शहीद भारतीय सैनिक के बेटे के लिये 16 हजार पुश-अप्स करेगा ऑस्ट्रेलियाई
सिडनी। जो खबर हम आपको बताने जा रहे हैं, उसके बाद शायद एक कोशिश हो देश में सेना और सैनिकों के लिए कुछ करने की। ऑस्ट्रेलियाई सेना में ब्रिगेडियर 58 वर्षीय बिल सॉओरी ने भारतीय सेना के शहीद मेजर मोहित व्हिग के बेटे के इलाज के लिए फंड इकट्ठा करने के लिए एक नया और अनोखा रास्ता निकाला है।

मेजर मोहित के बीमार बेटे फतेह के इलाज के लिए हेतु 10,000 पौंड की रकम को इकट्ठा करने के लिए बिल 16,000 पुशअप्स करने वाले हैं।
बिल का 'टूर डे पुशअप्स फॉर फतेह'
इस लक्ष्य को बिल पुशअप्स के जरिए पूरा करने वाले हैं।इस नेक मकसद को पूरा करने के लिए बिली ने एक नवंबर से 'टूर डे पुशअप्स फॉर फतेह' नाम से एक कैंपेन शुरू किया है। एक नवंबर से अगले 23 दिनों तक बिली हर एक किलोमीटर पर चार पुशअप्स करेंगे।
यह रास्ता फ्रांस की साइकिल रेस टूर डे फ्रांस के दौरान कवर होने वाले रास्ते के जितना ही होगा। यानी कि 3,660 किमी के दौरान बिल करीब 16000 पुशअप्स को अंजाम देंगे। यह जानकारी इस कैंपेन के लिए बनाई गई वेबसाइट https://www.justgiving.com/yimby/puff#/ पर दी गई है।
बिली को पुशअप्स के जरिए जो भी रकम मिलेगी उससे फतेह और उसकी मां टीना के लिए ऑस्ट्रेलिया तक के लिए हवाई किराए, उनके रहने का इंतजाम और फतेह के इलाज का इंतजाम किया जाएगा। इसके अलावा अगले छह माह तक रिहैबिलिटेशन पर इस रकम को खर्च किया जाएगा। अभी तक बिल को इस मुहिम के लिए 9,000 पौंड की रकम इकट्ठा हो चुकी है।
कश्मीर में शहीद हुए थे मेजर मोहित
90 के दशक में जब कश्मीर घाटी में चरमपंथ बढ़ रहा था मेजर मोहित वहां पर तैनात थे। 4 जून 1997 को जब मोहित अपनी बटालियन के साथ गश्त पर थे तभी लैंडमाइन ब्लास्ट हुआ। इस हादसे में मेजर मोहित के अलावा तीन और सैनिक शहीद हो गए। शहीद मेजर मोहित के परिवार में उनकी पत्नी टीना के अलावा उनका बेटा जोरावर और फतेह हैं।
फतेह को जन्म से ही स्पाइना बायफेदा नामक बीमारी है। अच्छी मेडिकल सुविधाओं के बावजूद फतेह पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाया है। बिल ने वेबसाइट पर लिखा है कि अगर हम फतेह की मदद करते हैं तो वह आगे चलकर अपनी जिंदगी को सम्मान के साथ जी सकेगा।
कैसे हुई मेजर मोहित और बिली की दोस्ती
ब्रिगेडियर बिल ने अपनी वेबसाइट पर मेजर मोहित को अपना एक अच्छा दोस्त बताया है। बिल ने एक वर्ष तमिलनाडु के वेलिंगटन डिफेंस सर्विस स्टाफ कॉलेज में बिताया था।
वर्ष 1994 को जब बिल इस कॉलेज में अपने कोर्स के लिए आए तक मेजर मोहित को उनकी मदद के लिए बतौर 'स्पांसर' नियुक्त किया गया था। यहीं से ही बिल और मेजर मोहित की दोस्ती की शुरुआत हुई थी और यह आज तक कायम है।












Click it and Unblock the Notifications