सीरिया में सुतली बम साबित हुई राष्ट्रपति असद की सेना, जानिए सिर्फ एक हफ्ते में विद्रोहियों ने कैसे जीता जंग?
Syria War: लाखों लोगों को मरवाने वाले, अपने ही देश के नागरिकों पर रासायनिक हथियार गिराने वाले और लाखों लोगों को अपने घरों से भागने पर मजबूर करने वाले राष्ट्रपति बशर अल-असद, जिनका परिवार पिछले 50 सालों से देश पर शासन कर रहा था, उसका पतन हो गया है।
लेकिन, अब देश पर जिन लोगों ने कब्जा किया है, वो अलकायदा और ISIS से संबंध रखने वाले लोग हैं। हालांकि, सीरिया की राजधानी दमिस्क में सड़कों पर जश्न मनाया जा रहा है, लेकिन फिलहाल सीरिया में हुए सत्ता परिवर्तन को कमबोश इसी तरह से देख सकते हैं, जैसे अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा हुआ था।

बिना लड़े ही हार गई असद की सेना!
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सीरिया के रणनीतिक शहर होम्स में घुसने के कुछ घंटों बाद ही विद्रोही लड़ाकों ने कहा, कि उन्होंने रविवार को दमिश्क के दरवाजे तोड़ दिए हैं और शहर में प्रवेश करना शुरू कर दिया है। दो वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने बतायास कि सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद भी विमान में सवार होकर किसी अज्ञात स्थान के लिए रवाना हो गए हैं।
वार ऑब्जर्वर्स के मुताबिक, राजधानी दमिश्क के आसपास विद्रोहियों की गतिविधियां तब शुरू हुईं, जब सीरियाई सेना देश के दक्षिणी हिस्से से हट गई, जिससे कई प्रांतीय राजधानियों सहित कई क्षेत्र विपक्षी लड़ाकों के तत्काल नियंत्रण में आ गए।
आतंकवादी समूह हयात तहरीर अल-शाम (HTS) ने शनिवार को कहा, कि उसने इराक, जॉर्डन और लेबनान की सीमा से लगे देश के सबसे बड़े प्रांत होम्स पर कब्जा कर लिया है। HTS के वरिष्ठ कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल हसन अब्दुल-गनी ने घोषणा की थी, "दमिश्क के पूरे ग्रामीण इलाकों को आजाद कराने के लिए हमारे अभियान जारी हैं, और हमारी नजर राजधानी पर केंद्रित है।" समूह ने यह भी दावा किया था, कि उसने अपने ब्लिट्जक्रेग अभियान के तहत 24 घंटे के भीतर ही स्वेदा, कुनेत्रा और दारा पर कब्ज़ा कर लिया है।

होम्स पर विद्रोहियों ने कैसे किया कब्जा?
विद्रोहियों ने रविवार को घोषणा की थी, कि उन्होंने एक दिन की भीषण लड़ाई के बाद होम्स पर कब्जा कर लिया है। हजारों निवासी कथित तौर पर जश्न मनाते हुए सड़कों पर उतर आए, असद विरोधी नारे लगाए और राष्ट्रपति के पोस्टर फाड़ दिए। विद्रोही लड़ाकों ने खुशी में हवा में गोलियां चलाईं, जो सालों की असफलताओं के बाद विपक्ष की प्रतीकात्मक वापसी का प्रतीक है।
HTS के नेता अबू मोहम्मद अल-गोलानी ने जीत को "ऐतिहासिक" बताया और लड़ाकों से आत्मसमर्पण करने वाली सेनाओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने के लिए कहा। होम्स के पतन से दमिश्क और तटीय क्षेत्र के बीच महत्वपूर्ण आपूर्ति मार्ग कट गए, जो असद के अलावी संप्रदाय का गढ़ है और रूसी सैन्य ठिकानों का घर है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यूक्रेन युद्ध में फंसे रूस के लिए सीरिया में अपनी सेना को भेजना संभव नहीं था। हालांकि, रूसी एयरफोर्स ने अलेप्पो शहर पर कुछ हवाई हमले जरूर किए, लेकिन उसके लिए पूरी तरह से युद्ध में शामल होना संभव नहीं था। वहीं, इजराइल के साथ संघर्ष में उलझे ईरान के लिए भी सीरिया युद्ध में शामिल होना संभव नहीं था और इजराइल के साथ लड़ते-लड़ते अपंग हो चुके हिज्बुल्लाह के लिए सीरिया की सरकारी सेना को मदद करना असंभव बन गया था और इसी का फायदा विद्रोही बलों ने उठाया।

राजधानी की जेलों में बंद कैदी छुड़ाए गये
राजधानी दमिश्क पर कब्जा करने के बाद विद्रोहियों ने सेदनाया जेल से बंदियों को रिहा कर दिया है, जो असद के शासन के दौरान गंभीर मानवाधिकार हनन के लिए कुख्यात है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने सेदनाया को "मानव वधशाला" के रूप में वर्णित किया है, जहां 2011 में सीरियाई संघर्ष शुरू होने के बाद से हजारों राजनीतिक कैदियों को प्रताड़ित किया गया है या मार दिया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति के भागने की खबर मिलते ही राजधानी दमिश्क में सेना ने लड़ना बंद कर दिया और उनके हथियार डालते ही विद्रोहियों के लिए राजधानी का रास्ता खुल गया।
वहीं, प्रधानमंत्री ने भी विद्रोही गुटों से बात करने के बाद राजधानी को अराजकता से बचाने के लिए देश छोड़ने से इनकार कर दिया और उन्होंने कहा, कि 'नया शासन स्थापित होने तक वो इस बात को सुनिश्चित करेंगे, कि तमाम संस्थान सही तरीके से काम करे।'
वहीं, सीरियाई विद्रोही बलों ने 'किसी से बदला नहीं लेने का ऐलान' किया है। उसने कहा है, कि "नया सीरिया" "शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व" का स्थान होगा, जहां न्याय की जीत होगी और सभी सीरियाई लोगों की गरिमा सुरक्षित रहेगी। विद्रोहियों ने एक बयान में कहा है, कि "हम अतीत के अंधेरे पन्नों को पलट रहे हैं और भविष्य के लिए एक नया क्षितिज खोल रहे हैं।" HTS प्रमुख अल-जुलानी सहित विपक्षी नेताओं ने हाल के हफ्तों में इस बात पर जोर दिया है, कि उनका उद्देश्य सभी सीरियाई लोगों के लिए एक राज्य का निर्माण करना है, ताकि सांप्रदायिकता और समूह के अल-कायदा से पिछले संबंधों के बारे में चिंताओं को दूर किया जा सके।
इस बीच, ब्रिटेन स्थित सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स की रिपोर्ट है, कि कई सीरियाई सेना और सुरक्षाकर्मी संभवतः बाहर निकलने का रास्ता तलाशते हुए दमिश्क अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर पीछे हट रहे हैं।
विद्रोहियों के सीरिया पर कब्जे का मतलब
विद्रोहियों के सीरिया पर कब्जे से पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है और पड़ोसी देशों को और अधिक अस्थिरता की आशंका है। व वहीं, राष्ट्रपति असद की सेना के एक हफ्ते में ही हथियार डालने के बाद असद शासन की कमजोरी जगजाहिर हो गई है, जो अभी तक हिज्बुल्लाह, ईरान और रूस के समर्थन से चल रहा था।
दमिश्क में स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है, शहर के केंद्र में गोलीबारी की खबरें हैं और कई जिलों में असद शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। जैसे-जैसे विद्रोही नियंत्रण मजबूत करने के करीब पहुंच रहे हैं, आने वाले दिन सीरिया के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।












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