Smoking ban: 2008 के बाद जन्मे लोग अब जिंदगी भर नहीं पी पाएंगे सिगरेट, कानून तोड़ने वालो पर कड़ी कार्रवाई
UK smoking ban: ब्रिटेन की सरकार ने देश को तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और दुनिया का सबसे सख्त कदम उठाया है। 'टोबैको एंड वेप्स बिल' के पास होने के साथ ही अब ब्रिटेन में एक ऐसी पीढ़ी तैयार करने की योजना है, जो कभी सिगरेट नहीं खरीद पाएगी।
इस कानून का मुख्य उद्देश्य 2008 के बाद पैदा हुए युवाओं को धूम्रपान की लत से जीवनभर के लिए दूर रखना है। यह नियम 1 जनवरी 2027 से प्रभावी होगा, जिससे आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं पर बोझ कम होगा और हजारों जानें बचाई जा सकेंगी।

King Charles III tobacco law: कैसे काम करेगा नया कानून?
नए कानून के तहत तंबाकू खरीदने की न्यूनतम उम्र को हर साल एक साल के लिए बढ़ा दिया जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि जो बच्चे आज स्कूल में हैं, वे जब वयस्क होंगे तब भी उनके लिए सिगरेट खरीदना कानूनी रूप से नामुमकिन होगा। सरकार का लक्ष्य है कि 2009 या उसके बाद जन्मे लोग कभी भी कानूनी तौर पर सिगरेट न खरीद सकें। दुकानदारों के लिए उम्र की जांच करना अनिवार्य होगा और नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
UK cigarette law 2027: सेहत और अर्थव्यवस्था पर असर
ब्रिटेन में हर साल धूम्रपान से लगभग 76,000 मौतें होती हैं। कैंसर, दिल की बीमारी और फेफड़ों की समस्याओं के कारण वहां की स्वास्थ्य सेवा (NHS) पर भारी आर्थिक दबाव रहता है। सरकार का मानना है कि इलाज से बेहतर बचाव है। अगर नई पीढ़ी को इस लत से बचा लिया गया, तो न केवल लोगों की उम्र बढ़ेगी, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में भी सुधार होगा क्योंकि बीमारी के कारण काम छोड़ने वाले लोगों की संख्या में कमी आएगी।
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वेपिंग और विज्ञापनों पर सख्त पहरा
सिर्फ सिगरेट ही नहीं, बल्कि ई-सिगरेट (वेपिंग) पर भी सरकार ने शिकंजा कसा है। बच्चों को आकर्षित करने वाले फ्लेवर्स और पैकेटों पर रोक लगाई जाएगी। स्कूल, अस्पताल और बच्चों के पार्क जैसी जगहों को पूरी तरह स्मोक-फ्री जोन बनाया जाएगा। यहां तक कि अगर कोई कार में 18 साल से कम उम्र के बच्चे के साथ वेपिंग करता पाया गया, तो उसे भी अपराध माना जाएगा। तंबाकू के विज्ञापनों और प्रमोशन पर भी पूरी तरह से पाबंदी रहेगी।
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दुनियाभर में स्मोक-फ्री लहर
ब्रिटेन ऐसा कानून लाने वाला पहला देश नहीं है; इससे पहले न्यूजीलैंड ने भी ऐसा ही कानून बनाया था, जिसे बाद में सरकार बदलने पर वापस ले लिया गया। हालांकि, दुनिया के 70 से ज्यादा देशों में अब किसी न किसी तरह की स्मोक-फ्री पॉलिसी लागू है। WHO के मुताबिक, दुनिया की लगभग 71% आबादी अब तंबाकू विरोधी नियमों के दायरे में आती है। ब्रिटेन के इस कदम से अब अन्य यूरोपीय देशों में भी इसी तरह के सख्त कानून बनाने की चर्चा तेज हो गई है।












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