नेपाल में Sushila Karki बनीं पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री, जानें किस जाति से रखती हैं ताल्लुक?
Sushila Karki Take Nepal Interim PM Oath: नेपाल की राजनीति में ऐतिहासिक मोड़ आ गया है। GenZ युवाओं की बगावत ने भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया बैन के खिलाफ जो तूफान खड़ा किया, उसके बाद अब सत्ता की कमान पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की के हाथों में आ चुकी है। 9 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद, राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने शुक्रवार (12 सितंबर 2025) को सुशीला कार्की को पहली महिला कार्यकारी प्रमुख नियुक्त किया। यह जानकारी काठमांडू पोस्ट ने पुष्ट की है।
शीतल निवास में आयोजित एक समारोह में नवनियुक्त प्रधानमंत्री सुशीला कार्की को गोपनीयता की शपथ दिलाई। सरकार को छह महीने के भीतर चुनाव कराने का निर्देश दिया गया है। इससे पहले रेस में काठमांडू के मेयर बालेन शाह और कुलमन घीसिंग नाम भी उभर कर सामने आए थे, लेकिन सुशीला ने सभी को पीछे छोड़ दिया। अब ऐसे में सभी के जहन में यह सवाल उठ रहा है कि सुशीला कार्की किस जाति से ताल्लुख रखती हैं? आइए जानते हैं....

जेन-जेड क्रांति का अंत? ओली का इस्तीफा और सुशीला कार्की का उदय
8 सितंबर 2025 को काठमांडू के मैतीघर मंडला में शुरू हुए प्रदर्शन सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ थे। युवाओं ने संसद भवन पर हमला किया, आगजनी की, और नेताओं के घरों को निशाना बनाया। 19 मौतें 8 सितंबर 2025 को हुईं, और 9 सितंबर को 15 और जुड़ गईं - कुल 34 मौतें। 300 से ज्यादा घायल हुए, जिनमें छात्र, पत्रकार, और पुलिसकर्मी शामिल हैं। काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, नेशनल ट्रॉमा सेंटर में 8, एवरेस्ट हॉस्पिटल में 3, और सिविल हॉस्पिटल में 3 मौतें हुईं।
ओली सरकार ने बैन हटाया, लेकिन देर हो चुकी थी। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के 21 सांसदों और 4 मंत्रियों (रमेश लेखक, राम नाथ अधिकारी, प्रदीप पौडेल, प्रदीप यादव) के इस्तीफे ने सरकार को ढहा दिया। सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिगडेल ने ओली से इस्तीफा मांगा। ओली ने दुबई भागने की कोशिश की, लेकिन सेना ने रोका। अब, जेन-जेड युवाओं ने सुशीला कार्की को अंतरिम PM चुना - Discord पर वोटिंग से नाम तय हुआ। सुशीला ने प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। राष्ट्रपति पौडेल ने सहमति दी, और शीतल निवास में स्वागत की तैयारियां शुरू हो गईं।

Who Is Sushila Karki: कौन हैं सुशीला कार्की?
सुशीला कार्की, जिनका जन्म 7 जून 1952 को विराटनगर में हुआ, नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश हैं। BHU (वाराणसी) से कानून की पढ़ाई करने वाली सुशीला 11 जुलाई 2016 को CJ बनीं। उनके कार्यकाल में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस रहा - उन्होंने मंत्री जयप्रकाश गुप्ता को जेल भेजा, लोकमान सिंह कार्की को हटाया, और महिलाओं को नागरिकता अधिकार दिए। 2017 में संसद ने महाभियोग चलाने की कोशिश की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने बहाल किया। जेन-जेड ने सुशीला को चुना क्योंकि वो निडर, ईमानदार, और राजनीतिक दलों से दूर हैं।
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Sushila Karki Caste: किस जाति से रखती हैं ताल्लुक?
दरअसल, कार्की लोग उत्तराखंड में राजपूत जाति से संबंध रखते हैं। हालांकि, कहीं-कहीं इस जाति के ब्राह्मण होने का भी दावा किया जा रहा है। इससे पहले पीएम रहे, केपी शर्मा ओली भी इसी जाति से ताल्लुख रखते थे।
34 मौतों का साया: क्रांति की कीमत, अब सुधार का समय
प्रदर्शन में 34 मौतें हुईं - काठमांडू में 17, पोखरा में 5, इटहरी में 4, और अन्य शहरों में बाकी। सुशीला के नेतृत्व में अब भ्रष्टाचार जांच, सोशल मीडिया नियम, और चुनाव पर फोकस होगा। युवा अब सफाई अभियान चला रहे हैं - क्रांति के बाद निर्माण का समय।
सुशीला कार्की के हाथों में सत्ता की कमान आने वाली है - जेन-जेड क्रांति ने 34 मौतों की कीमत पर ओली को हटाया। सवाल ये है - क्या सुशीला नेपाल को नई दिशा देंगी? कमेंट बॉक्स में बताएं अपनी राय...
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