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भारत से अपने लोगों को वापस बुलाएगा श्रीलंका, जानिए कितने शरणार्थियों को देश ने दिया है आश्रय

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कोलंबो, 05 सितंबरः श्रीलंका में नए राष्ट्रपति के पद संभालने के बाद हालात को नियंत्रण में लाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में श्रीलंकाई सरकार ने भारत से शरणार्थियों को वापस लाने के लिए समिति का गठन किया है। राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के कार्यालय ने सोमवार को श्रीलंकाई शरणार्थियों की वापसी की सुविधा के लिए एक समिति नियुक्त की, जो विशेष रूप से 26 साल लंबे जातीय संघर्ष के दौरान भारत भाग गए थे।

तस्वीर- फाइल

भारत में रह रहे 58,000 से अधिक शरणार्थी

भारत में रह रहे 58,000 से अधिक शरणार्थी

सोमवार को राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा दिए गए एक बयान के मुताबिक वर्तमान में 58000 से अधिक श्रीलंकाई शरणार्थी तमिलनाडु में रह रहे हैं। इनमें से मात्र 3,800 शरणार्थियों ने स्वदेश लौटने की इच्छा जताई है। चेन्नई में श्रीलंका के उप उच्चायुक्त कार्यालय इस कदम का समन्वय कर रहा है, जबकि श्रीलंका के आव्रजन और उत्प्रवास विभाग, न्याय मंत्रालय, विदेश मामलों के मंत्रालय और रजिस्ट्रार जनरल के विभाग के अधिकारी समिति में हैं।

भारत में रह रहे 58 हजार से अधिक श्रीलंका शरणार्थी

भारत में रह रहे 58 हजार से अधिक श्रीलंका शरणार्थी

वहीं, भारत के गृह मंत्रालय के रिकॉर्ड के अनुसार, 2021 तक, 58,843 श्रीलंकाई तमिलनाडु के 108, ओडिशा के 54 शरणार्थी शिविरों में रह रहे हैं। हालंकि, लगभग 34,135 लंकाई शरणार्थी थे, जो राज्य के अधिकारियों के साथ पंजीकृत थे, शिविरों के बाहर रह रहे थे। इसके अलावा देश में 72,312 तिब्बती शरणार्थी हैं। लंबित प्रत्यावर्तन और मानवीय आधार पर इन्हें आवश्यक राहत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। सरकार के मुताबिक जुलाई 1983 से 31 दिसंबर 2020 तक इन पर केंद्र द्वारा 1,154 करोड़ खर्च किए गए थे।

श्रीलंका संग भारत के घनिष्ठ संबंध

श्रीलंका संग भारत के घनिष्ठ संबंध

गृह मंत्रालय के मुताबिक मार्च 1995 से अब तक 99,496 शरणार्थियों को श्रीलंका प्रत्यावर्तित किया जा चुका है। द्वीप राष्ट्र में चल रहे वित्तीय संकट को सहन करने में असमर्थ, उत्तरी श्रीलंका से बड़ी संख्या में तमिल भी हाल ही में तमिलनाडु के लिए रवाना हुए थे। वर्षों से ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों के साथ, श्रीलंका और भारत में तमिल घनिष्ठ संबंध बनाए हुए हैं।

श्रीलंका में हालात सही होने में लगेगा वक्त

श्रीलंका में हालात सही होने में लगेगा वक्त

जानकारों के मुताबिक श्रीलंका में गत महीनों आई आर्थिक मंदी से अभी देश को उबरने में समय लगेगा। हालांकि विश्व बैंक व आइएमएफ समेत कई देशों ने श्रीलंका को इस हालात से बाहर लाने के लिए मदद कर रहे हैं। श्रीलंका में आए संकट के दौरान भारत हर तरह से उसकी मदद को तैयार रहा है। भारत ने इस दौरान भाई की भूमिका निभाते हुए निःस्वार्थ मदद की है और अनाज-पानी व दवा से लेकर आर्थिक मदद भी की है।

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English summary
Sri Lanka will call back its people from India, appoints committee for repatriation of refugees
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