विदेशी मामलों में भी पड़ रहा श्रीलंका के आर्थिक संकट का असर, कई देशों के दूतावास बंद
नई दिल्ली, 5 अप्रैल: भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। वहां पर चल रहे आर्थिक संकट का असर अब उसके विदेशी संबंधों पर भी दिखने लगा है। मंगलवार को श्रीलंका की सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया, जिसके तहत नॉर्वे की राजधानी ओस्लो, इराक की राजधानी बगदाद और ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में श्रीलंकाई दूतावास को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया। इसके लिए वहां के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को विस्तृत आदेश भी जारी किया।

वैसे तो श्रीलंका ने इसके पीछे की साफ वजह नहीं बताई, लेकिन विदेश मंत्रालय ने कहा कि उनका देश राजनयिक प्रतिनिधित्व का सामान्य पुनर्गठन कर रहा है। इसी वजह से कुछ दूतावासों को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया गया। अब स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में मौजूद श्रीलंका के राजदूत को नॉर्वे के राजदूत के रूप में मान्यता दी जाएगी। इसके अलावा UAE की राजधानी आबू धाबी में मौजूद राजदूत को इराक के राजदूत के तौर पर माना जाएगा। सिडनी का दूतावास बंद होने के बाद अब उससे जुड़े कामकाज ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा में मौजूद श्रीलंकाई उच्चायोग देखेगा।
विदेशी मुद्रा भंडार खत्म
श्रीलंका के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। जिस वजह से वहां की मुद्रा डॉलर के मुकाबले 300 के पार चली गई है। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वहां की हालत कितनी ज्यादा खराब है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक श्रीलंका का विदेशी मुद्रा भंडार पूरी तरह से खत्म हो चुका है और अब सरकार के अल्पमत में आने के बाद स्थिति ज्यादा बिगड़ सकती है। इससे पहले राष्ट्रपति गोतबया राजपक्षे ने देश की तमाम विपक्षी पार्टियों को सरकार में शामिल होने का न्योता दिया था और मिलकर इस संकट से बाहर निकलने की अपील की थी, लेकिन विपक्ष ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। ऐसे में आने वाले दिन श्रीलंका के लिए काफी ज्यादा चुनौती भरे रहेंगे।












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