Tahawwur Rana: तहव्वुर राणा से पाकिस्तान ने झाड़ा पल्ला, पहचाने से किया इनकार, कहा- वो कनाडाई नागरिक
Tahawwur Rana: मुंबई 26/11 धमाकों के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा (Tahawwur Rana) के भारत प्रत्यर्पण के बाद पाकिस्तान की तरफ से पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। पाकिस्तान ने तहव्वुर राणा से पल्ला झाड़ते हुए उसे 'पहचाने तक से साफ इनकार' कर दिया है।
पाकिस्तान ने तहव्वुर राणा (Tahawwur Rana) से किनारा करते हुए साफ़ कहा है कि राणा 'कनाडाई नागरिक' है और उसने वर्षों से अपने पाकिस्तानी दस्तावेजों का नवीनीकरण नहीं कराया है। न्यूज़ एजेंसी एएनआई की खबर के मुताबिक, पाकिस्तान मूल के कनाडाई नागरिक तहव्वुर राणा को अमेरिकी अदालत पहले ही दोषी ठहरा चुकी है।

तहव्वुर राणा पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LET) की मदद करने और 26/11 मुंबई हमलों में संलिप्त समूह को भौतिक सहयोग देने के गंभीर आरोप हैं। इन हमलों में 174 से ज़्यादा लोगों की जान गई थी। तहव्वुर हुसैन राणा को अब भारत प्रत्यर्पित किया जा रहा है। यह देश के लिए एक बड़ी कूटनीतिक सफलता मानी जा रही है।
तहव्वुर राणा कनाडाई नागिरक
इस बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता शफकत अली खान ने पाक मीडिया से बात करते हुए कहा, 'राणा पिछले दो दशकों से पाकिस्तानी दस्तावेज़ों का नवीनीकरण नहीं कराया। उसकी नागरिकता को लेकर स्थिति स्पष्ट है और वह कनाडाई नागरिक है।' इस बीच भारत की जांच एजेंसी NIA ने भी पुष्टि की है कि राणा के भारत पहुंचते ही उसे हिरासत में ले लिया जाएगा।
अमेरिका से मिला समर्थन
अमेरिका के विदेश मंत्री ने 11 फरवरी को राणा को भारत प्रत्यर्पित करने के लिए आत्मसमर्पण वारंट पर हस्ताक्षर किए थे। हालांकि, तहव्वुर राणा के वकीलों ने उस आदेश के खिलाफ रोक की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसे 7 अप्रैल को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया।
इस फैसले के बाद भारत सरकार के लिए राणा को वापस लाने का रास्ता साफ हो गया है। भारत कई वर्षों से उसके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा था।
एनआईए की जांच और कानूनी कार्यवाही
एनआईए ने 11 नवंबर 2009 को इस मामले में केस दर्ज किया था। इसके तहत तहव्वुर राणा और डेविड कोलमैन हेडली (उर्फ दाऊद गिलानी) समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया। जांच के बाद 24 दिसंबर 2011 को विशेष एनआईए अदालत, पटियाला हाउस, नई दिल्ली में सभी 9 आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धाराओं 120बी, 121, 121ए, 302, 468, 471 और यूएपीए की धाराओं 16, 18 और 20 के तहत आरोपपत्र दाखिल किया गया।
क्या बोले एनआईए अधिकारी?
एनआईए ने जानकारी दी कि राणा और हेडली दोनों को अमेरिकी एजेंसियों ने गिरफ़्तार किया था। राणा के प्रत्यर्पण के लिए भेजा गया अनुरोध अब अंतिम चरण में है। पाकिस्तान को भी इस केस में सहायता के लिए अनुरोध पत्र भेजा गया है, जिसके उत्तर का अभी इंतजार है। तहव्वुर राणा का भारत प्रत्यर्पण 26/11 के पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए न्याय की ओर एक बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है।
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