स्वीडन में PM मेग्डालेना एंडरसन ने दिया इस्तीफा, बनी दक्षिणपंथी गठबंधन सरकार
स्टॉकहोम, 15 सितंबरः स्वीडन की सोशल डेमोक्रेट नेता मैग्डालेना एंडरसन ने गुरुवार को संसद अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया। मैग्डालेना ने कहा कि रविवार के चुनाव परिणाम सामने आने के बाद वह अपने पद से इस्तीफा दे रही हैं। रविवार को आए चुनाव परिणाम में एंडरसन के सेंटर-लेफ्ट गठबंधन को बहुमत नहीं मिला है। यह गठबंधन दक्षिणपंथी गठबंधन से बहुत कम अंतर से पीछे रह गया है। इसे देखते हुए एंडरसन ने अपनी हार स्वीकार की और पीएम पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है।

सबसे बड़ी पार्टी होने के बाद भी जीत से दूर
मैग्डालेना एंडरसन बीते साल के आखिरी दिन स्वीडन की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी थीं। उन्होंने बुधवार रात प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि 'इस चुनाव परिणाम ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी मध्य-वाम गठबंधन ने सत्ता खो दी है, जबकि चार दलों के दक्षिणपंथी गुट, जिसमें स्वीडन डेमोक्रेट शामिल हैं, ने मामूली अंतर से बहुमत हासिल कर लिया है। उन्होंने निराशा जताते हुए कहा कि सबसे बड़ी पार्टी होने और सबसे अधिक सबसे अधिक 30 फीसदी मत हासिल करने के बाद भी वे सरकार बनाने से दूर रह गई हैं।

मामूली अंतर से पिछड़ी सोशल डेमोक्रेट
इस चुनाव में मैग्डालेना की पार्टी सबसे बड़ी पार्टी रही। उनकी पार्टी सोशल डेमोक्रेट को 107 सीटें हासिल हुईं। वहीं उनकी विपक्षी पार्टी स्वीडन डेमोक्रेट्स को 73 सीटें मिली हैं। तीसरे नंबर पर मॉडरेट पार्टी है जिसे 68 सीटें आईं हैं। 349 सीटों वाले संसद में सरकार बनाने के लिए दक्षिणपंथी गठबंधन को 175 सीटें चाहिए। इसमें 176 सीटों के साथ दक्षिणपंथी ब्लॉक सबसे आगे है, जबकि रिक्सडैग और एंडर्सन की सेंटर लेफ्ट ब्लॉक 173 सीटों पर जीत हासिल कर मामूली अंतर से पिछड़ चुका है।

दक्षिणपंथी गठबंधन की बनेगी सरकार
मैग्डालेना एंडरसन ने कहा, ऐसा प्रतीत होता है कि चार दक्षिणपंथी दलों को चुनाव में केवल 50 फीसदी वोट मिला है। चार दलों को मिलाकर हासिल हुआ यह बहुमत बेहद मामूली है लेकिन चूंकि जनता का यही आदेश है और यह बहुमत है तो मैं इसे स्वीकार करती हूं। बतादें कि स्वीडन डेमोक्रेट्स, मॉडरेट पार्टी, क्रिश्चियन डेमोक्रेट्स और लिबरल के बीच कोई औपचारिक समझौता नहीं है कि वे एक साथ कैसे शासन करेंगे, हालांकि सेंटर और दक्षिणपंथी दलों ने कहा है कि वे मंत्री पद नहीं लेंगे। बतादें कि स्वीडन में प्रधानमंत्री बनने के लिए संसद में बहुमत की जरूरत नहीं होती, बशर्ते बहुमत के आंकड़े के बराबर सांसद किसी कैंडिडेट का विरोध न हो।

दूसरे नंबर की पार्टी नहीं बनाएगी सरकार
हालांकि, चार दलों के दक्षिणपंथी गुट में से प्रधानमंत्री पद की रेस में सबसे आगे तीसरे नंबर की पार्टी मॉडरेट पार्टी के नेता उल्फ़ क्रिस्टर्सन हैं। इस पार्टी से 5 सीटें ज्यादा हासिल करने वाली पार्टी स्वीडन डेमोक्रेट्स है। लेकिन चूंकि इस पार्टी के नेता जिमी एक्सन सरकार का नेतृत्व करने के लिए सभी चार दलों को एकजुट करने में असमर्थ हैं। ऐसे में तीसरे नंबर की पार्टी के नेता उल्फ को सरकार बनाने की जिम्मेदारी मिली है। उल्फ क्रिस्टर्सन ने फेसबुक पर लिखा है, मैं अब एक नई और मजबूत सरकार बनाने का काम शुरू करने जा रहा हूं।

उल्फ क्रिसटेरसन बनाएंगे सरकार
क्रिसटेरसन ने कहा कि वह सरकार का गठन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि वह स्थायी सरकार बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार हैं। वहीं दूसरे नंबर की पार्टी स्वीडन डेमोक्रेट्स के नेता जिमी एक्सन ने कहा, "हमारे पास पर्याप्त रूप से विफल सामाजिक लोकतांत्रिक नीतियां हैं जो आठ वर्षों तक देश को गलत दिशा में ले जाती रही हैं। अब सुरक्षा, कल्याण और एकता का पुनर्निर्माण शुरू करने का समय आ गया है। अब स्वीडन को पहले रखने का समय आ गया है।"
Sweden Democrats not so distant past. Oscar Sjöstedt, top Sweden Democrat and spokesperson for their economic programme is here seen making and laughing at anti-Semitic jokes. I post this for all of you outside of Sweden who aren’t so familiar with Sweden Democrats. pic.twitter.com/xa0WPGESvO
— Helen Lindberg (@_HelenLindberg_) September 15, 2022
स्वीडन में राइटविंग सरकार बनने से हलचलें तेज
बता दें कि स्वीडन में दक्षिणपंथी सरकार बनने से देश में हलचल तेज हो गयी है। दक्षिपंथी पार्टी मुस्लिम विरोधी मानी जाती हैं और उनका लक्ष्य गैर-यूरोपीय देशों से आप्रवासन को रोकना है। बीते चुनाव में यह पार्टी की राजनीति का एक केंद्रीय मुद्दा रहा था और इस गठबंधन के जीतने की वजह भी इसी नीति को बताया जा रहा है। आपको बतादें कि 25 सितंबर को एक अन्य यूरोपीय देश इटली में भी चुनाव होने जा रहा है। यहां भी दक्षिणपंथी पार्टी की सरकार बनने की प्रबल संभावना है।












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