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सबसे ताकतवर नेता जिनपिंग को क्‍यों लग रहा है ताइवान की इस बॉस लेडी से डर, कोरोना वायरस महामारी के बीच बनीं सबसे बड़ी चुनौती

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ताइपे। साइ इंग वेन, एक ऐसी बॉस लेडी जो अब खुद को सबसे ताकतवर समझने वाले चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग को आने वाले बुरे सपनों की वजह बन गई हैं। आने वाले समय में अगर दुनिया की ताकतवर महिला नेताओं की बात होगी तो उसमें ताइवान की राष्‍ट्रपति साइ इंग वेन का नाम शायद सबसे ऊपर होगा। 20 मई को वह दूसरी बार ताइवान की सत्‍ता संभालेंगी। इस बार वह ऐसे समय में ताइवान की कमान अपने हाथ में ले रही हैं जब चारों ओर कोरोना वायरस की वजह से त्राहि-त्राहि मची हुई है।

यह भी पढ़ें-WHO में नहीं होगा ताइवान, चीन पर लगा बड़ा आरोप

ताइवान की पहली महिला राष्‍ट्रपति

ताइवान की पहली महिला राष्‍ट्रपति

63 साल की साइ इंग वेन 20 मई 2016 में पहली बार ताइवान की राष्‍ट्रपति बनीं थी। इस देश की राष्‍ट्रपति बनने वाली वह पहली महिला हैं। साइ, ताइवान के हक्‍का वंश की हैं। वह एक अमीर परिवार से आती हैं। उन्‍होंने राजधानी ताइपे से सन् 1978 में कानून की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वह न्‍यूयॉर्क के कॉर्नेल यूनिवर्सिटी गई और फिर लंदन स्‍कूल ऑफ इकोनॉमिक्‍स से उन्‍होंने कानून की पढ़ाई में पहले मास्‍टर्स किया और फिर डॉक्‍टरेट की डिग्री मिली। इसके बाद वह ताइवान लौट आईं और साल 2000 तक ताइपे की अलग-अलग यूनिवर्सिटीज में पढाती रहीं। फिर उन्‍होंने राजनीति में कदम रखा।

WHO के खिलाफ सुबूत हैं ताइवान के पास!

WHO के खिलाफ सुबूत हैं ताइवान के पास!

यह बात गौर करने वाली है कि ताइवान में ऐसे समय में इंग वेन सत्‍ता संभालने जा रही हैं जब उनके पड़ोसी देश पर कई तरह के इल्‍जाम लग रहे हैं। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के मुताबिक देश में कोरोना वायरस के बस 440 केस सामने आए और महामारी से सात लोगों की जान गई। जबकि इससे सटे चीन में 84,000 केसेज और 4600 मौतें दर्ज हुईं। साल 2009 से 2016 तक ताइवान ने डब्‍लूएचओ एसेंबली (डब्‍लूएचओ) में नॉन-वोटर ऑब्‍जर्वर के तौर पर शिरकत की थी। ताइवान फरवरी माह से ही चीन और विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (डब्‍लूएचओ) पर आक्रामक है। ताइवान के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने पिछले दिनों वह ई-मेल सार्वजनिक किया था, जो डब्‍लूएचओ को भेजा गया था। इस मेल में ताइवान की सरकार ने डब्‍लूएचओ को बताया था कि चीन में एक अजीब सा न्‍यूमोनिया फैल रहा है। अब ताइवान ने भी डब्‍लूएचओ से कहा है कि उसे ईमानदारी बरतने की जरूरत है।

जिनपिंग को नहीं थी उनके लौटने की उम्‍मीद

जिनपिंग को नहीं थी उनके लौटने की उम्‍मीद

राष्‍ट्रपति बनते ही उन्‍होंने चीन को चुनौती देना शुरू कर दिया था। इस वर्ष जब जनवरी में ताइवान में चुनाव होने थे तो जिनपिंग को उम्‍मीद थी कि शायद अब इंग सत्‍ता में नहीं लौटेंगी। लेकिन साइ विशाल जनमत संग्रह के साथ चुनाव जीता और अब दोबारा सत्‍ता में हैं। हाल ही में ट्विटर पर उनके एक मिलियन फॉलोअर हुए हैं। वह दशकों के बाद ताइवान की एक ऐसी नेता के तौर पर सामने आ रही हैं जो चीन के वर्चस्‍व को चैलेंज कर रही हैं। जब उनका पहला कार्यकाल शुरू हुआ तो उन्‍होंने चीन के खिलाफ मजबूती से खड़े होने और ताइवान के लोकतंत्र की रक्षा करने का प्रण लिया था।

साइ के रहते पूरा नहीं हो सकता एक सपना

साइ के रहते पूरा नहीं हो सकता एक सपना

चीन हमेशा से कहता आया है कि वह मिलिट्री का प्रयोग करके ताइवान को अपने अधिकार में ले सकता है। 15 जनवरी 2020 को पेशे से टीचर रहीं साइ इंग वेन जब ने दोबारा चुनाव जीता तो उन्‍होंने चीन को स्‍पष्‍ट संदेश दिया। उन्‍होंने कड़ा बयान दिया और कहा, 'हमें उम्‍मीद है कि चीन इस बात को पूरी तरह से समझता है और ताइवान के लोगों ने चुनावों में जो उम्‍मीद दिखाई है, उसे मानेगा।' उन्‍होंने चीन को साफ संदेश दिया था कि वह अपनी वर्तमान नीतियों को फिर से देखे। चीनी राष्‍ट्रपति जिनपिंग ने सपना देखा है कि साल 2049 तक ताइवान, चीन उनके देश की सीमा में आ जाएगा। फिलहाल साइ के रहते उनका यह सपना पूरा होते नहीं दिख रहा है।

राष्‍ट्रपति को चीन मानता है अलगाववादी नेता

राष्‍ट्रपति को चीन मानता है अलगाववादी नेता

चीन, साइ इंग वेन को एक अलगाववादी मानता है और राष्‍ट्रपति वेन ने हमेशा ही उसके आरोपों से साफ इनकार कर दिया है। साइ इंग वेन के सत्‍ता में होने की वजह से जिनपिंग का वह मंसूबा कभी पूरा नहीं हो सकता है जिसमें वह ताइवान को चीन में मिलाने की ख्‍वाहिश पाले हुए हैं। पिछले दिनों ताइवान ने दावा किया कि चीनी एयरफोर्स के Y-8 एयरक्राफ्ट ने कुछ पलों के लिए ताइवान के एयरस्‍पेस का उल्‍लंघन किया। इसके बाद ताइवान के जेट्स की तरफ से चीन को वॉर्निंग दी गई थी। Y-8 जिसे चीन ऑपरेट करता है वह एक ट्रांसपोर्ट, अर्ली वॉर्निंग और इलेक्‍ट्रॉनिक वॉरफेयर एयरक्राफ्ट है। ताइवान ने चीनी मिलिट्री ड्रिल को भड़काने वाला कदम करार दिया था। साथ ही उसने चीन को आगाह किया था कि वह अभी अपना ध्‍यान कोरोना वायरस महामारी से निबटने पर लगाए न कि ताइवान के साथ छेड़छाड़ करने में।

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English summary
The Boss Lady: Tsai Ing Wen President of Taiwan giving tough challenge to Chinese President Xi Jingping amid coronavirus.
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