दोस्त का खून खुद पर लगाया, मरने का किया नाटक: टेक्सास फायरिंग में जिंदा बची लड़की की आपबीती

टेक्सास, 27 मई: पिछले दिनों अमेरिका के टेक्सास के एक एलीमेंट्री स्कूल में हुई अंधाधुंध फायरिंग में 19 बच्चे मारे गए। शूटिंग में एक टीचर की भी मौत हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में हमलाभर भी मारा गया है। अब इस हादसे से जुड़ी कई चौंकाने वाली कहानियां सामने आ रही हैं। इस हादसे में जिंदा बचे एक 11 साल के बच्चे ने दिल दहलाने वाला बाकया शेयर किया है। 11 साल की बच्ची मियाह केरिलो के परिवार वालों ने बताया है कि जब वो क्लास में गोलियां चलाए जा रहा था, तो उनकी बेटी ने अपने दोस्त के शरीर से निकल रहे खून को लगा लिया और कातिल के सामने मरने का नाटक किया। इसी कारण वो आज जिंदा है।

मियाह तो बच गई लेकिन उनकी दोस्त इस शूटिंग में मारी गई

मियाह तो बच गई लेकिन उनकी दोस्त इस शूटिंग में मारी गई

वॉशिंगटन टाइम्स के मुताबिक, चौथी क्लास की स्टूडेंट मियाह केरिलो उस दिन एक घंटा देरी से स्कूल आई थी। दरअसल उस दिन उन्हें डॉक्टर को दिखाने जाना था। पर जैसे ही वो स्कूल पहुंची तभी वहां शूटर ने अटैक कर दिया था। मियाह और उनकी दोस्त ने इस हमले से बचने की काफी कोशिश की। मियाह तो बच गई लेकिन उनकी दोस्त इस शूटिंग में मारी गई। मरने का नाटक करने से पहले, उसने अपनी मरी हुई टीचर का फोन लिया और 911 पर मदद के लिए कॉल किया था।

बुरे वक्त में दिखाया साहस और बच गई जान

बुरे वक्त में दिखाया साहस और बच गई जान

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस वक्त वो टीएजर बच्चों पर गोलियां चला रहा था। उस समय मियाह ने अपनी जान बचाने के लिए अपनी दोस्त के शरीर से बह रहे खून को अपने उपर पोत लिया। जिससे वो शूटर को चकमा दे सके। मियाह की इस सूझबूझ से उसकी जान बच गई। मियाह केरिलो पूरी तरह से इस सदमें से बाहर नहीं निकल पाई है। लेकिन गोलीबारी के दौरान उसने क्या देखा इसकी जानकारी वो इसी कारण पूरी तरह से अभी नहीं दे पा रही है।

अभी सदमे में है 11 साल की मियाह

अभी सदमे में है 11 साल की मियाह

मियाह की आंटी ने बताया कि इस हादसे के बाद से ही उनकी बच्ची को रात में 'पैनिक अटैक' आ रहे हैं। 11 साल की लड़की को बुलेट के टुकड़ों से लगी चोट के कारण अस्पताल ले जाया गया। मियाह अमेरिका के इतिहास की शायद सबसे बुरी शूटिंग से बच गई है लेकिन वह सदमे में है। बच्ची के पिता मिगुएल सेरिलो ने मीडिया को बताया कि जब वह स्कूल पहुंचे तो उन्होंने देखा कि एक पुलिस अधिकारी खून से लथपथ मेरी बेटी को इमारत से बाहर ले जा रहा था। फिर उसे स्कूल बस में बिठाया गया लेकिन उसके उसके साथ नहीं जाने दिया गया।

मारी गई टीचर ने आखिरी सांस तक बचाई बच्चों की जान

मारी गई टीचर ने आखिरी सांस तक बचाई बच्चों की जान

इस हादसे में मारी गई टीचर एरमा ग्रासिया ने बच्चों के बचाने के लिए अपनी जान तक कुर्बान कर दी। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, गोलीबारी के बाद जब मिसेज ग्रासिया की बॉडी मिली तो ऑफिसर्स ने बताया कि वो बच्चों को आखिर दम तक बचाने की कोशिश करती रही। वो हीरो थी। अंतिम समय तक उनकी बाजुओं में एक बच्चा था। इससे भी बुरी खबर ये है कि ग्रासिया की मौत के बाद उनके पति का भी हार्टअटैक से निधन हो गया है।

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