युद्ध रोकने के लिए पुतिन ने यूक्रेन के सामने रखी शर्त- 'हथियार डाले और..... '
मास्को, 6 मार्च: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को फिर से यूक्रेन को चेतावनी दी है कि यह जंग तभी रोकी जा सकती है, जब वह हथियार डाल दे और उसकी सभी शर्तें मानने के लिए तैयार हो जाए। पुतिन ने यह चेतावनी तुर्की के राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन के साथ फोन पर हुई बातचीत के दौरान दी है और उनसे कहा है कि तीसरे दौर की शांति बातचीत के लिए यूक्रेन को 'सकारात्मक' रवैया अपनाने की सलाह दी जानी चाहिए। पुतिन की यह चेतावनी क्रेमलिन की ओर से जारी हुआ है।

हथियार डाले और सभी शर्तें माने यूक्रेन- पुतिन
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को तुर्की के अपने समकक्ष तैयप एर्दोगन से फोन पर कहा है कहा है कि 'मिलिट्री ऑपरेशन' जिसमें कि पहले ही सैकड़ों लोग (दरअसल हजारों के मारे जाने की आशंका है) मारे जा चुके हैं, वह तभी रोका जा सकता है, जब यूक्रेन हथियार डाल दे और रूस की सारी शर्तों को मान ले। एर्दोगन से उन्होंने यह भी कहा है कि यूक्रेन को शांति प्रयासों की अगली दौर की बातचीत के लिए 'सकारात्मक' रुख अपनाने की सलाह दी जानी चाहिए।
पोप के कहने के बाद भी रूस का अड़ियल रवैया कायम
गौरतलब है कि पुतिन का यह रवैया तब सामने आया है, जब पोप फ्रांसिस ने कहा है कि जंग की वजह से यूक्रेन में 'खून और आंसू की नदियां बह रही हैं।' जबकि, क्रेमलिन की ओर से कहा गया है, 'यह बताया गया था कि विशेष ऑपरेशन का निलंबन सिर्फ तभी संभव है, जब कीव रुक जाए ... और जाने-माने रूसी मांगों को पूरा करे।' दरअसल, 24 फरवरी को जब रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण किया था, उसके अगले दिन से ही उसने यह कहना शुरू कर दिया था कि वह बातचीत के लिए तैयार है, यदि यूक्रेन 'हथियार डाल देता है।' इसके साथ ही रूस ने यूक्रेन पर यह कहकर हमला जारी रखा है कि जबतक उसकी सैन्य क्षमता पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती और वह उस देश को 'नव नाजियों' से मुक्त नहीं करा देता।
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इस बीच रूस यूक्रेन के बंदरगाह शहर खेरसोन पर कब्जा कर चुका है और खारकिव, चेरनिहिव और मारियुपोल को घेर रखा है। वह यूरोप के सबसे बड़े न्यूक्लियर पॉवर प्लांट को भी अपने नियंत्रण में ले चुका है। इसकी सेना का एक विशाल काफिला धीरे-धीरे राजधानी कीव की ओर लगातार बढ़ रहा है, लेकिन ब्रिटिश मिलिट्री इंटेलिजेंस के मुताबिक इसे भारी प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है।
उधर, यूक्रेन इस जंग में सक्रिय समर्थन नहीं मिल पाने की वजह से लगातार दबाव में है। राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने पश्चिम को चेतावनी देते हुए कहा है कि 'अगर आप यूक्रेन को शक्तिशाली सहायता उपलब्ध करवाने में नाकाम रहते हैं...तो कल को युद्ध आपके दरवाजे पर भी दस्तक देगा।' अभी तक रूस के साथ दो दौर की बातचीत भी हो चुकी है, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला है। तीन दौर की बातचीत जल्द होनी की संभावना है।












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