श्रीलंका में पूर्व पीएम महिंदा राजपक्षे और उनके 16 सहियोगियों के देश छोड़ने पर रोक, वजह जान लीजिए
श्रीलंका में कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के देश छोड़ने पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने उनके 16 अन्य सहयोगियों पर भी श्रीलंका से बाहर जाने पर रोक लगा दी है।
कोलंबो, 12 मईः सबसे बड़े राजनीतिक-आर्थिक संकट का सामना कर रहे श्रीलंका में कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के देश छोड़ने पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने उनके 16 अन्य सहयोगियों पर भी श्रीलंका से बाहर जाने पर रोक लगा दी है। इस लिस्ट में महिंदा राजपक्षे के बेटे और पूर्व मंत्री नमल राजपक्षे भी शामिल हैं।

ये 17 लोग हैं शामिल
श्रीलंका के पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे और उनके बेटे के अलावा इस लिस्ट में सांसद जॉनसन फर्नांडो, पवित्रा वन्नीराचची, संजीवा इदिरिमाने, कंचना जयरत्ने, रोहिता अबेगुनावर्धना, सीबी रत्नायके, संपत अतुकोराला, रेणुका परेरा, सनत निशांत, वरिष्ठ डीआईजी देशबंधु तेन्नेकून व अन्य शामिल हैं।

अटार्नी जनरल ने दिया ये तर्क
इससे पहले अटार्नी जनरल ने कोर्ट से इन 17 लोगों को देश छोड़ने पर रोक लगाने का अनुरोध किया था। अटार्नी जनरल ने तर्क दिया कि गोटागोगामा और माइनागोगाम स्थल पर हुए हमले की जांच के सिलसिले में इनकी उपस्थिति जरूरी है। उन्होंने शक जाहिर करते हुए कहा था कि इन हमलों के तार इन लोगों से जुड़े हुए हैं। इस हमले में उन्हें षड़यंत्र की बू नजर आ रही है।

सोमवार को भड़की थी हिंसा
बतादें कि सोमवार को महिंदा राजपक्षे के समर्थकों द्वारा, शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर किए गए हमले के बाद पूरे देश में हिंसा भड़क गई थी। प्रदर्शनकारी देश में आर्थिक संकट, खाद्यान्न की कमी के मद्देनजर राजपक्षे परिवार के नेतृत्व वाली सरकार से इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

त्रिंकोमाली में ठहरे हुए हैं राजपक्षे
महिंदा राजपक्षे के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद भी जनता का गुस्सा शांत नहीं हुआ था और प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री आवास टेंपल ट्री में घुस कर आगजनी की थी। इससे बाद एक विशेष हेलीकॉप्टर से पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे और उनके परिवार को श्रीलंका के उत्तरी पूर्वी भाग स्थित त्रिंकोमाली में एक नौसेना बेस लाया गया था। तब से उन्होंने वहीं पर शरण ली रखी है। ऐसी खबर है कि जनता ने इस बेस को भी घेर रखा है।












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