मंगल ग्रह पर अपने आप खिसक रहे थे विशाल पत्थर, अब वैज्ञानिकों ने सुलझाया रहस्य
नई दिल्ली, 25 जनवरी: चंद्रमा के बाद वैज्ञानिकों की नजर अब मंगल ग्रह पर है, जिसको लेकर कई बड़े रिसर्च प्रोजेक्ट चल रहे हैं। पिछले साल नासा ने लाल ग्रह पर खोज के लिए विशेष यान भेजा था, जिससे नई-नई जानकारियां सामने आ रही हैं। इसके अलावा मंगल ग्रह पर कुछ पत्थर अपनी जगह से खिसके हुए मिले थे, जिसका रहस्य अब वैज्ञानिकों ने सुलझा लिया है।

शांत ग्रह है मंगल
दरअसल मंगल को डॉर्मेंट ग्रह कहा जाता है। इसका मतलब है कि वो शांत या सोया हुआ है। हाल ही में हुई एक रिसर्च से पता चला कि कुछ बड़े पत्थर वहां पर मूवमेंट कर रहे हैं, यानि वो अपनी जगह से खिसक गए। वैसे वैज्ञानिक इस रहस्यमयी घटनाओं को देखकर हैरान थे, लेकिन अब इसके बारे में विस्तार से जानकारी इकट्ठा कर ली गई है।

2006 में ली गई थी फोटो
रिपोर्ट्स के मुताबिक पत्थरों का साइज बहुत बड़ा था, उनके खिसकने से पता चला कि मंगल पर भी भूकंप आते हैं। वैज्ञानिकों ने बताया कि उनकी ओर से मार्स प्रोग्राम हाइराज के जरिए 2006 में कुछ फोटोज ली गई थीं। उससे मंगल ग्रह की धूल में कुछ ऐसे निशान मिले, जिससे पता चला कि पत्थरों की मूवमेंट हुई है। ये पत्थर इतने बड़े थे कि जब वो हिले तो पीछे रगड़ का निशान छोड़ते गए।

धूल की वजह से नहीं मिली थी जानकारी
आपको बता दें कि 1997 में नासा ने वाइकिंग नाम का मिशन लॉन्च किया था। इसका मकसद मंगल पर भूकंप जैसी गतिविधियों का पता लगाना था। उस मिशन में पहली बार एक स्पेसक्रॉफ्ट को मंगल की सतह पर उतारा गया, लेकिन वहां पर इतनी धूल थी कि कुछ पता नहीं चल पाया, लेकिन इन तस्वीरों में रगड़ के निशान को देखकर साफ हो गया है कि वहां पर भी भौगोलिक गतिविधियां हो रही हैं। वहीं पृथ्वी पर जैसे भूकंप को अर्थक्वेक कहा जाता है, वैसे ही मंगल के भूकंप को मार्सक्वेक नाम दिया गया है।












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