Trump Bunker: ईरान युद्ध के बीच ट्रंप को सता रहा है मौत का डर, व्हाइट हाउस के नीचे बनवा रहे सीक्रेट बंकर
Trump Ballroom Project: ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर नजर आ रहे हैं। हाल ही में उन्होंने व्हाइट हाउस के 'बॉलरूम प्रोजेक्ट' को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है।
ट्रंप ने बताया कि जिसे दुनिया एक आलीशान बॉलरूम समझ रही है, उसके नीचे असल में अमेरिकी सेना एक बेहद विशाल और आधुनिक अंडरग्राउंड मिलिट्री कॉम्प्लेक्स बना रही है। यह कॉम्प्लेक्स किसी भी परमाणु या ड्रोन हमले को झेलने में सक्षम होगा, जो युद्ध जैसी स्थिति में राष्ट्रपति के लिए सबसे सुरक्षित किला बनेगा।

Trump Secret Bunker: ईरान युद्ध का खतरा और सुरक्षा की चिंता
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनातनी ने ट्रंप प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। ट्रंप को डर है कि दुश्मन देश आधुनिक ड्रोन या मिसाइलों से व्हाइट हाउस को निशाना बना सकते हैं। इसी खतरे को देखते हुए 400 मिलियन डॉलर की लागत से यह प्रोजेक्ट तैयार हो रहा है। ट्रंप ने खुद माना कि बॉलरूम तो बस एक दिखावा या 'कवर' है, असली काम तो जमीन के नीचे चल रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में अमेरिकी कमांड सेंटर पूरी तरह सुरक्षित रहे।
White House Underground Military Complex: पुराना बंकर हटाकर नया सैन्य किला
व्हाइट हाउस के 'ईस्ट विंग' के नीचे द्वितीय विश्व युद्ध के समय का एक पुराना बंकर (PEOC) था। ट्रंप ने इसे छोटा और पुराना बताते हुए हटवा दिया है। अब इसकी जगह एक अत्याधुनिक अंडरग्राउंड मिलिट्री कॉम्प्लेक्स लिया जा रहा है। यह नया बंकर पुराने वाले से कई गुना बड़ा और मजबूत होगा। ट्रंप का कहना है कि एक 'बेवकूफी भरे मुकदमे' की वजह से इस गुप्त प्रोजेक्ट की जानकारी सार्वजनिक करनी पड़ी, वरना यह सेना का एक सीक्रेट मिशन था।
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Trump Iran War protection: बुलेटप्रूफ और ड्रोनप्रूफ बॉलरूम
इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि ऊपर बन रहा बॉलरूम भी साधारण नहीं होगा। ट्रंप ने पत्रकारों को इसकी तस्वीरें दिखाते हुए बताया कि यह पूरा ढांचा बुलेटप्रूफ और ड्रोनप्रूफ होगा। यह बिल्डिंग व्हाइट हाउस के ईस्ट विंग का ज्यादातर हिस्सा घेरेगी। हालांकि, ऐतिहासिक ईस्ट विंग को गिराने के फैसले की काफी आलोचना भी हो रही है, लेकिन ट्रंप का तर्क है कि देश की सुरक्षा और आधुनिक खतरों से निपटने के लिए यह बदलाव जरूरी था।
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क्या होगा इस अंडरग्राउंड कॉम्प्लेक्स में?
यह जमीन के नीचे बना एक पूरा शहर जैसा होगा, जिसमें राष्ट्रपति और उनकी कोर टीम के लिए रहने और युद्ध संचालन (Command Center) की सुविधा होगी। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि परमाणु धमाके का भी इस पर असर न हो। इसमें हाई-टेक कम्युनिकेशन सिस्टम होगा, जिससे राष्ट्रपति दुनिया के किसी भी कोने में मौजूद अपनी सेना को निर्देश दे सकेंगे। आलोचना के बावजूद, ट्रंप इसे अपना सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रोजेक्ट मान रहे हैं जो भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार है।












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