• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

अंतरराष्‍ट्रीय दबाव के आगे झुके श्रीलंका के राष्‍ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना, 10 दिनों में शुरू करेंगे संसद

|

कोलंबो। श्रीलंका के राष्‍ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना अंतराराष्‍ट्रीय दबाव के आगे झुक गए हैं। सिरीसेना ने ऐलान किया है कि वह 10 दिनों के अंदर फिर से संसद का निलंबन खत्‍म करेंगे। सिरीसेना ने 26 अक्‍टूबर को रानिल विक्रमसिंघे को प्रधानमंत्री पद से हटाने के बाद संसद बंद कर दी थी। इसके साथ ही उन्‍होंने पूर्व राष्‍ट्रपति महिंदा राजपक्षे को प्रधानमंत्री नियुक्‍त कर दिया था। सिरीसेना ने रविवार को इस बात का ऐलान किया है। उन्‍होंने यह बात मानी है कि अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा है कि वह संसद को दोबारा खोलें और नेतृत्‍व के संघर्ष का समाधान करें।

mahinda-rajapaksa-sri-lanka

यूनाइटेड नेशंस ने कहा समस्‍या का हो जल्‍द समाधान

शुक्रवार को सिरीसेना ने संसद के स्‍पीकर से वादा किया था कि वह बुधवार को सभा बुलाएंगे। विक्रमसिंघे को 25 अक्‍टूबर को उनके पद से हटा दिया था। इसके साथ ही उन्‍होंने संसद भी बंद कर दी थी। हालांकि विक्रमसिंघे का कहना था कि वह अभी तक प्रधानमंत्री हैं और इसके साथ ही उन्‍होंने अपना पद छोड़ने से मना कर दिया था। विक्रमसिंघे ने मांग की थी कि संसद में बहुमत साबित करने के लिए वोटिंग कराई जाए। संसद बंद करने की वजह से वोटिंग नहीं हो पाई। श्रीलंका की संसद में 225 सदस्‍य हैं। यूनाइटेड नेशंस की ओर से अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय की तर्ज पर ही श्रीलंका से मांग की है कि संसद को फिर से शुरू कर विक्रमसिंघे और राजपक्षे के बीच जारी संघर्ष को खत्‍म किया जाए।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Sri Lanka President Maithripala Sirisena to lift parliament suspension in 10 days.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more