चीन की धमकी बेअसर, अमेरिका के स्पीकर से मिलीं ताईवान की राष्ट्रपति
अमेरिका के स्पीकर ने ताईवान की राष्ट्रपति से न्यूयॉर्क में मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच मुलाकात चीन की धमकी के बीच हुई है। दोनों देशों के नेताओं ने आपसी सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया।

ताईवान की राष्ट्रपति साई इंग वेन ने अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव मैकार्थी से बुधवार को कैलिफोर्निया में मुलाकात की। बता दें कि पहली ताईवान के राष्ट्रपति ने अमेरिका के हाउस स्पीकर से अमेरिका में मुलाकात की है। दोनों ही नेताओं ने एक दूसरे से हाथ मिलाया।
अहम बात यह है कि चीन की धमकी को दरकिनार करते हुए ताईवान की राष्ट्रपति ने अमेरिकी स्पीकर से मुलाकात की। न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार चीन की वन चायना पॉलिसी को वॉशिंगटन ने मान्यता तो दी है, लेकिन वह इसको प्रसारित नहीं कर रहा है।
मुलाकात के बाद कार्थी ने ट्वीट करके लिखा, अमेरिका और ताईवान के लोगों के बीच की दोस्ती इतनी मजबूत कभी नहीं रही। यह मेरे लिए सम्मान की बात है कि मैं ताईवान की राष्ट्रपति का स्वागत कर रहा हूं। ताईवान सफल लोकतंत्र है, बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है, स्वास्थ्य और विज्ञान के क्षेत्र में ग्लोबल लीडर है। हमारा सहयोग संवाद के जरिए आगे हमेशा बना रहेगा।
कैलिफोर्निया स्थित रोनाल्ड रीगन प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी में मीडिया को संबोधित करते हुए ताईवान की राष्ट्रपति ने कहा कि लोकतंत्र खतरे में है। आज के समय में यह कोई रहस्य नहीं है कि हमने लोकतंत्र को बनाए रखाने के लिए जो शांति बनाई उसे बनाए रखने में हमे कई मुश्किल चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
हम एक बार फिर से खुद को एक ऐसी दुनिया में देख रहे हैं जहां पर लोकतंत्र खतरे में है, स्वतंत्रता की मशाल को चमकदार बनाए रखने की सख्त जरूरत है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
गौर करने वाली बात है कि ताईवान की राष्ट्रपति ने अमेरिकी सांसद से यह दूसरी मुलाकात की है. इससे पहले नैंसी पेलोसी ताईवान पहुंची थीं, उन्होंने ताईवान की राष्ट्रपति से ताईवान में मुलाकात की थी। अमेरिका में ताईवान की राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान अमेरिकी स्पीकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच दोस्ती स्वतंत्र दुनिया के लिए काफी अहम है। आर्थिक आजादी, शांति, क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण है।
वहीं अमेरिका और ताईवान के नेताओं के बीच मुलाकात पर चीन की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया आई है। चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से बयान जारी करके कहा गया कि साई और मैकार्थी ने हमारी चेतावनी के बावजूद मुलाकात की है। अमेरिकी अधिकारी अलगाववादियों को स्वतंत्र ताईवान की मांग को बढ़ाने के लिए मंच मुहैया करा रहे हैं। यह पूरी तरह से चीन की वन चायना सिद्धांत का उल्लंघन है।












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