20 सालों में आए सबसे भयानक बाढ़ ने बांग्लादेश में मचाया कहर, इतनी बारिश से मौसम वैज्ञानिक भी हुए हैरान
भारत के पूर्वोत्तर राज्यों सहित बांग्लादेश में बीते दो दशकों में आई सबसे भीषण बाढ़ ने कहर बरपा रखा है। दोनों देशों में बाढ़ के कारण हालात काफी बुरे हैं।
ढाका, 25 मईः भारत के पूर्वोत्तर राज्यों सहित बांग्लादेश में बीते दो दशकों में आई सबसे भीषण बाढ़ ने कहर बरपा रखा है। दोनों देशों में बाढ़ के कारण हालात काफी बुरे हैं। भारत के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश सहित बांग्लादेश के करीब 30 लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं। प्री मानसून में हुई इतनी बारिश से मौसम वैज्ञानिक भी चकित हैं। वे इसे ग्लोबल चेंज का प्रभाव बता रहे हैं।

भुखमरी-महामारी का खतरा बढ़ा
हालांकि बीते कुछ दिनों से बाढ़ का पानी उतर रहा है लेकिन इससे भुखमरी और महामारी का खतरा बढ़ गया है। हजारों लोगों को भोजन की कमी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर सरकारी सहायता नहीं पहुंच पायी है जिस कारण इन इलाकों में बच्चे भूखे पेट दिन गुजार रहे हैं।

2 मिलियन से अधिक लोग प्रभावित
अधिकारियों के मुताबिक बांग्लादेश के सिलहट और सुनामगंज के इलाके लगभग 70 फीसदी तक जलमग्न हो चुके हैं। इस कारण इन दो जगहों पर लगभग 60 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 20 लाख से ज्यादा लोग बुरी तरह फंसे हुए हैं। 20 साल के अंदर ये बाढ़ की ये सबसे खराब स्थिति है। विशेषज्ञों के मुताबिक पूर्वोत्तर भारत सहित इस इलाके में प्री मानसून के कारण हुई भारी बारिश से बाढ़ आई है।

20 सालों में आई सबसे बड़ी बाढ़
दरअसल बीते दिनों असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम में जमकर बारिश हुई थी। ये पानी बहकर भारत से सटे बांग्लादेश के निचले हिस्से जिसमें सिलहट, सुनमगंज समेत छह से ज्यादा जिले हैं वहां पहुंच गए। इन जिलों में भी हुई तेज बारिश ने स्थिति को और गंभीर कर दिया जिसकी वजह से बीते 20 सालों में सबसे भयंकर बाढ़ देखने को मिला। फिलहाल अभी सूरमा नदी के कनैघाट और सुनामगंज में जल स्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।

हैरान हैं मौसम वैज्ञानिक
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ये इलाके हर साल अधिक बारिश के लिए जाने जाते हैं लेकिन इस साल जिस तरह की बारिश हुई है वह कहीं से भी सामान्य नहीं है। यह निश्चित रूप से ग्लोबल चेंज का प्रभाव है।












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