Trump-Putin Alaska Summit: पुतिन बोले-'समझौता' हुआ, पर यूक्रेन वॉर पर चुप्पी! ढाई घंटे किन मसलों पर हुई बात
Trump Putin Alaska Summit: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अलास्का के जॉइंट बेस एल्मेंडॉर्फ-रिचर्डसन में ढाई घंटे की अहम बैठक के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पुतिन ने दावा किया कि दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन युद्ध पर एक 'समझौता' बन गया है, लेकिन न तो उन्होंने और न ही ट्रंप ने इसकी विस्तृत जानकारी साझा की।
पुतिन ने यूरोप को चेतावनी दी कि वह इस 'नवजात प्रगति' को बाधित न करे, जबकि ट्रंप ने कहा कि वे जल्द ही यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं से बात करेंगे। बैठक में कोई ठोस समझौता होने की बात सामने नहीं आई। आइए 12 Point में जानें, क्या हुआ इस हाई-प्रोफाइल वार्ता में:-

1. 'समझौता' का दावा, लेकिन अस्पष्टता: पुतिन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यूक्रेन युद्ध पर 'समझौता' हुआ है, लेकिन इसका कोई स्पष्ट विवरण नहीं दिया। ट्रंप ने इसे 'सकारात्मक शुरुआत' बताया, पर कोई अंतिम समझौता होने से इनकार किया।
2. युद्धविराम पर जोर: ट्रंप ने युद्धविराम को प्राथमिकता दी, लेकिन पुतिन ने इसे रूस की शर्तों, जैसे यूक्रेन की NATO सदस्यता का त्याग, से जोड़ा। कोई ठोस प्रगति की जानकारी नहीं मिली।
3. क्षेत्रीय अदला-बदली का मुद्दा: ट्रंप ने डोनेट्स्क और अन्य कब्जाए क्षेत्रों में 'जमीन की अदला-बदली' का जिक्र किया, जिसे पुतिन ने समर्थन दिया। ज़ेलेंस्की ने इसे यूक्रेन के संविधान के खिलाफ बताया।
4. यूक्रेन की अनुपस्थिति और जेलेंस्की की नाराजगी: जेलेंस्की को बैठक से बाहर रखा गया, जिसे उन्होंने पुतिन की 'कूटनीतिक जीत' करार दिया। उन्होंने कहा कि रूस युद्ध खत्म करने को गंभीर नहीं है।
5. रूस की 'वैध सुरक्षा चिंताएं' पूरी हों: पुतिन ने कहा कि वह यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित करने को तैयार हैं, बशर्ते रूस की 'वैध सुरक्षा चिंताएं' पूरी हों। ट्रंप ने भी सुरक्षा गारंटी पर विचार करने का संकेत दिया, लेकिन NATO से दूरी बनाए रखी।
6. रूस पर प्रतिबंधों की चेतावनी: ट्रंप ने कहा कि अगर युद्धविराम नहीं हुआ, तो रूस के तेल और बैंकिंग सेक्टर पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे। पुतिन ने प्रतिबंधों में ढील की मांग रखी।
7. NATO और वैश्विक सुरक्षा: पुतिन ने यूक्रेन की NATO सदस्यता को रोकने और यूरोप में 'न्यायसंगत सुरक्षा संतुलन' की वकालत की। ट्रंप ने इस पर अस्पष्ट रुख अपनाया।
8. हथियार नियंत्रण संधि: पुतिन ने न्यू START संधि के खत्म होने के बाद नई हथियार नियंत्रण संधि की संभावना उठाई। ट्रंप ने इस पर सकारात्मक रुख दिखाया, लेकिन कोई ठोस वादा नहीं किया।
9. अलास्का का ऐतिहासिक संदर्भ: पुतिन ने 1867 में अलास्का की बिक्री का जिक्र कर क्षेत्रीय बदलाव को उचित ठहराया। यह मुद्दा प्रतीकात्मक रूप से उठा, जिसे रूस ने अपने पक्ष में इस्तेमाल किया।
10. अगली त्रिपक्षीय बैठक: ट्रंप ने संकेत दिया कि अगर यह वार्ता सफल रही, तो जल्द ही ज़ेलेंस्की को शामिल कर त्रिपक्षीय बैठक होगी। पुतिन ने इसे खारिज नहीं किया, लेकिन कोई ठोस सहमति नहीं जताई।
11. सीमित प्रतिनिधिमंडल: ट्रंप के साथ मार्को रुबियो और स्टीव विटकॉफ, जबकि पुतिन के साथ सर्गेई लावरोव और यूरी उशाकोव मौजूद थे। पहले तय एक-के-बाद-एक मुलाकात को तीन-तीन के प्रारूप में बदला गया।
12. अगले कदम: ट्रंप ने कहा कि वह जल्द ही जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं से बात करेंगे। पुतिन ने उम्मीद जताई कि कीव और यूरोप इस प्रक्रिया में बाधा नहीं डालेंगे। कोई त्रिपक्षीय बैठक की तारीख तय नहीं हुई।
रेड कार्पेट और 'द बीस्ट' में एक साथ सवारी
बैठक की शुरुआत गर्मजोशी से हुई, जिसमें ट्रंप और पुतिन ने रेड कार्पेट पर लंबे समय तक हाथ मिलाया और 'द बीस्ट' में सवारी की। यह स्वागत यूक्रेन युद्ध की गंभीरता को देखते हुए यूरोपीय नेताओं और जेलेंस्की के लिए चिंताजनक रहा। जेलेंस्की ने कहा, 'युद्ध इसलिए जारी है, क्योंकि मॉस्को इसे खत्म करने को तैयार नहीं है।' ट्रंप के लिए यह बैठक उनकी शांतिदूत छवि को मजबूत करने का मौका थी, लेकिन पुतिन को अमेरिकी धरती पर लाना रूस के लिए कूटनीतिक जीत माना जा रहा है।
Putin-Trump प्रेस कॉन्फ्रेंस और माहौल:
पुतिन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप के प्रयासों की सराहना की और उम्मीद जताई कि कीव और यूरोपीय देश इस प्रक्रिया में बाधा नहीं डालेंगे। ट्रंप ने इसे 'सकारात्मक शुरुआत' बताया, लेकिन कोई अंतिम समझौता नहीं होने की बात स्वीकारी। रूसी विशेष दूत किरिल दिमित्रिएव ने वार्ता को 'उल्लेखनीय रूप से अच्छी' करार दिया।
पुतिन की अमेरिका यात्रा का इतिहास:
पुतिन की यह आठवीं अमेरिका यात्रा है, लेकिन अलास्का की पहली यात्रा है, जिसे रूस ने 1867 में अमेरिका को बेचा था। उनकी पिछली यात्राओं में 2015 में न्यूयॉर्क (UNGA), 2007 में मेन (बुश के साथ), 2005 में न्यूयॉर्क (विश्व शिखर सम्मेलन), 2004 में जी-8 शिखर सम्मेलन, 2003 में UNGA और कैंप डेविड, 2001 में 9/11 के बाद राजकीय यात्रा, और 2000 में मिलेनियम शिखर सम्मेलन शामिल हैं।
क्या हुआ आगे?:
दोनों नेताओं ने कोई ठोस समझौता सार्वजनिक नहीं किया। यूरोपीय नेता और यूक्रेन इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि क्या यह वार्ता रूस के हितों को प्राथमिकता देगी। ट्रंप ने संकेत दिया कि अगली बैठक में ज़ेलेंस्की को शामिल किया जा सकता है, लेकिन अभी अनिश्चितता बनी हुई है।
ये भी पढ़ें- ट्रंप-पुतिन वार्ता: US के 32 हजार सैनिक तैनात, 8 मिनट दूर रूसी फाइटर जेट, पानी की बोतल व कप तक सील












Click it and Unblock the Notifications