पाकिस्तान में बैठे आतंकियों ने शेख हसीना को देश छोड़ने पर किया मजबूर, JuD के खुलासे से मची सनसनी
Bangladesh Crisis: पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उद-दावा (JuD) के नेताओं ने दावा किया है कि उन्होंने पिछले वर्ष बांग्लादेश में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में सक्रिय भूमिका निभाई थी,जिनके चलते प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद छोड़ना पड़ा। ये सनसनीखेज दावे JuD के वरिष्ठ नेताओं सैफुल्लाह कसूरी और मुज़म्मिल हाशमी ने इस सप्ताह पाकिस्तान में आयोजित अलग-अलग सार्वजनिक सभाओं के दौरान किए। गौरतलब है कि दोनों नेता 26/11 मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड और हाफिज सईद के करीबी सहयोगी माने जाते हैं।

'हमने बांग्लादेश में पिछले साल तुम्हें हरा दिया'
पंजाब प्रांत के अल्लाहाबाद में एक जनसभा के दौरान सैफुल्लाह कसूरी ने कहा,
'मैं सिर्फ चार साल का था जब 1971 में पाकिस्तान टूटा था। इंदिरा गांधी ने तब कहा था कि दो-राष्ट्र सिद्धांत को बंगाल की खाड़ी में डुबो दिया गया। लेकिन हमने 2024 में उसका बदला ले लिया।' उनके इस बयान की तस्दीक जमात-उद-दावा के एक और नेता मुज़म्मिल हाशमी ने गुजरांवाला में की। उन्होंने खुले मंच से कहा, 'हमने बांग्लादेश में पिछले साल तुम्हें हरा दिया।' हाशमी का इशारा सीधा शेख हसीना के उस इस्तीफे की तरफ था, जो 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद हुआ था।
हिंसक प्रदर्शन के बीच शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना को 5 अगस्त 2024 को तब इस्तीफा देना पड़ा, जब देशभर में सरकार विरोधी आंदोलन चरम पर पहुंच गए थे। चुनावी गड़बड़ियों, सत्तावादी रवैये और लोकतांत्रिक संस्थाओं के दमन के खिलाफ हजारों लोग लगातार सड़कों पर उतर आए। विरोध इतना तेज़ हो गया कि सेना और पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हालात बेकाबू हो गए। देश में भड़की हिंसा के बीच शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा और अंततः उन्हें देश छोड़ना पड़ा। इसके बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद युनूस के नेतृत्व में नई सरकार बनी।
अब जमात-उद-दावा के नेताओं द्वारा किए गए खुलासों ने इस घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है। JuD नेताओं ने दावा किया है कि इन प्रदर्शनों को उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से हवा दी, ताकि शेख हसीना की सरकार गिराई जा सके। यदि इन दावों में थोड़ी भी सच्चाई है, तो यह केवल बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति का मामला नहीं है, बल्कि यह एक अंतरराष्ट्रीय साजिश की परतें भी खोलता है - जिसमें पाकिस्तान से संचालित आतंकी नेटवर्क सीधे तौर पर लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को अस्थिर करने में जुटा है।
एयर स्ट्राइक का किया जिक्र
JuD नेता ऑपरेशन सिंदूर का भी किया जिक्र
कसूरी ने अपने भाषण में हाल ही में भारत द्वारा पाकिस्तान के मुरिदके (जहां JuD और LeT का मुख्यालय है) पर की गई एयर स्ट्राइक का भी ज़िक्र किया। कसूरी ने कहा कि इस हमले में उनका साथी मुदस्सर मारा गया, लेकिन उन्हें उसके जनाज़े में शामिल होने नहीं दिया गया। कसूरी के मुताबिक, इस एयर स्ट्राइक में उनका करीबी साथी मुदस्सर मारा गया। उन्होंने कहा, 'मुझे उसके जनाज़े में जाने नहीं दिया गया, लेकिन पाकिस्तान की सिविल और मिलिट्री अफसरशाही वहां मौजूद थी।
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'हम अगली पीढ़ी को जिहाद के लिए तैयार कर रहे हैं'
कसूरी ने चुनौतीपूर्ण लहजे में कहा, मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र में था जब पहलगाम की घटना हुई। भारत ने मुझे इस हमले का मास्टरमाइंड बना दिया। भारत ने कसूर को मशहूर कर दिया। हम अगली पीढ़ी को जिहाद के लिए तैयार कर रहे हैं। हमें मरने का डर नहीं है।'












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