I2U2 summit: पूरे भारत में इंटीग्रेटेड फूड पार्क्स बनाएगा ये जिगरी दोस्त देश, करोड़ों डॉलर लगाएगा
बयान में यह भी कहा गया है कि I2U2 समूह गुजरात में 300 मेगावाट पवन और सौर क्षमता वाली हाइब्रिड नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना को आगे बढ़ाएगा।
नई दिल्ली, जुलाई 15: भारत के जिगरी दोस्त संयुक्त अरब अमीरात ने समूचे भारत में इंटीग्रेटेड फूट पार्क्स नेटवर्क के निर्माण का फैसला किया है और इसके लिए यूएई भारत में 2 अरब डॉलर यानि 200 करोड़ डॉलर का निवेश करेगा। संयुक्त अरब अमीरात ने भारत में इंटीग्रेटेड फूड पार्क्स बनाने का ये फैसला 'I2U2' की बैठक के दौरान लिया है। 'I2U2' के वर्चुअल सम्मेलन में भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, इजरायल के प्रधान मंत्री यायर लापिड और यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने हिस्सा लिया था और चारों नेता पहली बार किसी प्लेटफॉर्म पर एक साथ आए हैं, जिसमें भारत को लेकर यूएई ने ये बड़ी घोषणा की है।

खाद्य सुरक्षा पर सबसे ज्यादा जोर
'I2U2' के वर्चुअल सम्मेलन के बाद जो संयुक्त बयान जारी किया गया है, उसमें कहा गया है कि, I2U2 नेताओं की बैठक खाद्य सुरक्षा संकट और स्वच्छ ऊर्जा पर केंद्रित थी और उन्होंने दीर्घकालिक, अधिक विविध खाद्य उत्पादन और खाद्य वितरण प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए नये तरीकों पर चर्चा की है। आपको बता दें कि, 'I2U2' में दो I हैं, यानि इंडिया और इजरायल, वहीं दो U हैं, यानि यूएई और USA। I2U2 ने कहा कि, "भारत परियोजना के लिए उपयुक्त जमीन प्रदान करेगा और किसानों के लिए फूड पार्कों में एकीकरण की सुविधा प्रदान करेगा। वहीं, यूएस और इजरायल के निजी क्षेत्रों को अपनी विशेषज्ञता उधार देने और परियोजना की समग्र स्थिरता में योगदान देने वाले अभिनव समाधान पेश करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा"। संयुक्त बयान में कहा गया है कि, 'इस निवेश से फसल की पैदावार को अधिकतम करने में मदद मिलेगी और बदले में, दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व में खाद्य असुरक्षा से निपटने में मदद मिलेगी'।

पवन और सौर ऊर्जा पर भी बात
बयान में यह भी कहा गया है कि I2U2 समूह गुजरात में 300 मेगावाट पवन और सौर क्षमता वाली हाइब्रिड नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना को आगे बढ़ाएगा। नेताओं ने खाद्य सुरक्षा को बढ़ाने के लिए अधिक लेटेस्ट, समावेशी और विज्ञान आधारित समाधानों के निर्माण के लिए सुस्थापित बाजारों का लाभ उठाने का दृढ़ संकल्प भी व्यक्त किया। बयान में कहा गया है कि, I2U2 का उद्देश्य हमारी दुनिया के सामने आने वाली कुछ सबसे बड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए हमारे समाजों की जीवंतता और उद्यमशीलता की भावना का दोहन करना है। I2U2 समूह की अवधारणा पिछले साल 18 अक्टूबर को आयोजित चार देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान की गई थी। पिछले कुछ वर्षों में तीनों देशों में से प्रत्येक के साथ भारत के द्विपक्षीय रणनीतिक संबंध तेजी से बढ़े हैं।

जिगरी दोस्त बन गये हैं इंडिया-यूएई
आपको बता दें कि, मोदी सरकार के आने के बाद भारत और संयुक्त अरब अमीरात काफी करीब आ चुके हैं दोनों देशों के संबंध तेजी से मजबूत हुए हैं। पिछले महीने जब पीएम मोदी ने यूएई का दौरा किया था, उस वक्त खुद यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान पीएम मोदी का स्वागत करने एयरपोर्ट पहुंचे थे, वहीं पीएम मोदी को यूएई का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भी मिल चुका है। आज यूएई एकमात्र ऐसा इस्लामिक देश है, जिसने भारत के साथ फ्री ट्रेड अग्रीमेंट किया है। इस समझौते में कपड़ा, कृषि, सूखे मेवे, रत्न और आभूषण जैसे क्षेत्रों के उत्पादों के घरेलू निर्यातकों को यूएई के बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी। व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) के तहत दुबई भेजी जाने वाली इन खेप पर सीमा शुल्क नहीं लगेगा। ऐसे में विभिन्न क्षेत्रों के घरेलू निर्यातकों को यूएई के बाजार में शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी।

मोदी को मिला सर्वोच्च पुरस्कार
साल 2021 में भारत संयुक्त अरब अमीरात का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बन चुका है। यह दुनिया के साथ संयुक्त अरब अमीरात के व्यापार की कुल मात्रा का 9 प्रतिशत और संयुक्त अरब अमीरात के गैर-तेल निर्यात का 13 प्रतिशत है। जबकि 2021 में दोनों देशों के बीच गैर-तेल विदेशी व्यापार 165 अरब डॉलर तक पहुंच गया। यह 2020 की तुलना में 66 प्रतिशत अधिक है। शेख मोहम्मद और प्रधानमंत्री मोदी के बीच सौहार्दपूर्ण और घनिष्ठ संबंध रहा। जहां मोदी ने 2015, 2018 और 2019 में यूएई का दौरा किया, वहीं शेख मोहम्मद ने 2016 और 2017 में भारत की यात्रा की। मोदी की पिछली यात्रा के दौरान उन्हें यूएई के सर्वोच्च पुरस्कार 'ऑर्डर ऑफ जायद' से सम्मानित किया गया था।












Click it and Unblock the Notifications