अफगानिस्तान में तीसरी कक्षा के बाद लड़कियों की पढ़ाई पर लगी रोक, तालिबान का एक नया फरमान
तालिबान अधिकारियों ने कथित तौर पर महिला शिक्षा के खिलाफ प्रतिबंधों का नया कानून लाते हुए अफगानिस्तान के कुछ इलाकों में 10 साल से अधिक उम्र की बच्चियों को प्राथमिक विद्यालय की कक्षाओं में पढ़ाई करने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
तालिबान के नए फरमान में कहा गया है कि तीसरी कक्षा के बाद लड़कियों को स्कूल जाने की इजाजत नहीं है। भले ही उनकी उम्र 10 साल से अधिक क्यों न हो।

बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान शासित शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने गजनी प्रांत में स्कूलों के प्रिंसिपलों से कहा, "10 साल से अधिक उम्र की किसी भी लड़की को प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने की अनुमति नहीं है।"
तालिबान इससे पहले महिलाओं के ब्यूटी पार्लरों और नौकरी करने पर भी प्रतिबंध लगा चुका है। तालिबान ने महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस देना भी बंद कर दिया और उनके बुर्के और पुरुष साथियों के बिना देश में टैक्सी की सवारी करने पर प्रतिबंध लगाया है।
पूर्वी अफगानिस्तान में छठी कक्षा की एक छात्रा ने बीबीसी से बात करते हुए कहा कि हमें बताया गया कि लंबी और 10 साल से अधिक उम्र की लड़कियों को स्कूल में प्रवेश की अनुमति नहीं है।
तालिबान के सार्वजनिक मामलों के मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद सादिक अकाफ ने कहा कि हमारी तरफ से प्रशासन ने ऐसा कुछ नहीं किया है और अगर कुछ किया भी गया है तो इसका संबंध शिक्षा मंत्रालय से होगा।
आपको बता दें कि अगस्त 2021 में दोबारा वापसी के बाद तालिबान ने अफगानिस्तान में सितंबर 2021 में लड़कियों को माध्यमिक शिक्षा से प्रतिबंधित कर दिया था। इसके बाद तालिबान ने दिसंबर 2022 में कॉलेज और विश्वविद्यालय जाने वाली महिलाओं पर प्रतिबंध लगा दिया था और हजारों लोगों के लिए विश्वविद्यालय शिक्षा पर हमेशा के लिए लगा दिया था।
अफगानिस्तान की तालिबानी सरकार ने फरवरी में गर्भनिरोधक दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी थी। तालिबानी सरकार का मानना है कि गर्भनिरोधक दवाएं पश्चिमी देशों का मुस्लिम आबादी को रोकने का एक हथकंडा है। इसके एक महीने के बाद तालिबान ने तलाकशुदा महिलाओं को पूर्व पति के साथ रहने का फरमान जारी किया था।












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