Titanic Watch Auction: इतने करोड़ में बिकी टाइटैनिक जहाज वाली पॉकेट वॉच? घड़ी से ज्यादा कहानी की कीमत!
Titanic Watch Auction: क्या आपने जेम्स कैमरुन की टाइटैनिक फिल्म देखी है। यदि हां, तो आपको वो सीन जरूर याद होगा जब जहाज डूबने वाला होता है और फिल्म में थॉमस एन्ड्र्यू का किरदार निभा रहे एक्टर ने अपने कोट की जेब में हाथ डालकर अपने पॉकेट वॉच निकालता है और फिर जहाज में मौजूद स्टैंडिंग पैंडुलम वॉच की सुई अपनी घड़ी के साथ मैच करता है ताकि टाइटैनिक के डूबने का सही समय पता चल सके।
इसी सीन में जो घड़ी वाला वाकया फिल्माया गया, उसकी घड़ी दरअसल असली में है। जिसकी कहानी ने उस वक्त इतिहास रच दिया, जब फर्स्ट क्लास के यात्री इसिडोर स्ट्रॉस की सोने की पॉकेट घड़ी एक नीलामी में रिकॉर्ड 1.78 मिलियन पाउंड (लगभग 20.70 करोड़ भारतीय रुपए) में बिकी। नीलामीकर्ताओं का कहना है कि टाइटैनिक से जुड़ी किसी भी यादगार चीज़ के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी कीमत है।

18 कैरेट सोने की घड़ी और उसका इतिहास
यह घड़ी 18 कैरेट की जूल्स जुर्गनसेन पॉकेट वॉच है, जिस पर खूबसूरत नक्काशी की गई थी। इसे स्ट्रॉस को उनके 43वें जन्मदिन पर साल 1888 में गिफ्ट किया गया था। अप्रैल 1912 में टाइटैनिक के डूबने के बाद जब उनका शरीर मिला, उसी से यह घड़ी बरामद हुई। इसी साल स्ट्रॉस न्यूयॉर्क के मशहूर डिपार्टमेंट स्टोर मैसीज़ में पार्टनर बने थे।
फिल्म 'टाइटैनिक' वाली असली लव स्टोरी
1997 में जेम्स कैमरून की फिल्म "टाइटैनिक" में ल्यू पाल्टर और एल्सा रेवेन ने इस जोड़े की भूमिका निभाई थी। फिल्म में दिखाए गए उनके आखिरी क्षण असल कहानी से प्रेरित थे। जहाज के सर्वाइवर्स ने बताया कि जहाज डूबते समय दोनों को आखिरी बार एक-दूसरे का हाथ पकड़े डेक पर खड़े देखा गया था।
स्ट्रॉस की बहादुरी और इडा का साथ
स्ट्रॉस की उम्र ज्यादा होने की वजह से उन्हें लाइफबोट में सीट ऑफर की गई थी, लेकिन उन्होंने कहा कि पहले दूसरे लोग जाएं। इडा स्ट्रॉस ने भी लाइफबोट में जाने से मना कर दिया और अपने पति के साथ रहने का फैसला किया। दोनों उन कुछ फर्स्ट क्लास के यात्रियों में शामिल थे जो इस दर्दनाक हादसे में मारे गए। इस दुर्घटना में कुल 1,500 लोगों की जान गई थी।
एक सदी बाद परिवार से नीलामी तक का सफर
यह घड़ी 100 साल से भी ज्यादा समय तक स्ट्रॉस परिवार के पास रही। इसके बाद इसे ब्रिटेन के डेविज़ेस शहर में हेनरी एल्ड्रिज एंड सन नीलामीकर्ताओं ने बेचा। नीलामीकर्ताओं ने इसिडोर स्ट्रॉस की 18 कैरेट की जूल्स जुर्गनसेन घड़ी और उससे जुड़ी ऐतिहासिक जानकारी भी शेयर की।
टाइटैनिक के दूसरे खज़ाने भी बिके
शनिवार को नीलाम हुई अन्य चीज़ों में इडा स्ट्रॉस द्वारा टाइटैनिक पर लिखा गया एक पत्र, एक यात्री सूची और आरएमएस कार्पेथिया के क्रू को बचे हुए लोगों द्वारा दिया गया एक सोने का मेडल भी शामिल था। इन सभी चीज़ों की नीलामी से कुल 3 मिलियन पाउंड (लगभग 34.98 करोड़ भारतीय रुपए) मिले।
113 साल बाद भी ज़िंदा हैं ये कहानियां
नीलामीकर्ता एंड्रयू एल्ड्रिज ने एनबीसी न्यूज को बताया, "हर एक आदमी, औरत और बच्चे की अपनी एक कहानी थी।" उन्होंने कहा, "113 साल बाद भी हम वही कहानियां याद कर रहे हैं।" एल्ड्रिज ने स्ट्रॉस दंपति को "अविश्वसनीय प्रेम कहानी" कहा और बताया कि वे लगभग हर टाइटैनिक फिल्म में बेहद भावुक रूप में दिखाए गए हैं।
असली कीमत सिर्फ घड़ी की नहीं, कहानी की
एल्ड्रिज ने कहा, "घड़ी तो बस एक वस्तु है, लेकिन असली कीमत इस बात की है कि ये किसकी थी।" पिछले साल भी एक सोने की पॉकेट वॉच रिकॉर्ड में आई थी, जिसे उस जहाज के कप्तान को दिया गया था जिसने 700 से ज़्यादा यात्रियों की जान बचाई थी। वह घड़ी 1.56 मिलियन पाउंड में बिकी थी।
स्ट्रॉस की शुरुआत और उनका आखिरी सफर
इसिडोर स्ट्रॉस का जन्म 1845 में जर्मनी के बवेरिया के ऑटरबर्ग में एक यहूदी परिवार में हुआ था। वे 1854 में अमेरिका चले गए थे। यह दंपति अपनी यात्रा से वापस लौट रहे थे और साउथेम्प्टन से न्यूयॉर्क जाने के लिए टाइटैनिक में सवार हुए थे। लंदन के एक स्वतंत्र पत्रकार फ्रेडी क्लेटन ने इस पूरी खबर को कवर किया है।
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