अमेरिका पर हुए 9/11 हमले में लादेन के खिलाफ सबूत नहीं, 20 साल पुरानी बात पर तालिबान अब भी कायम
20 साल चले अफगान युद्ध के बाद भी तालिबान ने मानने से इनकार कर दिया है कि 9/11 में ओसामा बिन लादेन का हाथ था।
काबुल, अगस्त 26: अफगानिस्तान में दोबारा सरकार बनाने जा रहे तालिबान अभी भी 20 साल पुरानी बात पर कायम है। तालिबान ने साफ तौर पर एक बार फिर से कहा है कि अमेरिका में 9/11 हमले में ओसामा बिन लादेन शामिल नहीं था और उसके खिलाफ एक भी सबूत नहीं है। तालिबान ने कहा है कि 20 सालों तक चले अफगानिस्तान युद्ध के बाद भी ओसामा बिन लादेन के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं।

नहीं हैं लादेन के खिलाफ सबूत
तालिबान ने ओसामा बिन लादेन को बेदाग मानते हुए कहा है कि 'ओसामा बिन लादेन के खिलाफ अमेरिका में हुए हमले में शामिल होने को लेकर एक भी सबूत नहीं है। ऐसा एक भी सबूत नहीं है, जिससे पता चल सके कि ओसामा बिन लादेन अमेरिका पर हुए 9/11 हमले में शामिल था।' तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने एनबीसी न्यूज से बात करते हुए तालिबान के 20 साल पुरानी बातों को एक बार फिर से दोहराया है। जबीहुल्लाह मुजाहिद ने एनबीसी से बात करते हुए कहा कि 'अफगानिस्तान में 20 सालों तक युद्ध चला है और इन 20 सालों के युद्ध के बाद भी एक भी ऐसे सबूत नहीं मिले हैं, जिससे साबित हो सके कि ओसामा बिन लादेन अमेरिका पर हुए हमले के लिए जिम्मेदार था। हमारे पास एक भी ऐसा सबूत नहीं है, जो लादेन को जिम्मेदार ठहराए।'
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'इंसाफ के लिए नहीं थी लड़ाई'
तालिबानी प्रवक्ता ने एनबीसी न्यूज से बात करते हुए अमेरिका के ऊपर अफगानिस्तान में युद्ध थोपने का आरोप लगाया है। तालिबानी प्रवक्ता ने कहा कि 'ये लड़ाई किसी भी तरह से इंसाफ के लिए लड़ाई नहीं थी, ये इस लड़ाई को सही साबित करने के लिए सिर्फ एक बहाना है'। आपको बता दें कि तालिबान की तरफ से दिए गये इस बयान के बाद साबित हो गया है कि तालिबान अभी भी अपने 20 साल पुराने स्टैंड पर कायम है। दरअसल, जब अमेरिका के ट्विन टॉवर पर हमले के बाद अमेरिका ने तालिबान को ओसामा बिन लादेन को सौंपने के लिए कहा था। उस वक्त ओसामा बिन लादेन अफगानिस्तान में ही रह रहा था और अलकायदा उस वक्त काफी शक्तिशाली आतंकी संगठन हुआ करता था। जिस वक्त अमेरिका में हमला हुआ था, उस वक्त अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार थी और तालिबान ने ओसामा बिन लादेन को अमेरिका के हाथों में सौंपने से इनकार कर दिया है।

अमेरिका ने किया था हमला
9/11 हमले के बाद जब तालिबान ने ओसामा बिन लादेन को अमेरिका के हवाले करने से इनकार कर दिया था, उसके बाद अमेरिका ने नाटो की मदद से अफगानिस्तान पर हमला कर दिया था। उस वक्त काबुल में अलकायदा की सरकार थी और सरकरा चला था तालिबान का हेड मुल्ला उमर। अमेरिका ने कुछ ही दिनों में तालिबान को राजधानी से खदेड़ दिया और फिर बाद में तालिबान के संस्थापक मुल्ला उमर को बम से उड़ा दिया था और ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में जाकर छिप गया था। 2011 में अमेरिका की सील फोर्स ने पाकिस्तान के एबटाबाद के एक गुप्त घर में घुसकर ओसामा बिन को मारा दिया था और अब जाकर अफगानिस्तान से अमेरिका बाहर निकल गया है। लेकिन, 20 साल की इस लड़ाई के बाद भी तालिबान ने मानने से इनकार कर दिया है कि अमेरिका पर हुए हमले में ओसामा बिन लादेन का हाथ था।
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