रिसर्च: हाइड्रोजन ऊर्जा खत्म होने के बाद 'लाल दानव' बनेगा सूर्य, पृथ्वी समेत इन ग्रहों को निगलेगा
नई दिल्ली: सूर्य की संरचना बहुत ही जटिल है, जिसको कुछ हद तक इंसानों ने समझ लिया है। ये परमाणु भौतिकी के सिद्धांत पर काम करता है, जिसके जरिए पृथ्वी पर जीवन संभव हो पाया, लेकिन एक बड़ा सवाल ये है कि क्या हमेशा हमारा सूरज ऐसे चमकता रहेगा? क्या कभी ऐसा दिन भी आएगा जब सूर्य के अंदर का सारा हाइड्रोजन ईंधन खत्म हो जाएगा? वैज्ञानिकों ने लंबी रिसर्च के बाद इससे जुड़े सवालों के जवाब दिए हैं।

'लाल दानव' बनेगा सूर्य
रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल जर्नल में प्रकाशित एक रिसर्च के मुताबिक एक वक्त ऐसा जरूर आएगा, जब सूर्य की सारी ऊर्जा खत्म हो जाएगी। इसके बाद वो एक 'लाल दानव' बन जाएगा। साथ ही वो अपनी जीवनदायिनी शक्तियों को खो देगा। आखिर में वो सौरमंडल के अपने साथी ग्रहों को निगलना शुरू कर देगा। अनुमान के मुताबिक सूर्य आंतरिक ग्रहों बुध और शुक्र को पहले निगलेगा। इसके बाद शायद वो पृथ्वी को अपनी चपेट में ले।

ग्रह निगलने से बढ़ेगी चमक
शोधकर्ताओं ने एक नए अध्ययन में ये खुलासा भी किया कि जब किसी ग्रह को एक विस्तारित तारे द्वारा निगल लिया जाता है तो उस पर कार्य करने वाली ताकतें होती हैं। शोधकर्ताओं ने एक थ्री डायमेंशनल हाइड्रोडायनामिक सिमुलेशन का प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने पाया कि जब कोई सूर्य अपने साथी ग्रहों को निगल लेता है, तो उसकी चमक हजारों साल के लिए बढ़ सकती है। ये उस ग्रह के द्रव्यमान और विकास चरण पर निर्भर करता है।

ऊर्जा होती है ट्रांसफर
कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में मुख्य लेखक रिकार्डो यारजा के मुताबिक जैसे ही ग्रह तारे (सूर्य) के अंदर यात्रा शुरू करता है, वैसे ही उसकी ऊर्जा ट्रांसफर होने लगती है। यारजा के मुताबिक विकसित तारा अपने ग्रह से सैकड़ों या हजारों गुना बड़ा हो सकता है। ऐसे में सिमुलेशन में इसको सटीक तरह से दिखाना कठिन है।

कितनी है सूर्य की आयु?
वहीं यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने हाल ही में खुलासा किया था कि सूर्य की आयु अभी 4.57 अरब साल है और वो वर्तमान में अपने मध्य युग में है यानी उसका आधे से ज्यादा जीवन अभी बचा है। ऐसे में ऊपर जो संभावनाएं जताई गई हैं, वो करीब 5 अरब साल बाद होंगी। इसके बाद सूर्य की सतह का तापमान कम होने लगेगा।












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