वर्ल्ड पॉलिटिक्स में बढ़ता जा रहा भारतीयों का दबदबा, हैरिस-सुनक के बाद अब सिंगापुर में भी भारतवंशी का राज
थरमन शनमुगरत्नम के सिंगापुर का राष्ट्रपति चुनाव जीतने के साथ ही वह भारतीय मूल के उन नेताओं की लंबी सूची में शामिल हो गए हैं जो विश्व की महत्वपूर्ण राजधानियों में राजनीति पर अपना दबदबा बनाए हुए हैं।
थर्मन ने रिकॉर्ड 70.4 फ़ीसदी वोट हासिल कर चुनावों में आसान जीत हासिल की। उनकी इस जीत को प्रतिनिधित्व और नस्लवाद के ख़िलाफ आवाज की जीत बताया जा रहा है।

इससे पहले ब्रिटेन में ऋषि सुनक ने प्रधानमंत्री बनने और अमेरिका में कमला हैरिस के उप-राष्ट्रपति पद हासिल करने में सफलता पाई थी। सिर्फ अमेरिका, ब्रिटेन और सिंगापुर ही नहीं, दुनियाभर के कई देशों की राजनीति में भारतवंशियों का बोलबाला देखने को मिल रहा है।
2 साल पहले इंडियास्पोरा गवर्नमेंट लीडर्स द्वारा जारी एक लिस्ट के मुताबिक 15 से अधिक देशों में 200 से अधिक भारतीय मूल के नेता शीर्ष पदों पर काबिज हैं। इनमें से 60 से अधिक कैबिनेट पदों पर हैं।
अमेरिका
कमला हैरिस 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में अमेरिका की उपराष्ट्रपति बनने वाली पहली भारतीय मूल और अश्वेत महिला बनीं। नंबर में मध्यावधि चुनावों में, डेमोक्रेट पार्टी के पांच भारतीय-अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति, रो खन्ना, प्रमिला जयपाल, अमी बेरा और श्री थानेदार अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए। इसके साथ ही निक्की हेली और विवेक रामास्वामी जैसे कुल 4 भारतीय मूल के नेताओं ने अगले साल होने वाले राष्ट्रपति के चुनाव के लिए अपनी दावेदारी पेश की है।
ब्रिटेन
ऋषि सुनक पिछले साल ब्रिटेन के पहले भारतीय मूल के प्रधानमंत्री बने थे। वे ब्रिटेन में 210 वर्षों में सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री बने। उनके मंत्रिमंडल में गोवा मूल के दो मंत्री हैं, ऊर्जा सुरक्षा और नेट ज़ीरो राज्य सचिव क्लेयर कॉटिन्हो और गृह सचिव सुएला ब्रेवरमैन। सुनक से पहले, बोरिस जॉनसन के मंत्रिमंडल में प्रीति पटेल गृह सचिव थीं। आलोक शर्मा जॉनसन कैबिनेट में अंतरराष्ट्रीय विकास सचिव थे।
कनाडा
अनीता आनंद कनाडा में संघीय मंत्री बनने वाली पहली हिंदू हैं। आनंद ने जुलाई, 2023 को ट्रेजरी बोर्ड के अध्यक्ष की भूमिका संभाली। आनंद के अलावा, कनाडाई प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो के मंत्रिमंडल में दो और भारतीय मूल के सदस्य हैं - हरजीत सज्जन और कमल खेरा।
इसके अलावा कई देशों भारतीय मूल के नेता शीर्ष पदों पर हैं।
- आयरलैंड के प्रधानमंत्री लियो एरिक वराडकर भारतीय मूल के हैं।
- एंटोनियो कोस्टा 2015 से पुर्तगाल के प्रधानमंत्री हैं। वह आधे भारतीय और आधे पुर्तगाली हैं।
- प्रियंका राधाकृष्णन न्यूजीलैंड में मंत्री बनने वाली भारतीय मूल की पहली व्यक्ति हैं।
- त्रिनिदाद और टोबैगो की निर्वाचित राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू का जन्म एक इंडो-ट्रिनिडाडियन परिवार में हुआ था।
- भारतीय मूल के वकील और लेखक प्रीतम सिंह 2020 से सिंगापुर में विपक्ष के नेता के रूप में कार्यरत हैं।
- देवानंद शर्मा 2019 में ऑस्ट्रेलियाई संसद के सदस्य बनने वाले भारतीय मूल के पहले व्यक्ति बने।
- गुयाना के राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली का संबंध भारत से है।
- प्रविंद जुगनाथ जनवरी 2017 से मॉरीशस के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यरत हैं। उनके परदादा 1870 के दशक में भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश से मॉरीशस चले गए थे।
- साल 2019 से मॉरीशस के राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रूपन का जन्म एक भारतीय आर्य समाज हिंदू परिवार में हुआ था।
- पूर्व पुलिस अधिकारी चंद्रिकाप्रसाद 'चान' संतोखी 2020 से सूरीनाम के नौवें राष्ट्रपति हैं। संतोखी का जन्म 1959 में लेलीडॉर्प में एक इंडो-सूरीनाम हिंदू परिवार में हुआ था।
- वेवेल रामकलावन अक्टूबर 2020 से सेशेल्स के राष्ट्रपति के रूप में कार्यरत हैं। उनके दादा बिहार से थे।












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