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Defence News: पहली बार बिना पायलट के उड़ा हेलीकॉप्टर, हजार किलो सामान भी ढोया, जानिए किसने बनाया- Video

Defence News: ब्रिटिश एविएशन के इतिहास में एक बड़ी कामयाबी दर्ज हुई, जब यूके का पहला पूरी तरह स्वायत्त (Autonomous) पूर्ण आकार का हेलीकॉप्टर 'प्रोटियस' कॉर्नवाल में अपनी पहली सफल उड़ान भरने में कामयाब रहा। यह उड़ान सिर्फ एक टेस्ट नहीं थी, बल्कि भविष्य की सैन्य तकनीक की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। आइए जानते हैं इस ऑटोनोमस हेलीकॉप्टर में क्या है खास।

बिना पायलट के उड़ान भरकर रचा इतिहास

कॉर्नवाल के लिज़ार्ड प्रायद्वीप स्थित प्रेडैनैक एयरफील्ड से उड़ान भरते हुए इस मानवरहित हेलीकॉप्टर ने सैन्य एविएशन में नई मिसाल कायम की। यह उपलब्धि खास इसलिए भी है क्योंकि यह यूके की अनमैन्ड मिलिट्री कैपेबिलिटी को एक नई ऊंचाई पर ले जाती है।

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किसने बनाया 'प्रोटियस', लियोनार्डो?

'प्रोटियस' को रॉयल नेवी के लिए इटली-ब्रिटिश कंपनी लियोनार्डो ने तैयार किया है। यह कोई सामान्य हेलीकॉप्टर नहीं, बल्कि एक टेक्नोलॉजी डेमॉन्स्ट्रेटर है, जिसका मकसद यह दिखाना है कि भविष्य में कैसे मानवयुक्त विमानों के साथ बड़े स्वायत्त हेलीकॉप्टर एक साथ ऑपरेट कर सकते हैं।

उड़ान से पहले हुए सख्त ग्राउंड टेस्ट

पहली उड़ान से कुछ हफ्ते पहले, प्रोटियस को लियोनार्डो की येओविल फैसिलिटी में कई सख्त जमीनी टेस्ट से गुजारा गया। इसमें इसके इंजन, सेंसर और कंट्रोल सिस्टम की गहन जांच की गई। इस दौरान उद्योग जगत, रॉयल नेवी और यूके रक्षा संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

बिना इंसानी दखल के पूरी की पहली उड़ान

पहली उड़ान के दौरान प्रोटियस ने बिना किसी मानव हस्तक्षेप के अपने सभी उड़ान सिस्टम खुद कंट्रोल किए। हेलीकॉप्टर ने एक छोटा लेकिन अहम टेस्ट प्रोफाइल पूरा किया। जमीन से मौजूद टेस्ट पायलटों ने सिर्फ निगरानी की, ताकि सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

छोटे ड्रोन नहीं, पूरा हेलीकॉप्टर है प्रोटियस

रॉयल नेवी पहले भी मॉलॉय ऑक्टोकॉप्टर और पेरेग्रीन जैसे छोटे ड्रोन इस्तेमाल करती रही है, लेकिन प्रोटियस उनसे बिल्कुल अलग है। यह पारंपरिक हेलीकॉप्टर के आकार का है और पेलोड, उड़ान समय और निर्णय लेने की स्वायत्तता में कई गुना ज्यादा सक्षम है।

स्मार्ट सेंसर और AI से लैस हेलीकॉप्टर

प्रोटियस में उन्नत सेंसर और ऑनबोर्ड कंप्यूटर सिस्टम लगे हैं, जो पर्यावरण से मिलने वाले डेटा को रियल-टाइम में प्रोसेस करते हैं। इसके सॉफ्टवेयर को खासतौर पर जटिल समुद्री परिस्थितियों में खुद फैसले लेने के लिए डिजाइन किया गया है।

एक टन से ज्यादा पेलोड उठाने की क्षमता

यह स्वायत्त हेलीकॉप्टर एक टन (1000kg) से ज्यादा वजन उठा सकता है। इसमें निगरानी उपकरण, सेंसर सिस्टम और अन्य मिशन-स्पेसिफिक इक्विपमेंट लगाए जा सकते हैं। खास बात यह है कि यह तेज़ हवाओं और खराब समुद्री मौसम में भी उड़ान भर सकता है।

सैनिकों की सुरक्षा, मिशन की आज़ादी

प्रोटियस के इस्तेमाल से मानव पायलटों का जोखिम कम होगा और मानवयुक्त हेलीकॉप्टरों को अन्य जरूरी मिशनों के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। इस हेलीकॉप्टर को यूके के येओविल स्थित हेलीकॉप्टर मैन्युफैक्चरिंग सेंटर में ही विकसित और तैयार किया गया है। करीब £60 मिलियन (लगभग $80 मिलियन) की लागत वाला यह प्रोजेक्ट यूके में 100 से ज्यादा हाई-स्किल्ड नौकरियां पैदा कर रहा है। लियोनार्डो का दावा है कि प्रोटियस दुनिया के पहले पूर्ण आकार के स्वायत्त हेलीकॉप्टरों में से एक है।

रक्षा मंत्री बोले- यह यूके इनोवेशन का मील का पत्थर

यूके के रक्षा मंत्री (रेडीनेस एंड इंडस्ट्री) ल्यूक पोलार्ड ने इस उड़ान को ब्रिटिश नवाचार के लिए एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट न सिर्फ कुशल नौकरियों को सपोर्ट करता है, बल्कि हाइब्रिड नेवी को भी मजबूत बनाता है।

"खतरनाक मिशन अब बिना इंसानों के" - लियोनार्डो

लियोनार्डो हेलीकॉप्टर्स यूके के मैनेजिंग डायरेक्टर नाइजल कोलमैन ने कहा कि प्रोटियस समुद्री एविएशन में क्रांति लाएगा। उनके मुताबिक, यह हेलीकॉप्टर उबाऊ, गंदे और खतरनाक मिशन इंसानों की जान जोखिम में डाले बिना पूरा कर सकता है।

अटलांटिक बैशन रणनीति में अहम रोल

प्रोटियस यूके की Atlantic Bastion Strategy का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य उत्तरी अटलांटिक क्षेत्र और NATO सहयोगियों की सुरक्षा को मजबूत करना है। यह हेलीकॉप्टर पनडुब्बी रोधी युद्ध, समुद्री गश्त और निगरानी मिशनों में खास भूमिका निभाएगा।

नौसेना के भविष्य की ओर बड़ा कदम

यह हेलीकॉप्टर सहयोगी जहाजों, पनडुब्बियों, मानवयुक्त विमानों और सेंसर नेटवर्क से डेटा लेकर बड़े समुद्री इलाकों में टारगेट पहचान और ट्रैकिंग को और बेहतर बनाएगा। रॉयल नेवी के डिप्टी डायरेक्टर (एविएशन फ्यूचर प्रोग्राम्स) कमोडोर स्टीव बोल्टन ने इसे नौसेना के ट्रांसफॉर्मेशन का अहम चरण बताया। उन्होंने कहा कि यह उड़ान स्वायत्तता और तकनीकी नेतृत्व के प्रति यूके की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

ड्रोन हब बनेगा प्रेडैनैक एयरफील्ड

प्रेडैनैक एयरफील्ड, जो आरएनएएस कुल्ड्रोज़ का सैटेलाइट स्टेशन है, इस उड़ान में अहम रहा। यह जगह यूके के नेशनल ड्रोन हब को भी सपोर्ट करती है। आने वाले समय में यहां प्रोटियस के और बड़े और कठिन मिशन टेस्ट किए जाएंगे।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।

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