, कि बेलगोरोड पर भी यूक्रेनी ड्रोन हमला हुआ है, हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन इमारतों को कुछ नुकसान हुआ। इस सप्ताह की शुरुआत में, उन्होंने क्रास्नोयारुज़्स्की के सीमावर्ती जिले में रहने वाले लोगों को खाली कराने की घोषणा की थी।
आपको बता दें, कि रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण किया था और वर्तमान में यूक्रेन के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त क्षेत्र के लगभग पांचवें हिस्से पर कब्जा कर लिया है।
इस साल फरवरी में संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, संघर्ष के परिणामस्वरूप सैकड़ों बच्चों सहित 10,000 से ज्यादा यूक्रेनियन मारे गए हैं। स्कूल, अस्पताल और अन्य प्रमुख बुनियादी ढांचे भी नष्ट हो गए हैं।
पिछले महीने, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने पिछले दो महीनों में हमलों की एक लहर के बाद रूस से "यूक्रेन के महत्वपूर्ण ऊर्जा बुनियादी ढांचे के खिलाफ अपने समन्वित, बड़े पैमाने पर हमलों" को रोकने का आग्रह किया था।












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