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UK General Election 2024 Results: ऋषि सुनक ने किया इस्तीफे का ऐलान, हिंदू समुदाय ने क्यों नहीं दिया वोट?

UK General Election 2024 Results: यूनाइटेड किंगडम में हुए आम चुनाव की मतगणना जारी है, जिसमें ब्रिटेन की संसद के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमन्स की 650 सीटों पर मतदान हुए हैं। प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में सबसे ज्यादा वोट पाने वाले उम्मीदवारों को विजेता घोषित किया जा रहा है। माना जा रहा है, कि आज दोपहर तक सभी सीटों के परिणाम जारी कर दिए जाएंगे।

अभी तक जो रूझान आए हैं, उसमें विपक्षी लेबर पार्टी प्रचंड बहुमत हासिल करने की तरफ बढ़ रही है और कंजर्वेटिव पार्टी, जो पिछले 14 सालों से सरकार में थी, उसके शासन का अंत हो गया है।

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एग्जिट पोल में लेबर पार्टी को 410 से ज्यादा सीटें मिलने की अनुमान लगाया गया है और अभी तक के नतीजे एग्जिट पोल के ही मुताबिक हैं। माना जा रहा है, कि कीर स्टारमर, जिन्होंने लेबर पार्टी के लिए चुनावी अभियान को लीड किया था और 2020 से पार्टी के प्रमुख थे, वो ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं।

ऋषि सुनक ने दिया इस्तीफा

वहीं, कंजर्वेटिव पार्टी के नेता और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने चुनावी हार की संभावनाओं को देखते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, फिलहाल नई सरकार के गठन तक वो केयरटेकर प्रधानमंत्री बने रहेंगे।

अभी तक के रिजल्ट के ट्रेंड से पता चला है, कि अब तक, कंजर्वेटिव उम्मीदवार हर उस सीट पर हार रहे हैं, जहां लेबर पार्टी पर पिछले चुनाव में उनकी बढ़त 30% से कम थी। इसी तरह, पार्टी ने लिबरल डेमोक्रेट्स के खिलाफ हर उस सीट को खो दिया है, जहां बहुमत 30% से कम था। इस चुनाव में विपक्ष पारंपरिक कंजर्वेटिव पार्टी के गढ़ वाले क्षेत्रों में गहरी सेंध लगा रहा है।

वहीं, कीर स्टारमर ने मतदान प्रक्रिया में शामिल सभी लोगों और अपने साथी उम्मीदवारों का धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा, कि हमारे लोकतंत्र का दिल वेस्टमिंस्टर या व्हाइटहॉल में नहीं, बल्कि टाउन हॉल, सामुदायिक केंद्रों और वोट रखने वाले लोगों के हाथों में धड़कता है।

उन्होंने कहा, "इस समुदाय में बदलाव उन लोगों के साथ शुरू होता है जो जीवन को बेहतर बनाने के लिए एक साथ आए हैं।" यूके के नए प्रधानमंत्री बनने की राह पर चल रहे लेबर नेता का कहना है, कि होलबोर्न और सेंट पैनक्रास की सेवा के लिए फिर से चुना जाना "बहुत बड़ा सौभाग्य" है। वह इस क्षेत्र के बारे में कहते हैं, "यह मेरा घर है, जहां मेरे बच्चे बड़े हुए हैं, जहां मेरी पत्नी का जन्म हुआ है।"

उन्होंने कहा, कि "मुझे विक और मेरे परिवार को उनके प्यार और समर्थन के लिए और मुझे पूरी तरह से जमीन पर रखने के लिए सबसे ज़्यादा धन्यवाद देना है।"

2019 में, बोरिस जॉनसन की कंजर्वेटिव पार्टी ने उत्तर और मध्य क्षेत्रों में अपने पारंपरिक गढ़ों में लेबर पार्टी से सीटें छीनकर बहुमत हासिल किया। लेकिन, 2024 के चुनाव में लेबर पार्टी ने इन क्षेत्रों में गहरी सेंधमारी की है।

ऋषि सुनक को नहीं मिला भारतीय समुदाय का साथ?

चुनाव से पहले ऋषि सुनक ने भारतीय समुदाय का साथ हासिल करने के लिए काफी मेहनत की थी और खुद को गर्व से हिंदू कहा था। वहीं, ऋषि सुनक ने मंदिरों के भी दौरे किए थे, लेकिन ऐसा लग रहा है, कि ब्रिटेन में रहने वाले 18 लाख हिंदुओं का उन्हें साथ नहीं मिल पाया।

यूके में रहने वाले भारतीय मूल के अनुमानित 18 लाख लोग ना सिर्फ वोटों के लिहाज से काफी अहम माने जाते हैं, बल्कि भारतीय लोगों का प्रभाव ब्रिटिश समुदाय पर काफी ज्यादा है, जिसकी वजह से भारतीय समुदाय की राजनीतिक प्राथमिकताएं, यूके चुनाव के परिणाम में निर्णायक फैक्टर मानी जाती हैं।

आबादी का सिर्फ 2.5 फिसदी हिस्सा होने के बावजूद, भारतीय समुदाय यूके के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 6 प्रतिशत से ज्यादा का योगदान करते हैं। यह आर्थिक ताकत पर्याप्त राजनीतिक प्रभाव में तब्दील हो जाती है, जिससे सभी प्रमुख राजनीतिक दल उनके वोट की अत्यधिक मांग करते हैं।

लेकिन, ऋषि सुनक काफी हद तक देश की अर्थव्यवस्था में सुधार लाने में नाकाम रहे हैं और ब्रिटेन में लोगों के जीवन यापन की लागत काफी बढ़ती ही रही है।

चुनाव से पहले यूके स्थित टेक्नोलॉजी इन्वेस्टर अश्विन कृष्णस्वामी ने साउथ चायना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) की एक रिपोर्ट में कहा था, कि "बहुत सी समस्याएं खुलकर सामने आ रही हैं और बड़ा प्रवासी समुदाय कंजर्वेटिव पार्टी विरोधी लहर की भावना के साथ जा रहा है। लोग कह रहे हैं कि शायद नई सरकार लाने का समय आ गया है।"

आपको बता दें, कि ऋषि सुनक कंजर्वेटिव पार्टी के नेता हैं और फिलहाल पार्टी के अध्यक्ष भी वहीं हैं।

लंदन स्थित भारतीय लेखक प्रियजीत देबसरकर ने (SCMP) को बताया, "ऋषि सुनक का अभियान भविष्य की ओर देखने के बारे में रहा है। लेकिन अतीत में आपके (कंजर्वेटिव पार्टी) नेतृत्व में बहुत से बदलाव हुए हैं, लिहाजा लोग सोच रहे हैं क्या गारंटी है कि आप बने रहेंगे।"

कृष्णास्वामी ने कंजर्वेटिव सरकार में विश्वास की कमी को बताते हुए कहा, "NHS एक बड़ी आपदा है। NHS में डॉक्टरों के विभिन्न वर्गों के बीच वेतन में भारी असमानता है।" राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) के बारे में भारतीय समुदाय की चिंताएं इसलिए हैं, क्योंकि इसमें भारतीय मूल के 60,000 से ज्यादा मेडिकल प्रोफेशनल काम करते हैं, लेकिन इस सेक्टर में आई परेशानी ने भारतीयों के असंतोष को काफी बढ़ा दिया है।

ब्रिटिश भारतीय आबादी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनने वाला हिंदू समुदाय अपनी राजनीतिक और सामाजिक चिंताओं के बारे में काफी मुखर रहा है। चुनाव से पहले, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और लेबर पार्टी के नेता कीर स्टारमर, दोनों ने हिंदू मतदाताओं को अपने साथ जोड़ने के लिए काफी मेहनत किए थे।

लेकिन, नतीजों को देखने के बाद माना जा रहा है, कि ब्रिटिश भारतीय समुदाय ने भारतीय मूल के ऋषि सुनक की जगह लेबर पार्टी के कीर स्टारमर को चुना है। कीर स्टारमर ने हिंदू वोटरों को लुभाने के लिए कई घोषणाएं की थीं, जिसमें से एक ब्रिटिश हिंदू संगठनों की तरफ से बनाए गये "हिंदू घोषणापत्र" का समर्थन करना भी शामिल था। जिसने ऋषि सुनक के लिए परेशानी को बढ़ा दिया था।

हिंदू घोषणापत्र में चुनाव जीतने वाले प्रतिनिधियों से हिंदू पूजा स्थलों की रक्षा करने और हिंदू विरोधी घृणा से निपटने का आह्वान किया गया है।

कीर स्टारमर ने हिंदू घोषणापत्र का सीधा समर्थन करते हुए कहा था, कि ब्रिटेन में हिंदूफोबिया की घटनाएं बढ़ी हैं, उनकी पार्टी की सरकार बनने पर हिंदूफोबिया से निपटने के लिए काफी काम किए जाएंगे। इसके अलावा, उन्होंने अपने चुनाव अभियान में भारत को लेकर भी कई बातें कही थीं, जिसमें उन्होंने भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को फाइनल नहीं करने के लिए ऋषि सुनक की सरकार की आलोचना की थी।

कीर स्टारमर ने कहा था, कि अगर उनकी पार्टी की सरकार बनती है, तो भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को जल्द से जल्द करना उनकी प्राथमिकता होगी।

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