SCO Summit : शी जिनपिंग और पीएम मोदी की नहीं होगी मुलाकात! जानें बड़ी वजह
बता दें कि, एसीसीओ की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, मध्य एशियाई गणराज्य के नेताओं और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री उपस्थित रहेंगे।
बीजिंग/नई दिल्ली, 26 जुलाई : कोरोना महामारी के प्रकोप ने चीन और भारत के दो दिग्गज नेताओं को मिलने से रोक रहा है। खबर है कि शंघाई सहयोग संगठन- एससीओ (SCO) शिखर सम्मेलन (SCO Summit) में राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी की कम ही संभावना दिख रही है। क्योंकि,चीन राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने वाले सभी लोगों को कोरोना का सख्त नियम पालन करना पड़ेगा, जिसमें कोरोना परीक्षण, क्वारंटाइन प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। वहीं दूसरी तरफ 15-16 सितंबर को आयोजित होने वाले एससीओ की बैठक में सख्त चीनी कोविड प्रोटोकॉल लागू किए जाने पर संशय की स्थिति बनी हुई है। मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक,अगर एससीओ की बैठक में चीन की कोविड नीतिओं को पालन नहीं किया जाएगा तो शी जिनपिंग बैठक में वर्चुअल तौर पर शामिल हो सकते हैं।

बैठक में शामिल नहीं होंगे शी!
इसका मतलब यह है कि एससीओ शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीनी राष्ट्रपति के साथ आमने-सामने बैठक होने की संभावना बहुत कम है क्योंकि भारत इस साल उज्बेकिस्तान से बहुपक्षीय संगठन की अध्यक्षता संभाल रहा है। ता दें कि, जब शी जिनपिंग हांगकांग की यात्रा पर गए थे, तब राष्ट्रपति शी से मिलने के लिए वहां के एक विधायक को क्वारंटाइन में रहना पड़ा था। जब शी हांकांग की यात्रा पर थे उस वक्त भी चीन कोरोना की चपेट में था। इसलिए राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने से पहले कोविड-19 प्रक्रिया सो लोगों को गुजरना पड़ा था।

शी से मिलने के लिए कोविड नियमों का होता है पालन
दूसरी तरफ, इंडोनेशियाई राष्ट्रपति जोको विडोडो आज दो साल में शी जिनपिंग से मिलने वाले पहले नेता बन जाएंगे। चीन जाने से पूर्व राष्ट्रपति जोको विडोड को भी कोरोना परीक्षण से गुजरना पड़ा। इंडोनेशिया वर्तमान में जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है और निरंकुश चीन और लोकतांत्रिक दुनिया दोनों के साथ रणनीतिक रूप से स्थित द्वीप राष्ट्र को लुभाने के साथ इंडो-पैसिफिक का एक प्रमुख खिलाड़ी भी है।

कैसे होगी मुलाकात, नियमों का करना होगा पालन
खबर के मुताबिक, जब तक एससीओ बैठक में शामिल होने वाले राजनेताओं के लिए चीन के कोविड नियमों का पालन करने का नियम नहीं बनाता है तब तक राष्ट्रपति शी के शिखर सम्मेलन में भाग लेने की संभावना दूर-दूर तक दिखाई नहीं देती है। ऐसी स्थिति में पीएम मोदी और अन्य नेताओं की चीनी राष्ट्रपति से मुलाकात की संभावना कम ही दिख रही है।

एससीओ की बैठक
बता दें कि, एसीसीओ की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, मध्य एशियाई गणराज्य के नेताओं और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री उपस्थित रहेंगे। वहीं शी जिनपिंग के बैठक में शामिल होने की संभावना काफी कम होती दिख रही है।

वर्चुअल तरीके से शामिल होंगे
वहीं राजनयिक सूत्रों के मुताबिक, चीनी विदेश मंत्री वांग यी 28-29 जुलाई को समरकंद में एससीओ के विदेश मंत्रीस्तरीय सम्मेलन में भाग लेंगे। वे सम्मेलन से इतर भारतीय समकक्ष एस जयशंकर से भी मुलाकात कर सकते हैं। वहीं राष्ट्रपति शी जिनपिंग एससीओ शिखर सम्मेलन में वर्चुअल तौर पर उपस्थित रहेंगे जिसमें कुछ चीन के अधिकारी भी शामिल होंगे।












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