Trump Tariff: ट्रंप के टैरिफ से कनाडा और मैक्सिको सबसे ज्यादा प्रभावित, जानें किस देश पर कितना प्रभाव पड़ेगा?
Trump Tariff: बुधवार, 2 अप्रैल को संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिका के व्यापारिक साझेदारों पर व्यापक रेसिप्रोकल टैरिफ लगा दिया। इस दिन को ट्रम्प ने लिब्रेशन डे का नाम दिया था और लगभग सभी देशों पर एक समान 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने वाले कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे।
इसके अलावा उन देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाए थे जिन पर अमेरिका ने अमेरिकी वस्तुओं पर अधिक शुल्क लगाने का आरोप लगाया था। इस टैरिफ से वैश्विक बाजार में हलचल मच हुई है विशेषज्ञ वैश्विक स्तर पर ट्रेड को लेकर चिंतित है। चीन और यूरोपीय संघ ने पहले ही जवाबी कदम उठा लिए हैं, जिससे वैश्विक व्यापार युद्ध के जोखिम का संकेत मिलता है।

Trump Tariff News: चीन पर कितना असर पड़ेगा?
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने वाशिंगटन से टैरिफ रद्द करने का आह्वान किया। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "व्यापार युद्ध में कोई विजेता नहीं होता है, और संरक्षणवाद से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं है।"
यह बेसलाइन टैरिफ 5 अप्रैल से लागू होगा, जबकि अतिरिक्त टैरिफ 9 अप्रैल से प्रभावी होंगे। चीन पर 54 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया है, जिसमें पहले से लगाया गया 20 प्रतिशत शुल्क भी शामिल है। लेसोथो पर 50 प्रतिशत,कंबोडिया पर 49 प्रतिशत और पड़ोसी वियतनाम पर 46 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया है।
डच बैंक आईएनजी में ग्रेटर चाइना के मुख्य अर्थशास्त्री लिन सोंग ने अल जजीरा को बताया , "शुल्कों में वृद्धि अपेक्षा से अधिक आक्रामक थी। कई देशों को 10-20 प्रतिशत टैरिफ की उम्मीद थी। इस तरह के आक्रामक कदम से शायद बड़े देश कुछ आक्रमक कदम उठाए, हालांकि छोटे देश कम दर के लिए बातचीत करने का विकल्प चुन सकते हैं।"
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और चीन में विशेषज्ञता रखने वाले चैथम हाउस के एसोसिएट फेलो कार्लोस लोपेज ने जनवरी में अल जजीरा से कहा था, "शुल्कों में वृद्धि और एकतरफा उपायों की निरंतरता वैश्विक व्यापार प्रणाली में विश्वास के क्षरण को बढ़ा सकती है, जिससे चीन को अपने साझेदारों में विविधता लाने और अमेरिकी बाजार पर निर्भरता कम करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
Trump Tariff: कनाडा और मैक्सिको ज्यादा प्रभावित
विशेषज्ञों का मानना है कि इन टैरिफों से कनाडा और मैक्सिको सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं, क्योंकि उनके कुल निर्यात का 75% से अधिक हिस्सा अमेरिका को जाता है। इसके विपरीत, चीन और यूरोपीय संघ जैसे देशों के पास अन्य बाजार विकल्प मौजूद हैं, जिससे उनके लिए अमेरिकी निर्भरता को कम करना संभव हो सकता है।
यूरोपीय संघ पर भी 20 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है, जबकि यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, ब्राजील और यूएई को 10 प्रतिशत फ्लैट टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। 10 प्रतिशत शुल्क का सामना करने वाले कुछ देश यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, ब्राजील और संयुक्त अरब अमीरात हैं।
Trump Tariff update: इन देशों का निर्यात सबसे ज्यादा
कनाडा और मैक्सिको पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया जाएगा। दोनों देश पहले से ही 25 प्रतिशत शुल्क के अधीन हैं, केवल अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौते के अंतर्गत आने वाले उत्पादों को छोड़कर।
अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय व्यापार प्रशासन के अनुसार, 2024 में मेक्सिको ने अमेरिका को 505.9 बिलियन डॉलर का माल निर्यात किया।
- दूसरे स्थान पर चीन है जिसने 438.9 बिलियन डॉलर का निर्यात किया
- कनाडा का 412.7 बिलियन डॉलर
- जर्मनी का 160.4 बिलियन डॉलर
- जापान का 148.2 बिलियन डॉलर का निर्यात हुआ।
हालांकि ट्रम्प ने कनाडा या मैक्सिको पर अतिरिक्त टैरिफ नहीं लगाया, लेकिन इन देशों के अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ से सबसे अधिक प्रभावित होने की संभावना है, क्योंकि इन देशों से अमेरिका को निर्यात होने वाले उत्पादों का प्रतिशत अधिक है। संयुक्त राष्ट्र कॉमट्रेड के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में कनाडा के कुल निर्यात का 77.6 प्रतिशत अमेरिका को जाएगा। मेक्सिको का अमेरिका को कुल निर्यात 79.6 प्रतिशत था।












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