ट्रंप ने अपने एडवाइजर्स की नहीं मानी बात, पुतिन को दी जीत की बधाई
वॉशिंगटन। रूस के चौथी बार राष्ट्रपति बनने के बाद व्लादिमिर पुतिन को पीएम मोदी और शी जिनपिंग से लेकर दुनिया के कई नेताओं ने उन्हें बधाई दी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देर से ही सही, लेकिन पुतिन को उनके फिर से राष्ट्रपति बनने के लिए आखिरकार शुभकामनाएं दे दीं। इस बीच अमेरिकी न्यूज पेपर द वॉशिंगटन पोस्ट ने खुलासा किया है कि नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर्स और उनके सहयोगियों ने ट्रंप को पुतिन की जीत पर उन्हें बधाई नहीं देने के लिए चेताया था। हालांकि, ट्रंप ने अपने सहयोगियों की बात को दरकिनार करते हुए, पुतिन को बधाई दे दी।

यूएन में अमेरिका ने की थी रूस की आलोचना
रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में यूके ने अपने देश में खतरनाक रासायनिक हथियार नर्व एजेंट का इस्तेमाल करने के लिए रूस पर आरोप लगाया था। वहीं, अमेरिका ने भी यूएन में कहा था कि उन पर रूस रासायनिक हथियार से अटैक कर सकता है। जिसके बाद ट्रंप के सहयोगियों ने उन्हें पुतिन के साथ कड़ा रुख अपनाने के लिए कहते हुए, उनको फिर से राष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई नहीं देने के लिए कहा था। इससे पहले पुतिन की जीत पर सीनेट जॉन मैक्केन ने भी कहा था कि एक अमेरिकी राष्ट्रपति तानाशाह की जीत पर उन्हें बधाई नहीं देते हैं।

ट्रंप ने नही मानी बात
हालांकि, ट्रंप ने किसी की भी बात नहीं मानी और मंगलवार को अपने ओवल ऑफिस में रिपोर्टर्स को कहा कि उन्होंने पुतिन को फोन कर उनकी जीत पर बधाई दी हैं। यही नहीं, ट्रंप ने साथ में यह भी कहा कि वे निकट भविष्य में पुतिन से मुलाकात करेंगे। बता दें कि रूस पर 2016 में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में दखलंदाजी का आरोप है, जिस पर अमेरिका में एक टीम इस मामले में जांच भी कर रही है।

ट्रंप ने कहा...
रूसी राष्ट्रपति से हुई बात को लेकर ट्रंप ने कहा, 'पुतिन से कॉल बहुत अच्छी थी। जिनके साथ यूक्रेन, सीरिया, नॉर्थ कोरिया और अन्य मुद्दे पर फोकस करने के लिए बात हुई। तो मुझे लगता है कि शायद हम जल्द ही मुलाकात करते हुए दिखेंगे।' वहीं, व्हाइट हाउस प्रवक्ता ने ट्रंप का बचाव करते हुए कहा कि कोई देश कैसे चलेगा इसका निर्णय अमेरिका नहीं करेगा। सैंडर्स ने आगे कहा कि पुतिन को वहां की जनता ने चुना है, हमें इसका सम्मान करना चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications