भारत के दोस्त इस्माइल खान को तालिबान ने पकड़ा, गवर्नर समेत कई बड़े नेता भी बनाए गये बंदी
टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक हेरात शहर के गवर्नर, सभी सरकारी अधिकारी, पुलिस अधिकारी, पुलिस प्रमुख, एनडीएस ऑफिस के चीफ को तालिबान ने पकड़ लिया है।
काबुल, अगस्त 13: अफगानिस्तान से बड़ी खबर आ रही है कि तालिबान ने हेरात पर कब्जा करने के साथ साथ अफगानिस्तान सरकार के कई बड़े नेताओं को पकड़ लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत के दोस्त माने जाने वाले और हेरात के बूढ़े शेर के नाम से मशहूर इस्माइल खान को भी तालिबान ने बंदी बना लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस्माइल खान के नेतृत्व में तालिबान के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन चलाया जा रहा था, लेकिन तालिबान ने हेरात शहर पर कब्जा करने के साथ साथ कई बड़े नेताओं को पकड़ लिया है।
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तालिबान ने कई बड़े नेताओं को पकड़ा
टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक हेरात शहर के गवर्नर, सभी सरकारी अधिकारी, पुलिस अधिकारी, पुलिस प्रमुख, एनडीएस ऑफिस के चीफ और पूर्व मजाहिदीन नेता और हेरात के शेर कहे जाने वाले 75 वर्षीय बुजुर्ग इस्माइल खान को भी तालिबान ने पकड़ लिया है। ईरान की सीमा के पास स्थित हेरात शहर रणनीतिक तौर पर काफी महत्वपूर्ण है, लेकिन गवर्नर समेत तमाम पुलिस अधिकारियों का पकड़ा जाना अफगान सरकार के लिए बहुत बड़ा झटका है। अफगानिस्तान समाचार मीडिया, टोलोन्यूज ने अज्ञात सूत्रों के हवाले से कहा कि राज्यपाल, पुलिस प्रमुख, एनडीएस कार्यालय के प्रमुख, मुजाहिदीन के पूर्व नेता मोहम्मद इस्माइल खान, सुरक्षा के लिए आंतरिक उप मंत्री और 207 जफर कॉर्प्स कमांडर सहित सभी सरकारी अधिकारियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। हेरात के बाद तालिबान तालिबान के हाथों में चला गया।
तालिबान से लड़ रहे थे जंग
News18 के सूत्रों के अनुसार सभी अधिकारियों को एक अलग जगह ले जाया गया है। हालांकि, तालिबान ने उनकी नजरबंदी और उसके बाद के ठिकाने पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस्माइल खान लगातार तालिबान के खिलाफ जंग लड़ रहे थे और उन्होंने तालिबान को काफी नुकसान पहुंचाया था। लेकिन, हेरात शहर के पतन के बाद गवर्नर समेत इस्माइल खान भी हेरात से निकलना चाहते थे, लेकिन वो शहर से बाहर नहीं निकल पाए। पहले रिपोर्ट आ रही थी कि इस्माइल खान कहीं मिल नहीं रहे हैं, लेकिन बाद में तालिबान की तरफ से कहा गया है कि इस्माइल खान को पकड़ लिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान के लोगों ने गवर्नर हाउस पर कब्जा करने के बाद वहां से अफगानिस्तान का झंडा हटा दिया है और फिर वहां तालिबान का झंडा लगा दिया गया है।

कौन हैं इस्माइल खान
75 साल के हो चुके मोहम्मद इस्माइल खान ने तालिबान के खिलाफ जंग छेड़ दिया था। उन्होंने तालिबान के खिलाफ हाथों में एक-47 उठा लिया था। मोहम्मद इस्माइल खान मुजाहिदीन के पूर्व नेता हैं और जमीयत-ए-इस्लामी पार्टी के वरिष्ठ सदस्य हैं। मोहम्मद इस्माइल खान ने कसम खाई थी कि वो किसी भी हाल में अफगानिस्तान में तालिबान को कब्जा नहीं करने देंगे। मोहम्मद इस्माइल खान की शख्सियत क्या है, इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि 2001 में जब अमेरिकी सेना अफगानिस्तान पर हमला किया था तो सत्ता पर काबिज तालिबान को हटाने के लिए उस वक्त अमेरिकी सेना को भी इस अफगान सरकार की मदद लेनी पड़ी थी।

हजारों लोगों ने थामा था इस्माइल का हाथ
तालिबान के खिलाफ बिगूल फूंकने वाले मोहम्मद इस्माइल खान के साथ हेरात क्षेत्र में हजारों युवाओं ने हाथ में हथियार उठा लिया था और एकसाथ मिलकर इन्होंने तालिबान के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया था। मोहम्मद इस्माइल खान ने कहा था कि वह ईरान सीमा के पास स्थिति हेरात सहित पश्चिमी अफगानिस्तान के कुछ हिस्सों पर नियंत्रण वापस लेने के लिए अफगान बलों के प्रयासों का समर्थन कर रहे हैं। इस्माइल खान अफगानिस्तान के पूर्व मंत्री रह चुके हैं और 2009 में जब उनके ऊपर तालिबान का हमला हुआ था, तो उन्होंने तालिबान के आतंकियों को अकेली ही मुंहतोड़ जवाब दिया था। इस्माइल खान की मदद से ही 2001 में अमेरिकी सेना को तालिबान को गिराने में कामयाबी मिली थी।












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