राजधानी काबुल पर तालिबान का हमला, कई हिस्सों पर किया कब्जा, अफगानिस्तान में आखिरी लड़ाई?
जमीन से आ रही रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी कार्यालयों से सुबह सुबह अचानक कर्मचारियों और अधिकारियों को को घर भेजना शुरू कर दिया है। वहीं सरकारी बिल्डिंगों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी घर भेज दिया गया है।
काबुल, अगस्त 15: अफगानिस्तान से मिल रही बड़ी जानकारी के मुताबिक तालिबान ने राजधानी काबुल पर हमला कर दिया है और समाचार एजेंसी एसोसिएट प्रेस ने अफगान अधिकारियों के हवाले से खबर दी है कि राजधानी काबुल के बाहरी हिस्सों पर तालिबान के लड़ाके दाखिल हो गये है। तीन अफगान अधिकारियों ने द एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि तालिबान ने राजधानी काबुल के बाहरी इलाके में प्रवेश कर लिया है। अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्री ने तालिबान के काबुल में घुसने की पुष्टि कर दी है।
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राजधानी काबुल में घुसा तालिबान
अफगानिस्तान सरकार के तीन अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि वे काबुल में तालिबान के घुसने की सूचना जारी करने के लिए अधिकृत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक कोई लड़ाई नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान लड़ाके राजधानी काबुल के कलाकन, काराबाग और पगमान जिलों में दाखिल हो गये हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अभी तालिबान की तरफ से भी आधिकारिक तौर पर काबुल में घुसने की बात नहीं की गई है, लेकिन जमीन से आ रही रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी कार्यालयों से सुबह सुबह अचानक कर्मचारियों और अधिकारियों को को घर भेजना शुरू कर दिया है। वहीं सरकारी बिल्डिंगों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी घर भेज दिया गया है। वहीं, अफगान एयरफोर्स राजधानी काबुल में लगातार मार्च कर रही है।

काबुल पर कब्जे की कोशिश
रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान ने रविवार को देश की केंद्र सरकार के कब्जे वाले काबुल के बाहर अंतिम प्रमुख शहर को जब्त कर लिया है। वहीं, देश का राजधानी काबुल से संपर्क काट दिया गया है। वहीं, रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी दूतावाल के ऊपर हेलीकॉप्टर सुरक्षा में लगे हुए हैं, वहीं रिपोर्ट है कि अमेरिकी अधिकारियों को दूतावास से बाहर निकाला जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान का प्रमुख जलालाबाद शहर पर तालिबान का कब्जा हो चुका है। वहीं अब अफगानिस्तान की केंद्र सरकार के पास देश की 34 में से सिर्फ काबुल काबुल समेत पांच प्रांतीय राजधानियों पर नियंत्रण बचा है। वहीं, अफगानिस्तान सरकार के आंतरिक मंत्री ने तालिबान के राजधानी काबुल में दाखिल होने की पुष्टि कर दी है।

अफगानिस्तान जीतने वाला है तालिबान!
लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार तालिबान के नियंत्रण में अब सभी प्रांतीय राजधानियां, जरंज, शेबरघन, सर-ए-पुल, कुंदुज, तालोकान, अयबक, पुल-ए-खुमरी, फैजाबाद, गजनी, फ़िरस कोह, काला-ए-नव हैं। कंधार, लश्कर गाह, हेरात, पुल-ए-आलम, मजार-ए-शरीफ और जलालाबाद पर भी तालिबान का नियंत्रण है और अब काबुल पर तालिबान का कब्जा होना वक्त की बात रह गई है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राज्य अमेरिका अपने नागरिकों को अफगानिस्तान के अलग अलग शहरों से निकालने के लिए राजधानी काबुल में और अधिक सैनिकों को भेज रहा है। जलालाबाद के पतन ने तालिबान को पाकिस्तान के पेशावर शहर की ओर जाने वाली सड़क का नियंत्रण दे दिया है, जो अफगानिस्तान में मुख्य राजमार्गों में से एक है। वहीं, अमेरिका की तरफ से साफ किया गया है कि काबुल पहुंचने वाले सैनिकों का काम सिर्फ वहां मौजूद अमेरिकन्स को बाहर निकालना है।

सीमा पार भागे सरदार
समाचार एजेंसियों के मुताबिक मजार-ए-शरीफ के दो सरदारों अट्टा मोहम्मद नूर और अब्दुल राशिद दोस्तम ने तालिबान के खिलाफ प्रतिज्ञा ली थी और तालिबान के खिलाफ शहर में पिछले हफ्ते रैलियां भी निकाली गईं थीं। लेकिन अब बताया जा रहा है कि दोनों सरकार जान बचाने के लिए उज्बेकिस्तान भाग चुके हैं और पूरे शहर में तालिबान का झंडा लहरा रहा है। तालिबान के खिलाफ कई दिनों से लड़ाई लड़ने वाली मजार-ए-शरीफ की रहने वाली महिला जिला राज्यपाल सलीमा मजारी ने भी हार मान ली है। उन्होंने पहले आशंका जताई थी कि तालिबान के आते ही महिलाओं को घरों की चाहरदीवारी में कैद कर लिया जाएगाा और तालिबानी शासन में महिलाओं के लिए कोई जगह नहीं होगा। अब सलीमा मजारी भी नाम मात्रा की राज्यपाल रह गई हैं।
काबुल पर तालिबान का बयान
वहीं, राजधानी काबुल में दाखिल होने के बाद तालिबान की तरफ से एक बयान जारी करते हुए कहा गया है कि वो राजधानी काबुल पर जबरदस्ती कब्जा नहीं करना चाहते हैं। उनका प्लान राजधानी काबुल को बंदूक के सहारे कब्जा करने का नहीं है। लेकिन, माना जा रहा है कि आज अफगानिस्तान की राजधानी में भीषण हिंसा होने वाली है।












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