तालिबान का एक और तानाशाही फरमान, अफगानिस्तान का नाम बदल किया 'इस्लामिक अमीरात'
नई दिल्ली, अगस्त 19। कट्टरपंथी आतंकी संगठन तालिबान ने अफगानिस्तान का नाम बदल दिया है। दरअसल, अफगानिस्तान के 102वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तालिबान ने आधिकारिक तौर पर इस देश 'इस्लामिक अमीरात' घोषित कर दिया है। गुरुवार को तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने इस फैसले के बारे में जानकारी दी। जबीउल्लाह ने बताया कि अफगानिस्तान का नाम बदलकर अब 'इस्लामिक अमीरात' कर दिया गया है।

तालिबानी प्रवक्ता ने ट्वीट कर दी जानकारी
जबीउल्लाह मुजाहिद ने एक ट्वीट में कहा कि तालिबान ने एकबार फिर से अफगानिस्तान के 102वें स्वतंत्रता के मौके पर इस देश को 'इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान' के गठन का फैसला किया है। आपको बता दें कि अफगानिस्तान ने ब्रिटिश शासन से युद्ध कर आजादी हासिल की थी।
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तालिबान के पिछले शासन में आया था इस्लामिक अमीरात शब्द
आपको बता दें कि तालिबान ने 1996-2001 के बीच अपने शासनकाल के दौरान इस नाम को तैयार किया था, लेकिन 2001 में अमेरिकी सैनिकों के द्वारा तालिबान के खदेड़े जाने के बाद 'इस्लामिक अमीरात' को बदलकर अफगानिस्तान कर दिया गया था।
अफगानिस्तान में तालिबान सरकार बनने की दिशा में काम तेज
आपको बता दें कि तालिबान ने जब से अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर कब्जा किया है, तभी से वहां तालिबानी सरकार के गठन की दिशा में तेजी से काम शुरू हो गया है। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी के देश से भाग जाने के बाद उपराष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने खुद 'कार्यवाहक राष्ट्रपति' के रूप में देश पर नियंत्रण का दावा किया है। वहीं तालिबान ने अफगानिस्तान में "समावेशी सरकार" बनाने के लिए अपने परामर्श को तेज कर दिया है। बताया जा रहा है कि मुल्ला अब्दुल गनी बरादर और अनस हक्कानी समेत तालिबान के वरिष्ठ नेता गुरुवार को काबुल पहुंच रहे हैं।
आपको बता दें कि तालिबान के एक वरिष्ठ नेता वहीदुल्लाह हाशिमी ने बताया है कि इस्लामिक अमीरात के गठन के बाद अब इस देश में सत्ता चलाने के लिए तालिबान के प्रमुख नेताओं के एक परिषद बनाया जाएगा। इस परिषद का नेतृत्व तालिबान का सरगना हैबतुल्लाह अखुंदजादा करेगा। इसी के साथ ईरान की तरह ही अफगानिस्तान में भी एक सुप्रीम लीडर का पद होगा।












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