दलाई लामा के अरुणाचल पहुंचने पर चीन का गुस्सा सांतवें आसमान पर, कहा भारत तुरंत रोके दौरा
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा है कि चीन मांग करते हैं कि भारतीय पक्ष को तुरंत अपने गलत कामों को रोकना होगा और संवेदनशील मुद्दों को ज्यादा तवज्जो नहीं देनी चाहिए।
बीजिंग। दलाई लामा के अरुणाचल दौरे से चीन का गुस्सा सांतवें आसमान पर है और चीन ने भारत से कहा है कि वह तुरंत इस दौरे को बीच में रोके। चीन ने कहा है कि अपनी जिद में आकर भारत ने दलाई लामा को इस विवादित क्षेत्र का दौरा करने की मंजूरी दी और अब भारत ने चीन के साथ अपने रिश्तों को खतरे में डाल दिया है।

भारत ने खतरे में डाले संबंध
81 वर्षीय दलाई लामा मंगलवार को अरुणाचल प्रदेश पहुंचे हैं और इस हिस्से को चीन 'साउथ तिब्बत' बताकर इस पर अपना हक जताता है। दलाई लामा एक हफ्ते तक अरुणाचल प्रदेश में रुकेंगे। इस बीच चीन ने भारत के राजदूत को बुलाकर उनसे इस दौर का विरोध जताया है। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा है, 'हम मांग करते हैं कि भारतीय पक्ष को तुरंत अपने गलत कामों को रोकना होगा और संवेदनशील मुद्दों को ज्यादा तवज्जो नहीं देनी चाहिए और साथ ही भारत और चीन के संबंधों में सुरक्षित तरक्की के लिए कुछ मजबूत कदम उठाने होंगे।' चीन ने भारत के उस बयान को भी खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि यह दौरान सिर्फ एक धार्मिक दौरा है और विदेश मंत्रालय ने कहा कि किसी को भी भरोसा नहीं है कि दलाई लामा इस विवादित क्षेत्र का दौरा सिर्फ धार्मिक वजहों से कर रहे हैं। हुआ ने कहा, 'भारत 14वें दलाई लामा के रोल से बखूबी वाकिफ है। उनके दौरे का इंतजाम करना और वह भी इस विवादित हिस्से में न सिर्फ तिब्बत के लिए भारत की ओर से दिए गए वादे का उल्लंघन है बल्कि वह सीमा के इलाके में विवाद को और बढ़ाएगा।'
चीन दर्ज कराएगा विरोध
चीन ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर भारत के सामने अपना विरोध दर्ज कराएगा। भारत ने न सिर्फ दलाई लामा को यहां पर जाने की मंजूरी दी बल्कि उसने चीन की चिंताओं को भी दरकिनार किया है। हुआ की बातों से साफ है कि दलाई लामा के दौरे से भारत और चीन के बीच सीमा विवाद काफी गंभीर मसला होना है। चीन इस बार दलाई लामा के दौरे को लेकर काफी सतर्क है। इस बार दलाई लामा के साथ केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू भी हैं तो अरुणाचल प्रदेश के तवांग से ही सांसद हैं। दलाई लामा ने आठ वर्ष पहले भी तवांग का दौरा किया था और उस समय भी चीन इतना नाराज हुआ था। हुआ ने कहा कि चीन, भारत और किसी भी देश के आतंरिक मसलों में हस्तक्षेप नहीं करता है लेकिन दलाई लामा का दौरा एक विवादित क्षेत्र में है और भारत को यह बात नहीं भूलनी चाहिए।












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