ब्रिटेन के PM बोरिस जॉनसन ने लगवाई एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन, साइड इफेक्ट को लेकर कई देश कर चुके हैं बैन
ब्रिटेन के PM बोरिस जॉनसन ने लगवाई एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन, साइड इफेक्ट को लेकर कई देश कर चुके हैं बैन
लंदन: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवाई है। ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका वैक्सीन को पिछले कुछ दिनों में डेनमार्क, स्पेन, जर्मनी सहित कई देशों ने साइड इफेक्ट को लेकर बैन कर दिया है। ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका वैक्सीन को लेकर एक और जहां दुनियाभर के कई देशों ने इसपर सवाल उठाए हैं तो वहीं दूसरी ओर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इसी वैक्सीन का डोज लगवाया है। ताकि लोगों में इस एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन को लेकर भ्रम ना फैले। विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी ने एस्ट्राजेनेका वैक्सीन को सुरक्षित और प्रभावी बताया है। पिछले कुछ दिनों में कई यूरोपीय देशों ने ब्लड क्लॉटिंग की शिकायत को लेकर इस वैक्सीन पर अस्थायी तौर पर रोक लगा दी है।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की पहली डोज शुक्रवार (19 मार्च) को ली। इसकी जानकारी प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने खुद ट्वीट कर अपनी वैक्सीन लेते हुए फोटो शेयर कर दी।
पीएम जॉनसन ने ट्वीट करके कहा, ''मैंने अभी-अभी ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की पहली डोज ली है। एनएचएस कर्मचारी, वालंटियर्स और वैज्ञानिकों को बहुत-बहुत धन्यवाद, जिन्होंने ऐसा करने में मदद की है। जिन भी चीजों को हम अपनी जिंदगी में बहुत ज्यादा मिस करते हैं, उन्हें फिर से वापस जीने के लिए वैक्सीन लेना ही बस एक मात्र अच्छी चीज है। इसिलए जाइए और वैक्सीन डोज लीजिए।''
आखिर क्यों लिया ब्रिटेन के PM बोरिस जॉनसन ने एस्ट्राजेनेका वैक्सीन डोज
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने एस्ट्राजेनेका वैक्सीन लोगों का संशय दूर करने के लिए लगवाई है। बोरिस जॉनसन ने वैक्सीन लगवाने के बाद कहा, ''मैं हमेशा कहा है कि इस स्तर और गति के वैक्सीनेशन में बाधा होना संभव है। यह भी सच है कि काफी कम वक्तों में हमें वैक्सीन की काफी कम डोज मिली है। सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा आपूर्ति में हो रही देरी की वजह से ऐसा हो रहा है लेकिन सीरम इंस्टीट्यूट भी कम वक्त में भारी मात्रा में टीके का उत्पादन कर रहा है। जो कि एक बहुत बड़ा और जिम्मेदारी वाला काम है। हमारे देश में वैक्सीनेशन में देरी इसलिए भी हो रही है क्योंकि वैक्सीन को हम अपने स्तर पर दोबारा जांच रहे हैं।''
ब्लड क्लॉटिंग को लेकर क्या बोले एक्सपर्ट
बता दें कि वैक्सीन पर उठे सवालों के बाद यूरोपीय और ब्रिटिश ड्रग कंट्रोलर ने कहा है कि जांच के बाद उन्होंने एस्ट्राजेनेका वैक्सीन को पूरी तरह सुरक्षित पाया है। ब्लड क्लॉटिंग (खून का थक्का जमना) की शिकायत पर संस्थाओं ने कहा है कि विस्तृत जांच के बाद भी हमें एस्ट्राजेनेका वैक्सीन लेने से ब्लड क्लॉटिंग होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं।












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