जर्मनी में फिर चुनाव या बनेगी अल्पमत सरकार
जर्मनी में गठबंधन सरकार के गठन को लेकर चल रही बातचीत विफल हो गई है. एफ़डीपी के साथ गठबंधन सरकार बनाने पर मर्केल की बातचीत बेनतीजा रही.
जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल के पार्टी गठबंधन सीडीयू/सीएसयू ने इसी साल सितंबर में हुए चुनावों में सबसे अधिक वोट हासिल ज़रूर किए थे, लेकिन उसे 70 साल के सबसे बुरे नतीजों का सामना करना पड़ा था.
मर्केल को करीब 33 फ़ीसदी लोगों ने वोट दिया था, जबकि पिछली बार उन्हें वोट देने वालों का प्रतिशत क़रीब 40 था.
एफ़डीपी के नेता क्रिश्चियन लिंडनर ने कहा कि चांसलर एंगेला मर्केल के पार्टी गठबंधन पर 'भरोसा करने का कोई आधार' नहीं है.
जर्मनी चुनाव: मर्केल जीत तो गईं, लेकिन सरकार चलाना होगी चुनौती
आगे क्या होगा अभी ये तो स्पष्ट नहीं है, लेकिन मर्केल सोमवार को प्रेसीडेंट फ्रैंक वाल्टर स्टेनमियर से मुलाक़ात करेंगी. स्टेनमियर को मध्यावधि चुनाव की घोषणा करने का अधिकार है.
मर्केल ने कहा कि उन्हें गठबंधन को लेकर बातचीत टूट जाने का दुख है और वो प्रेसीडेंट से मुलाक़ात कर उन्हें बताएंगी कि बातचीत विफल रही है.
मर्केल ने कहा, "चांसलर होने के नाते मैं ये सुनिश्चित करूंगी कि आने वाले मुश्किल हफ्तों में देश में व्यवस्था कायम रहे."
मध्यावधि चुनावों को टालने के लिए मर्केल ग्रीन्स पार्टी के साथ अल्पमत सरकार भी बना सकती हैं, हालाँकि ग्रीन्स ने इस बारे में अभी कोई टिप्पणी नहीं की है.












Click it and Unblock the Notifications