Stone Age Comet : 50,000 साल बाद पृथ्वी के करीब आ रहा 'पाषाण युग वाला धूमकेतु', जानिए घटना का रहस्य

पृथ्वी के करीब आ रहा हरे रंग का धूमकेतु उस वक्त गुजरा था जब निएंडरथल मौजूद थे। ये Comet पृथ्वी और चंद्रमा की औसत दूरी से लगभग 109 गुना अधिक दूर से गुजरेगा।

Stone Age comet

Stone Age Comet : अंतरिक्ष में होने वाली कई घटनाएं कौतूहल का विषय रही हैं। अब एक ऐसी घटना हो जा रही है जो इससे पहले मानव जाति के पूर्वज माने जाने वाले आदिमानव निएंडरथल के समय हुई थी। ये खगोालीय घटना (Astronomical Event) एक धूमकेतू के गति कि वजह से हो रही है, जो 50,000 साल बाद पृथ्वी से निकट से गुजरने वाला है। इससे पहले हरे रंग का धूमकेतु (Green Comet) पाषाण युग में हमारे ग्रह के करीब से गुजरा था।

260 लाख मील दूर से गुजरेगा

260 लाख मील दूर से गुजरेगा

धूमकेतु C/2022 E3 (ZTF) 2 फरवरी को पृथ्वी के सबसे करीब होगा। ये करीब 26 मिलियन मील दूर से गुजरेगा। खगोलविदों के एक अनुमाना के अनुसार ये घटना यह 50,000 वर्ष बाद हो रही है। इससे पहले ऐसा ही एक धूमकेतु उस वक्त पृथ्वी के करीब से गुजरा था, जब निएंडरथल मौजूद थे। इसके बाद मानव जाति अफ्रीका छोड़कर एशिया और यूरोप में बस गए थे। नासा ने एक बयान में कहा है कि इस धूमकेतु को दूरबीन के साथ स्पॉट करना आसान होगा।

धीमी गति से करता है परिक्रमा

धीमी गति से करता है परिक्रमा

खगोलविदों ने मार्च 2022 में C/2022 E3 (ZTF) नाम के बर्फ के एक गोले धूमकेतु की खोज की थी। साइंटिट्स् के मुताबिक ये धूमकेतु सूर्य की परिक्रमा करने में एक लंबा समय लेता है। हजारों वर्षों में ये अपनी कक्षा में परिक्रमा पूरा करता है। नासा के वैज्ञानिकों ने कहा कि पिछली बार जब यह धूमकेतु पृथ्वी के करीब से गुजरा था तब वर्तमान का स्पेस साइंस अस्तित्व में नहीं था।

बर्फ के गोले जैसा हरा धूमकेतु

बर्फ के गोले जैसा हरा धूमकेतु

नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी के अनुसार एक हरा धूमकेतु पृथ्वी के पास से गुजरने वाला है। यह जनवरी के अंत और फरवरी की शुरुआत में आसमान में दिखाई दे सकता है। ये बर्फ के एक गोले जैसा है। साइंटिस्ट्स ने कहा है कि ये comet पहली बार देखा जा रहा है। इसे पहले उन्होंने स्पेस में ऐसा धूमकेतु कभी नहीं देखा।

कॉमेट की मौजूदगी देगी संकेत

कॉमेट की मौजूदगी देगी संकेत

नासा के रॉयल ऑब्जर्वेटरी ग्रीनविच की स्पेस साइंटिस्ट जेसिका ली के अनुसार, ये घटना कम से कम 50,000 वर्षों बाद होने वाली खगोलीय घटना है। उन्होंने एक बयान में कहा कि कुछ भविष्यवाणियों से पता चलता है कि इस धूमकेतु की कक्षा बेहद अजीब है। यह अब कक्षा में नहीं है। इसलिए इसका पृथ्वी के करीब से गुजना संभव है। जब ये हमारे ग्रह के नजदीक से गुजरेगा तो ऐसा साइंटिस्ट्स का मानना है कि उस वक्त आसमान का कलर भी बदला हुआ देखाई दे सकता है। इसके संकेत 21 जनवरी से मिल सकते हैं। काला काला आसमान धूमकेतु C/2022 E3 (ZTF) की मौजूदगी का एहसास करा सकता है।

पाषाग युग में हुई थी घटना

पाषाग युग में हुई थी घटना

सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करने वाला ग्रह लंबे समय बाद अब धरती के नजदीक से गुजरने वाला है। ये हरे रंग का धूमकेतु रात के वक्त अभी से आकाश में देखा जा सकता है। खगोलविदों ने इसका नाम C/2022 E3 (ZTF) रखा है। अमेरिकी स्पेस एजेंसी ने धूमकेतु को ये नाम दिया है। इससे पहले ये घटना पाषाण युग यानी करीब 50,000 साल पहले हुई थी।

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