तालिबान करेगा धमाके करने वाली स्पेशल आर्मी का निर्माण, अमेरिका-भारत समेत टेंशन में दुनिया
तालिबान ने संकटों से निपटने के लिए सेना में स्पेशल स्क्वायड की भर्ती की आधिकारिक घोषणा कर दी है, जो अमेरिका, भारत और पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ी चिंता पैदा कर सकते हैं।
काबुल, जनवरी 07: तालिबान ने विश्व के सबसे खतरनाक सेना का निर्माण करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है और तालिबान की सेना का 'शक्ल' देखकर अमेरिका और भारत समेत दुनिया के हर देश टेंशन में आ गये हैं। तालिबान ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि, वो 'खतरों' से निपटने के लिए अब आत्मघाती हमलावरों की सेना तैयार करेगा। तालिबान ने कहा है कि, उसका मकसद आईएसआईएस को रोकना है।

आत्मघाती हमलावरों की नियुक्ति
तालिबान आधिकारिक तौर पर सेना का हिस्सा बनने के लिए आत्मघाती हमलावरों की भर्ती करेगा। पिछले साल 15 अगस्त को अफगानिस्तान की सत्ता पर कब्जा करने के बाद से सत्ता को स्थिर करने की कोशिश में लगे तालिबान के सामने सबसे बड़ा खतरा आईएसआईएस-खुरासन है, जिसमें अगस्त के बाद अफगानिस्तान में छोटे-बड़े मिलाकर कई बम विस्फोट किए हैं, जिनमें 300 से ज्यादा लोग मारे गये हैं, वहीं, आईएसआईएस ने तालिबानी लड़ाकों को भी निशाना बनाया है। लिहाजा, अफगानिस्तान में सरकार बनाने के बाद से तालिबान अपने प्रतिद्वंद्वी इस्लामिक स्टेट से सबसे बड़ा खतरा महसूस कर रहा है और आईएसआईस को रोकने की कोशिश कर रहा है।
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अमेरिका के खिलाफ आजमाया तरीका
आत्मघाती हमलावरों की 'फौज' तालिबान के लिए पिछले 20 सालों से आजमाया हुआ तरीका है और अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ चल रही अफगानिस्तान जंग में तालिबान ने व्यापक तरीके पर आत्मघाती हमलावरों का इस्तेमाल किया है। तालिबान के उप प्रवक्ता बिलाल करीमी ने कहा कि, अब तालिबान एक इकाई के तहत काम करने और अफगानिस्तान की रक्षा के लिए देश भर में आत्मघाती हमलावरों के बिखरे हुए दस्तों को सुधारने और उन्हें संगठित करने का काम करेगा। वहीं, तालिबान के इस सुसाइड बॉम्बर्स को लेकर भारत और अमेरिका टेंशन में हैं, क्योंकि, जिहाज के नाम पर ट्रेन किए गये से आत्मघाती हमलावर काफी आसानी से धमाके करने के लिए तैयार किए गये होते हैं।

'देश के लिए देंगे शहादत'
तालिबान के उप प्रवक्ता करीमी ने कहा कि, इनमें से कई हमले आत्मघाती हमलावरों ने किए भी हैं करीमी ने कह कि, "विशेष बल, जिनमें शहादत चाहने वाले शामिल हैं, उनका इस्तेमाल खतरनाक अभियानों को अंजाम देने में किया जाएगा।" इस बीच, तालिबान शासन ने कहा है कि वह सीमा पर बाड़ लगाने के विवादास्पद मुद्दे पर पड़ोसी देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच डूरंड लाइन पर पाकिस्तान को बाड़ लगाने की इजाजत नहीं देगा, लिहाजा अब पाकिस्तान भी टेंशन में है।

तालिबान बनाम पाकिस्तान
तालिबान और पाकिस्तान के बीच डूरंड लाइन को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है और पिछले 2 सालों से पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान की सीमा पर डूरंड लाइन पर बाड़ का निर्माण किया था, जिसे अब तालिबान ने काफी तेजी के साथ तोड़ना शुरू कर दिया है और तालिबान से साफ कर दिया है कि, वो डूरंड लाइन को नहीं मानता है। वहीं, पाकिस्तान की सरकार की तरफ से कहा गया है कि, बाड़ बनाने का काम जारी रहेगा और वो नहीं रूकेंगे। जिसके बाद अब पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर तनाव बढ़ चुका है और अगर तालिबान ने अपने 'सुसाइड बॉम्बर्स' को पाकिस्तान भेजना शुरू कर दिया, तो पाकिस्तान की स्थिति तालिबान काफी खराब कर सकता है, लिहाजा पाकिस्तान के एक धड़े ने तालिबान को 'जहरीला' कहना शुरू कर दिया है।

डूरंड लाइन पर तालिबान बनाम पाकिस्तान
पिछले हफ्ते तालिबान के खुफिया महानिदेशालय के प्रांतीय प्रमुख ने पूर्वी नंगरहार में पाकिस्तानी सेना द्वारा की जा रही बाड़ फेंसिंग को रोक दिया था। आपको बता दें कि, दोनों देश करीब 2400 किमी की सीमा को साझा करते हैं, जिस पर अक्सर विवाद होता है और तालिबान द्वारा डूरंड लाइन पर पाकिस्तानी बाड़ को तोड़ने का ये कोई पहला वीडियो सामने नहीं आया है, बल्कि सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो मौजूद हैं, जिनमें तालिबान को बाड़ तोड़ते हुए देखा जा रहा है और तालिबान के आगे पाकिस्तान की सेना जिस तरह से मूकदर्शक बनी रहती है, उससे साफ जाहिर है कि, तालिबान के आगे पाकिस्तान सरेंडर कर चुका है या तालिबान को कैसे रोके, अब पाकिस्तान की सरकार को समझ नहीं आ रहा है, क्योंकि, तालिबान को सबसे ज्यादा समर्थन पाकिस्तान से ही मिला है।












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