Sultan AlNeyadi: पहली बार किसी मुस्लिम एस्ट्रोनॉट ने किया Spacewalk, स्पेस स्टेशन के बाहर बिताए 7 घंटे
28 अप्रैल को नेयादी अरब देशों के पहले ऐसे अंतरिक्ष यात्री बन गए हैं जिसने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से निकलकर अंतरिक्ष में चहलकदमी किया है। इस उपबल्धि की हासिल करने वाला UAE 10वां देश है।

संयुक्त अरब अमीरात के अंतरिक्ष यात्री सुल्तान अल नेयादी अभियान 69 के दौरान अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से बाहर निकलने और अपना स्पेस वॉक पूरा करने वाले पहले अरब और मुस्लिम यात्री बन गए हैं। इस बात की जानकारी मोहम्मद बिन राशिद स्पेस सेंटर (MBRSC) ने दी है।
MBRSC ने बताया कि अल नेयादी ऐसा करने वाले पहले मुस्लिम यात्री भी हैं। उनकी सफलता पर पूरा यूएई गर्वित महसूस कर रहा है। संयुक्त अरब अमीरात ऐसा 10वां देश बन गया है जिसके नागरिक ने अंतरिक्ष में स्पेस वॉक की है। यह ऐतिहासिक स्पेस वॉक निर्वात में 7.01 घंटे तक चला।
UAE के उपराष्ट्रपति व प्रधानमंत्री और दुबई के शासक महामहिम शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने कहा कि सुल्तान अल नेयादी ने तीन साल गहन प्रशिक्षण किया, जिसका परिणाम आज हमारे सामने हैं। आज हम उन्हें अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के बाहर स्पेस वॉक करते हुए देख सकते हैं।
शेख मोहम्मद बिन राशिद ने आगे कहा कि अधिकतर सितारों के नाम अरबी में हैं। हम आज अपने युवाओं में विज्ञान को लेकर उत्सुकता देख सकते हैं। इसलिए उनपर और निवेश पर खासा ध्यान दिया जा रहा है। यह हमारे भविष्य को आकार देगा।
एक्सट्राव्हीकुलर एक्टिविटी के दौरान सुल्तान अल नेयादी ने नासा के चालक दल के सदस्य स्टीफन बोवेन के साथ मिलकर रेडियो फ्रीक्वेंसी ग्रुप (RFG) यूनिट नाम के संचार उपकरण के एक हिस्से को ठीक किया। इसके साथ उन्होंने अंतरिक्ष स्टेशन को बेहतर सोलर ऐरे इंस्टॉलेशन के लिए भी तैयार करने में भी योगदान दिया।
स्पेस वॉक पर जाने से पहले, सुल्तान अल-नेयादी और बोवेन ने अपने शरीर से नाइट्रोजन को खत्म करने के लिए दो घंटे का ऑक्सीजन शुद्धिकरण किया। इसके बाद वारेन हॉबर्ग और फ्रैंक रुबियो ने अंतरिक्ष यात्रियों को उनके स्पेससूट पहनने में मदद की।
बाहरी हैच को खोलने के लिए दबाव को धीरे-धीरे कम करके सुरक्षित स्तर तक लाने के लिए एयरलॉक में प्रवेश करने से पहले सुल्तान अल-नेयादी और बोवेन दोनों को अपने स्पेससूट और सुरक्षा गियर पहनने में एक अतिरिक्त घंटे का समय लगा।
स्पेस वॉक से पहले अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से जांच की गई थी। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र के बाहर सुल्तान अल-नेयादी और बोवेन को विकिरण और अत्यधिक तापमान जैसी दो प्रमुख चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
आपको बता दें कि अंतरिक्ष में वातावरण सूरज की रोशनी में 120 डिग्री सेल्सियस तापमान तक पहुंच सकता है और सूरज की दृष्टि से बाहर होने पर यह -150 डिग्री सेल्सियस तक कम हो सकता है। शरीर को झुलसा देने वाली गर्मी और हड्डियां गला देने वाली ठंड से बचाव के लिए खास प्रकार के स्पेससूट होते हैं।
स्पेसएक्स के क्रू -6 मिशन के हिस्से के तौर पर, अल नेयादी 2 मार्च को फ्लोरिडा में नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से भेजा गए थे। वह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर 6 महीने तक रहेंगे और कई प्रयोग करेंगे।
आपको बता दें कि सुल्तान अल नेयादी से पहले साल 2019 में हजा अल मंसूरी पहले अरब अंतरिक्ष यात्री थे जो अंतरिक्ष में पहुंचे थे। उनसे पहले सन् 1985 सऊदी प्रिंस सुल्तान बिन सलमान अरब देश के सबसे पहले नागरिक बने थे जो अंतरिक्ष में गए थे।









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