Sunita Williams से पहले किसने लंबा वक्त स्पेस में बिताया? 7 हजार पृथ्वी के चक्कर काट 14 माह बाद धरती पर लौटे
Sunita Williams News: नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर अप्रत्याशित रूप से लंबे समय तक रहने के बाद आखिरकार पृथ्वी पर वापस लौट आईं हैं। सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मोर 286 दिनों यानी 9 महीने तक स्पेस में फंसे रहे। 19 मार्च को भारतीय वक्त के अनुसार, तड़के 3 बजकर 27 मिनट पर SpaceX के Dragon कैप्सूल के जरिए फ्लोरिडा के तट पर लैंड कराया गया।
अंतरिक्ष में 9 महीने बिताना किसी भी अंतरिक्ष यात्री के लिए एक बड़ी चुनौती होती है, लेकिन एक व्यक्ति ने इस रिकॉर्ड को और भी आगे बढ़ा दिया। रूसी अंतरिक्ष यात्री वैलेरी पोल्याकोव (Valeri Polyakov) ने लगातार 437 दिन (करीब 14 महीने) अंतरिक्ष में बिताए, जो अब तक का सबसे लंबा एकल अंतरिक्ष मिशन है।

वैलेरी पोल्याकोव का ऐतिहासिक मिशन
8 जनवरी 1994 से 22 मार्च 1995 तक, उन्होंने मीर अंतरिक्ष स्टेशन पर रहते हुए पृथ्वी की 7,000 से अधिक परिक्रमा की। उनके इस मिशन का मुख्य उद्देश्य यह जानना था कि लंबी अवधि तक अंतरिक्ष में रहने से मानव शरीर और मानसिक स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है। उन्होंने खुद को यह साबित करने के लिए तैयार किया कि मंगल ग्रह जैसी लंबी यात्रा करने वाले यात्री मानसिक रूप से स्थिर रह सकते हैं। 14 महीने की यात्रा के बाद भी उनकी संज्ञानात्मक कार्यक्षमता (cognitive function) पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा।
अंतरिक्ष से वापसी पर क्या हुआ?
आमतौर पर अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी पर लौटने के बाद इतने कमजोर होते हैं कि उन्हें कैप्सूल से निकालकर स्ट्रेचर पर ले जाया जाता है। लेकिन पोल्याकोव ने मदद लेने से इनकार कर दिया और खुद बाहर निकले। यह दर्शाता है कि मानव शरीर को माइक्रोग्रैविटी में लंबे समय तक रहने के बावजूद मजबूत बनाए रखा जा सकता है।
वैलेरी पोल्याकोव का योगदान
उनका शोध अंतरिक्ष यात्रा को लंबी अवधि तक संभव बनाने में बेहद मूल्यवान साबित हुआ। उन्होंने यह साबित किया कि लंबी दूरी की अंतरिक्ष यात्राएं, जैसे मंगल ग्रह की यात्रा, पूरी तरह संभव हैं। उनके मिशन से प्राप्त डेटा का उपयोग अंतरिक्ष यात्रियों की फिटनेस, हड्डियों की मजबूती और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए किया जाता है।
पोल्याकोव का जीवन और उपलब्धियां
पोल्याकोव का जन्म 1942 में मास्को के तुला शहर में हुआ था। पहले वे चिकित्सक बने और बाद में अंतरिक्ष यात्री के रूप में प्रशिक्षण लिया। उनका पहला अंतरिक्ष मिशन 1988 में था, जहां उन्होंने 8 महीने बिताए। 80 वर्ष की उम्र में उनका निधन हुआ, लेकिन उनकी उपलब्धियां आज भी प्रेरणा बनी हुई हैं।
वैलेरी पोल्याकोव का 437 दिनों का ऐतिहासिक मिशन आज भी सबसे लंबी अंतरिक्ष यात्रा का रिकॉर्ड बनाए हुए है। उनकी उपलब्धियों ने मानवता को गहरे अंतरिक्ष मिशनों के लिए तैयार करने में मदद की और मंगल ग्रह तक इंसानों को भेजने के सपने को वास्तविकता में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।












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