दाढ़ी नहीं रखने की सजा! तालिबान ने क्लीन सेव वाले 280 जवानों को सिक्योरिटी फोर्स की नौकरी से किया बर्खास्त
Taliban News: अगस्त 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता पर कब्जा करने के बाद से तालिबान लगातार देश में मनमाने फैसले कर रहा है। महिलाओं को घर की चाहरदीवारी में कैद करने के बाद अब तालिबान के अधिकारी उन लोगों को नौकरी से निकाल रहे हैं, जो क्लीन सेव के साथ काम करते थे।
तालिबान के अधिकारियों ने मंगलवार को घोषणा की है, कि तालिबान के 'दुराचार निवारण और सद्गुण प्रचार मंत्रालय' ने दाढ़ी न बढ़ाने के कारण 280 से ज्यादा सुरक्षा बल के सदस्यों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है और पिछले वर्ष अफगानिस्तान में "अनैतिक कृत्यों" के लिए 13,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है।

तालिबान के मंत्रालय ने अपने वार्षिक अपडेट में खुलासा किया है, कि हिरासत में लिए गए लोगों में से लगभग आधे को 24 घंटे के भीतर रिहा कर दिया गया। मंत्रालय ने कथित अपराधों की प्रकृति या बंदियों के लिंग के बारे में जानकारी नहीं दी, जिससे ये पता नहीं चल पाया, कि जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया था, वो महिला थीं या पुरूष।
मंत्रालय में योजना और विधान के डायरेक्टर मोहिबुल्लाह मोखलिस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की, कि पिछले वर्ष 21,328 संगीत वाद्ययंत्रों को नष्ट कर दिया गया और हजारों कंप्यूटर ऑपरेटरों को "अनैतिक" फिल्में बेचने से रोका गया। उन्होंने यह भी कहा, कि इस्लामी कानून की उनकी व्याख्या के अनुसार, दाढ़ी की आवश्यकता का पालन न करने के कारण 281 सुरक्षा बल सदस्यों को बर्खास्त कर दिया गया।
मानवाधिकार को लेकर तालिबान की आलोचना
तालिबान के 2021 में सत्ता में आने के बाद काबुल में पूर्व महिला मंत्रालय के परिसर को अपने अधीन करने वाले मंत्रालय को, महिलाओं पर प्रतिबंध लगाने और उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलने के लिए मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र की आलोचना का सामना करना पड़ा है।
अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन ने ऐसे उदाहरणों का दस्तावेजीकरण किया है, जहां नैतिकता मंत्रालय के अधिकारियों ने इस्लामी ड्रेस कोड की उनकी व्याख्या का पालन न करने के लिए महिलाओं को हिरासत में लिया है। रिपोर्ट में कहा गया है, कि महिलाओं को कई कई घंटे तक जेल में रखा गया। हालांकि, तालिबान इन आरोपों को "निराधार" बताते हुए खारिज करता है, और दावा करता है, कि उनके नियम इस्लामी कानून और अफगान रीति-रिवाजों की उनकी व्याख्या पर आधारित हैं।
मंत्रालय ने महिलाओं के पहनावे या पुरुष अभिभावक के बिना उनकी यात्रा से संबंधित आँकड़े नहीं दिए।
तालिबान ने महिलाओं की लंबी दूरी की यात्रा के लिए किसी पुरूष अभिभावक को साथ होना अनिवार्य कर रखा है।

मोखलिस ने कहा, कि कंधार में सर्वोच्च आध्यात्मिक नेता की देखरेख में इस्लामी ड्रेस कोड के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए एक नई योजना विकसित की जा रही है। मोखलिस ने कहा, कि "सर्वोच्च नेता के मार्गदर्शन के आधार पर, महिलाओं के हिजाब के पालन के लिए एक मसौदा योजना तैयार की गई है और उसे मंजूरी दी गई है।"
इससे पहले, मंत्रालय ने कहा था, कि महिलाओं को अपना चेहरा ढंकना चाहिए या पूरा बुर्का पहनना चाहिए।
तालिबान की वापसी से पहले ज्यादातर अफगान महिलाएं सार्वजनिक रूप से अपने बाल ढंकती थीं, लेकिन अफगानिस्तान से बुर्के का चलन करीब करीब खत्म हो चुका था, लेकिन तालिबान के आने के बाद अब बुर्का पहनना अनिवार्य है। मोखलिस ने यह भी कहा, कि मंत्रालय ने महिलाओं की बिक्री के 200 से ज्यादा मामलों और महिलाओं के खिलाफ हिंसा के 2,600 से ज्यादा मामलों को रोका है।












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