सीरिया युद्ध: सीरियाई मिलिट्री बेस पर हुए हमले के बाद 4 देशों में छिड़ी जंग
मास्को। सीरिया में शनिवार (7 अप्रैल) शाम को हुए केमिकल अटैक के 24 घंटों के भीतर ही सीरियाई मिलिट्री एयर बेस को भी निशाना बनाया गया है। इस अटैक के बाद सीरिया ने अमेरिका को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है, वहीं रूस ने कहा है इजरायल ने एयर बेस को निशाना बनाया है। रूस मिलिट्री ने दावा किया है कि इजरायल के दो लड़ाकू विमान F-15 ने रविवार को सीरियाई एयर बेस पर अटैक किया है। रूस के डिफेंस मिनिस्ट्री ने कहा है कि सीरिया पर अटैक करने के लिए इजरायली लड़ाकू विमनों ने लेबनान एयर स्पेस से उड़ान भरी थी। रूस ने कहा कि इजरायल ने आठ मिसाइल दागी, जिसमें से सीरियाई डिफेंस सिस्टम ने 5 को ध्वस्त कर दिया।

रूस के इन आरोपों का इजरायल मिलिट्री स्पोक्सपर्सन ने बयान देने से इनकार किया है। इससे पहले सीरियाई मीडिया ने आरोप लगाया था कि सोमवार को हुए मिसाइल अटैक के लिए अमेरिका जिम्मेदार है। सीरिया के पल्माइरा शहर के निकट मिलिट्री एयर बेस पर हुए हमले में ईरानी नागिरक समेत 14 लोगों की मौत हुई थी।
वहीं, सीरियाई मीडिया के आरोपों को पेंटागन ने खंडन करते हुए कहा है कि उन्होंने सीरिया के T-4 एयर बेस पर किसी भी प्रकार का अटैक नहीं किया है। सीरिया के मिलिट्री एयर बेस पर हुए अटैक के बाद बड़ी तादाद में रूसी सैनिकों की खड़ा किया गया है।
वहीं दूसरी ओर एक बार फिर सीरिया में केमिकल अटैक के बाद पश्चिमी देशों ने रूस और बशर-अल-असद सरकार के खिलाफ मौर्चा खोल दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने केमिकल अटैक के लिए गुनहगारों को गंभीर खामियाजा भुगतने की धमकी दी है। वहीं, ब्रिटेन इसे असद सरकार की क्रूरता बताया है। केमिकल अटैक के बाद यूएन सिक्योरिटी काउंसिल ने सोमवार को तत्काल मीटिंग बुलाई है।
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